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शिव शंकर माता पार्वती का सवारी देने का मंत्र जाप शिव परिवार की पूर्ण कृपा पाने का सिद्ध शाबर मंत्र watch on youtube channel sunny nath 9891595270

शिवजी का जाप

ॐ ॐ ॐ शिव पार्वती शिव धरती आकाश पिंड प्राण आपके पास ॐ नमः शिवाय ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए माता पार्वती एवं भोलेनाथ जी का सिद्ध शाबर मंत्र लेकर आया जो लोग भोलेनाथ एवं माता पार्वती जी की सेवा करना चाहते हैं वह लोग इस मंत्र का जाप कर सकते हैं कोई भी साधना करने के लिए गुरु का होना बहुत ही जरूरी होता है अगर किसी व्यक्ति का गुरु नहीं है तो वह ऐसी कोई साधन नहीं कर सकता आप मेरे नंबर 9891595270 पर वॉट्सअप करके साधना कर सकते हो आप लोग सनी नाथ युटुब चैनल जरूर देखें और गुरु गोरखनाथ यूट्यूब चैनल जरूर देखें रुद्राक्ष की माला के ऊपर सवा महीने में सवा लाख का जाप करना है और शिवलिंग की सेवा करनी है ब्रह्मचर्य का पालन करना है साधना का कोई भी नियम नहीं तोड़ना आप लोग यह मंत्र का जब मेरे से 2550 की अरदास लगवा कर भी कर सकते हो आदेश रैश जय गुरु गोरखनाथ ।


शिवरात्रि पर करें यह सिद्ध जब एक ही दिन में शिव भगवान की होगी कृपा दृष्टि SHIV RATRI PAR YAH MANTRA SIDH SHIVRATRI PAR HI HOTA



सतनाम आदेश गुरु जी को आदेश आदेश 
ॐ गुरु जी शून्य की माया शून्य में 
ॐ कार सिद्धों संतो भोलेनाथ
महाराज को नमस्कार ॐ नमः शिवाय ।



आदेश आदेश जय गुरु गरखनाथ शिवरात्रि पर भोलेनाथ जी के अपार कृपादृष्टि पानीके लिए करेंगे मंत्र जाप रुद्राक्षकी माला के ऊपर चार पैरकी पूजा करे गुरु कृपा दृष्टि में ही मंत्र का प्रयोग करें एक ही दिन में यह प्रयोग कार्य करने लग जाता है सनी नाथ युटुब चैनल गुरु गोरखनाथ यूट्यूब चैनल को जरूर देखें और भोलेनाथ को मिठाई का भोग जरूर लगाए रुद्र अभिषेक जरूर करें और फिर जो मंत्र दिया गया है उसे मंत्र का उच्चारण आप लोग चार पहर में जरूरकरें मुहूर्तमें ही मंत्र का प्रयोग करें मंत्र प्रमाणित है गुरुमुखी मंत्र है और ज्यादा जानकारी के लिए मेरी वेबसाइट को अच्छे से पढ़े ।

शिव जी का गुरु मंत्र जाप करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जा सकता है:

 शिव जी का गुरु मंत्र जाप करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जा सकता है:


1. **ध्यान स्थापना**: सबसे पहले, एक शांत और ताजगी भरे स्थान पर बैठें। ध्यान लगाने के लिए, अपने आत्मा को शुद्ध करें और शिव जी की आवाज़ को अपने मन में सुनें। 


2. **मंत्र उच्चारण**: अब, शिव जी के गुरु मंत्र "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें। इस मंत्र को ध्यान से, ध्वनि के साथ, और प्रेम से उच्चारित करें। 


3. **माला का उपयोग**: अगर संभव हो, तो एक माला का उपयोग करें। माला के माध्यम से मंत्र का जाप करने से ध्यान का स्तर उच्च होता है और मन का एकाग्रता में मदद मिलती है।


4. **निष्काम भाव से**: मंत्र का जाप करते समय, निष्काम भाव से करें। यानी कि फल की चिंता किए बिना, सिर्फ शिव जी के प्रति भक्ति और समर्पण में लगे रहें।


5. **ध्यान और समाप्ति**: मंत्र जाप के बाद, कुछ समय शांति और ध्यान में बिताएं। इसके बाद, अपने मन की स्थिति को अनुभव करें और ध्यान से बाहर आएं।


ध्यान रखें कि शिव जी के मंत्र का जाप करने के लिए सटीक तकनीक किसी भी सिद्ध गुरु या ध्यान शिक्षक से सीखना बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मार्गदर्शन में आपको सटीक और प्रभावी तरीके से मंत्र जाप करने की शिक्षा मिलेगी।




"Lord of Shiva" is a phrase that could be interpreted in a couple of different ways, depending on the context. Let's break it down:

 "Lord of Shiva" is a phrase that could be interpreted in a couple of different ways, depending on the context. Let's break it down:


1. **Religious Context**: In Hinduism, Lord Shiva is one of the principal deities, often referred to as the destroyer and transformer within the Trimurti, the Hindu trinity that includes Brahma (the creator) and Vishnu (the preserver). Shiva is worshipped by millions of Hindus worldwide and is considered the supreme being by many Shaiva traditions. In this context, "Lord of Shiva" could refer to a figure or concept that holds authority or mastery over Shiva himself, although this would be unusual within Hindu theology.


2. **Literary or Artistic Context**: In literature or art, "Lord of Shiva" could be a title or epithet given to a character or entity that embodies characteristics associated with Shiva, such as destruction, regeneration, asceticism, or divine power. This could be a fictional character, a mythological figure, or a representation of abstract concepts.


Without more context, it's difficult to pinpoint exactly what you're referring to. Could you please provide more details or clarify your question?


Certainly! A mantra is a sacred utterance, word, or phrase in Hinduism, Buddhism, and other religions. Mantras are believed to have spiritual powers and are often repeated for meditation, prayer, or to invoke a particular deity. One of the most well-known mantras associated with Lord Shiva is the "Om Namah Shivaya" mantra.


**Om Namah Shivaya** (ॐ नमः शिवाय) is a powerful mantra dedicated to Lord Shiva. It is a simple yet profound chant that is believed to bring inner peace, harmony, and spiritual transformation. The mantra is composed of five syllables, each with its own significance:


1. **Om (ॐ)**: This is a sacred sound and a spiritual icon in Hindu religion. It represents the essence of the ultimate reality or consciousness.

  

2. **Na (न)**: Represents earth or physical body.

   

3. **Ma (म)**: Represents water or emotions.

   

4. **Shi (शि)**: Represents fire or transformation.

   

5. **Va (वा)**: Represents air or the realm of thought.


Together, the mantra is a reverent salutation to Lord Shiva, acknowledging him as the supreme consciousness and the ultimate reality.


Chanting the Om Namah Shivaya mantra is believed to have numerous benefits, including calming the mind, purifying the soul, and fostering spiritual growth. It's often repeated silently or aloud during meditation or as a form of devotion to Lord Shiva.






शिव जी का व्रत करने के लिए विभिन्न तरीके हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः लोग महाशिवरात्रि और सोमवार को इस व्रत का पालन करते हैं। यहां कुछ आम तरीके हैं जिनका पालन किया जा सकता है I

 शिव जी का व्रत करने के लिए विभिन्न तरीके हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः लोग महाशिवरात्रि और सोमवार को इस व्रत का पालन करते हैं। यहां कुछ आम तरीके हैं जिनका पालन किया जा सकता है I


1. **महाशिवरात्रि व्रत**: इस व्रत को महाशिवरात्रि के दिनों में पालन किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा और ध्यान किया जाता है, और रात्रि के वक्त व्रत का निर्जला उपवास रखा जाता है।

2. **सोमवार व्रत**: शिव भक्त बहुत से लोग हर सोमवार को शिव जी का व्रत करते हैं। इसमें वे सोमवार के दिन उपवास करते हैं और भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं।

3. **रूद्राभिषेक**: यह एक प्रसिद्ध पूजा पद्धति है जिसमें भगवान शिव को जल, धूप, दीप, फल, फूल आदि से पूजा जाता है। 

4. **शिव चालीसा और अन्य स्तोत्र पाठ**: भगवान शिव की स्तुति के लिए शिव चालीसा, शिव महिम्न स्तोत्र आदि का पाठ किया जाता है।

5. **शिव मंदिर की यात्रा**: शिव जी के प्रसिद्ध मंदिरों की यात्रा की जाती है और वहां भगवान शिव की पूजा की जाती है।

6. **माला प्रदान**: कुछ लोग शिव जी को माला या बेल प्रदान करते हैं। इसे "ओम नमः शिवाय" जैसे मंत्रों के साथ किया जाता है।

7. **ध्यान और मेधाशक्ति के लिए प्रयास**: व्रत के दौरान, लोग अपने मन को शिव की ध्यान और भक्ति में लगाते हैं और मेधाशक्ति की प्राप्ति के लिए प्रयत्नशील रहते हैं।


ये कुछ आम तरीके हैं जिन्हें लोग शिव जी के व्रत के दौरान अपनाते हैं। यह व्रत भगवान शिव की पूजा, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया जाता है।




best shiva mantra for success how to siddh this mantra

 One of the most revered mantras dedicated to Lord Shiva is the "Maha Mrityunjaya Mantra." This mantra is believed to confer health, longevity, and success. Here it is:


ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥


(Om Tryambakam Yajamahe Sugandhim Pushtivardhanam

Urvarukamiva Bandhanan Mrityor Mukshiya Maamritat)


This mantra is a prayer to Lord Shiva, asking for his blessings to ward off illness, cure diseases, and grant success and longevity. It's often chanted for overall well-being and success in endeavors.




भोलेनाथ जी का गुरु मंत्र गुरुमुखी ज्ञान श्री रामचंद्र जी एवं भोलेनाथ जी के अपार कृपा दृष्टि पाने के लिए जपे गुरु मंत्र को SHIV RAM JI KA GURU MANTRA KA JAAP APAR KRIPA APAR DRISTHI KE LIYE JAYE IS MANTRA KO

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आया हूं एक ऐसा गुरु मंत्र जो की पीढ़ी दर पीढ़ी चलता है जो कि इंटरनेट एवं किताबों के ज्ञान से पड़े हैं यह गुरु मंत्र आप लोगों को जन कल्याण हेतु दिया जा रहा है आप लोग इस मंत्र से अपने अंदर उर्जा को जागृत कर सकते हैं एवं जन कल्याण के मार्ग के ऊपर चल सकते हैं जिन लोगों को अच्छा गुरु नहीं मिलता गुरु ज्ञान नहीं मिलता या फिर कोई गरीब व्यक्ति है जो गुरु दीक्षा के लिए भोग प्रसाद नहीं दे सकता उन लोगों के लिए यह मंत्र है इस मंत्र को रुद्राक्ष की माला के ऊपर अपनी क्षमता के अनुसार जपना है साधना का हर नियम लागू होता है ब्रह्मचर्य सात्विक आहार नियमों की पालन करना जिसके लिए आप लोग मेरे यूट्यूब चैनल गुरु गोरखनाथ जिसका लिंक आप लोगों को सनी नाथ युटुब चैनल है उसके डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगा नया चैनल है गुरु गोरखनाथ इसको जरूर सब्सक्राइब करें इसके ऊपर ही आपको यह वीडियो देखने को मिलेगा और अपने शिवलिंग की सेवा करनी है जल चढ़ाना है संकल्प लेकर मंत्र का जाप करना है तो गुरु सानिध्य में करना है 41 दिन की साधना होनी है सवा लाख का जाप रहता है दसवां हिस्सा हवन रहता है संकल्प लेने के लिए गुरु की आवश्यकता एवं गुरु अरदास की जरूरत पढ़नी है 9891 59 5270मेरा ही नंबर है व्हाट्सएप के माध्यम से आप लोग मेरे साथ कंसर्ट कर सकते हो कंसलटिंग फीस 1150 अरदास 2550 रहती है बाकी की जानकारी यूट्यूब चैनल पर मिल जाएगी आसान कर के ऊपर कपड़ा बांधकर मंत्र का जाप करना है एक देसी का दीप प्रज्वलित कर ले भोलेनाथ को समर्थन अनुसार शिवलिंग पर कोई भी भोग अर्पित कर सकते हो इतना सा कर्म करना है साधना के दौरान जो अनुभव आते हैं वह आप लोग मेरे लाइव स्ट्रीमिंग में मेरे साथ शेयर कर सकते हो अथवा फ्री लाइव स्ट्रीमिंग लेता हूं वहां पर आप लोग बातचीत के द्वारा समझ पाओगे कि आप लोगों को कितना फल प्राप्त हो रहा है मंत्र क्या है देख ले सुन ले समझ ले

गुरु मंत्र जाप 

हरि ॐ नमः शिवाय शिव
गुरु रमाये शिव यति शिव 
सती गुरु की शाया चेला आया ।

यह मंत्र मेरी पीढ़ी को सद्गुरु की भक्ति करने के बाद प्राप्त हुआ है अगम की बाणी बोला जाता है यह उन लोगों को देवताओं के द्वारा ही बताया गया है इंटरनेट किताब से परे है यह ज्ञान ऐसे गुप्त मंत्र आप लोगों को मेरे चैनलों के ऊपर ही मिलेंगे तो चैनल को जरूर सब्सक्राइब करें डिस्क्रिप्शन बॉक्स सनी नाथ चैनल का जरूर देखें और गुरु गोरखनाथ नाम का जो नया चैनल है उसको भी सब्सक्राइब करें आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ ।


सावन के महीने में भोलेनाथ जी की गुरु गोरखनाथ जी की साधना कैसे करी जाती है SAWAN KE MAHINE MAIN BHOLE NATH KI SEWA KAISE KARTE HAI KAISE BABA KE DARSHAN PAYE

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए सावन के महीने में भोलेनाथ एवं गुरु गोरखनाथ महाराज जी की सेवा करने का विधान लेकर आया हूं आप गुरुमुखी हो या बिना गुरु के हो तब भी आप इस विधि का प्रयोग कर सकते हो इसमें आपको आसन रुद्राक्ष की माला और स्वयं के लिए साफ-सुथरे वस्त्र चाहिए होंगे आसनों की पूजा करके उसके ऊपर विराजमान हो जाना है सर्वप्रथम गणेश पूजन करना है फिर गुरु पूजन करना है उसके बाद आपको भोलेनाथ जी का मंत्र का जाप करना आप ॐ नमः शिवाय इस मंत्र का जाप कर सकते हो इसके अलावा गुरुओं के मुख से आपको कोई मंत्र प्राप्त हुआ उस मंत्र का भी आप प्रयोग कर सकते हो 41 दिनों तक या श्रावण माह में आपने पूर्ण इस विधि का प्रयोग करना है सैम गुरु गोरखनाथ की पूजा रहेगी उसमें भी कोई चेंज नहीं रहेगा एक चीज का ध्यान दें इस बार जो श्रावण मास है उसकी अवधि ज्यादा है 2 माह का श्रावण माह की अवधि है तो सेवा करने का मौका आपको खूब मिला है ब्रह्मचारी के पालना के साथ आप भूमि शैन के अथवा हर एक प्रकार के नियम की पालना करते हुए गुरु सानिध्य में मंत्र का प्रयोग कर सकते हो ॐ शिव गोरक्ष इस मंत्र का जाप करके आप लोगों सिद्धि को प्राप्त कर सकते हो कृपा होना नहीं होना आपके कर्मों के ऊपर निर्धारित करता है नित्य भोग लगाना है जल का पात्र पास में रखें और जल का पात्र में जल नया भरना है 24 घंटे बाद बाकी की जानकारी के लिए यूट्यूब चैनल सनी नाथ जरूर देखें वहां से समझने की कोशिश करें आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

सपने मैं लिंग और योनि के दर्शन होना शुभ संकेत है गरीबी सी अमीरी शुभ संकेत देता है यह सपना SAPNE MAIN LIONG YONI KE DARSHAN KARNA SHUB SANKET KYU HOTA HAI

 सपनो के अर्थ जीवन मैं कही संकेत दे  जाते है सपने जो लोग देवताओ की पूजा करते है उन लोगो को देवताओ की तरफ से मिलते है संकेत उन मैं से एक संकेत है लिंग और योनि के दर्शन होना क्यों है यह एक शुभ संकेत भी हो सकता है कैसे आये जानते है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा रत को सपने मैं लिंग योनिके दर्शन होना तब शुभ मन जाता है जप आपको यह दर्शन होते है तब आपके के मन मैं कोई भी गन्दा विचार नहीं होता है जैसे की सपने मैं अगर आपको यह दीखता है तो आपका मंद शांत है और आप उसको

प्रणाम करते हो और उसके बाद मैं मैं आपको शिव माँ पार्वती के दर्शन होते है जनि के आधा नर और आधा नारी जिसको अर्ध्नेश्वरी रूप बोलते है यह बहुत ही शुभ संकेत है यह संकेत होने के बाद मैं आपके जीवन मैं कही प्रकार के बदलवा आते है और जीवन की कठोरता ख़तम हो कर आपका जीवन सही दिशा मैं चल पढता है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ जयादा जानकरी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करे लाइव चाट मैं फ्री उतर सलाह पाए ! 





गुरु मंत्र का जाप शिव जी का गुरु मंत्र जिस जपने से होंगे आपका काम GURU MANTRA KA JAAP SHIV KI SIDDHI PRPATI MANTRA JAAP

गुरु मंत्र

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ साधना सिद्धि में सफलता प्राप्ति के लिए गुरु मंत्र का होना बहुत जरूरी है गुरु के बिना आप साधना में सफल नहीं हो सकते हो और गुरु मंत्र का जाप करने से पहले दीक्षा जरूर ले इस मंत्र का जाप किसी गुरु के सानिध्य में एवं उनके मुख से मंत्र को लेकर दीक्षा का भोग प्रसाद गुरु को देखकर फिर ही इस मंत्र का प्रयोग करें अगर आप इस मंत्र का प्रयोग करना चाहते हैं आप लोग मेरे साथ भी कंसल्ट कर सकते हैं इस मंत्र के जाप में आप लोगों का भोग प्रसाद 5155 आएंगे या आपको देने पड़ते हैं इसमें ही आपको यह मंत्र इस मंत्र का छोटा सा हवन का अनुष्ठान आपके नाम का किया जाएगा

शिव गुरुमंत्र - ॐ शिव गुरवे नमः

दत्त गुरुमंत्र - हरि ॐ ततसत जय गुरुदत्त

●विधि●

यह साधना आपने गुरु सानिध्य में करनी है यह साधना करने से पहले आप लोग साधना का नियम समझ ले रुद्राक्ष की माला के ऊपर आपने जाप करना और नीचे किस-किस माला पर मंत्र जाप करना है उसका विवरण लिखा गया है मंत्र जाप करने से पहले आप लोगों को आसन की व्यवस्था करनी पड़ेगी एवं वस्त्रों की व्यवस्था करनी पड़ेगी यह साधना आपने संकल्प लेकर करनी है जिसमें आपने अपना नाम अपने पिताजी का नाम आपका एड्रेस एवं आपके गोत्र का नाम लेना है 41 दिनों तक नित्य 21 माला का जाप एक टाइम में करना है पूजा आपने दो टाइम करनी है धीरे-धीरे साधना काल में विभिन्न प्रकार के आप लोगों को स्वपन होंगे उन सपनों के आधार पर ही आप लोगों को साधना का फल प्राप्त होगा हो सके तो यह मंत्र दीक्षा लेकर ही फिर इस मंत्र का प्रयोग करें शिक्षा शुल्क ऊपर है आप लोग मेरे व्हाट्सएप नंबर एवं टेलीग्राम नंबर पर कंसल्ट कर सकते हैं एक ही नंबर है 9891595270 मेरी वेबसाइट को अच्छे से पढ़ ले फिर ही मेरे साथ करें इस मंत्र का जाप करने के बाद अब दुनि
या की कोई भी साधना का अनुष्ठान योग गुरु के सानिध्य में कर सकते हो गुरु दत्तात्रेय महाराज जी की अपार कृपा दृष्टि से आप लोगों की साधना सफल जरूर होगी आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा।

सामग्री

माला - शिव हेतु रुद्राक्ष, गुरु दत्त हेतु तुलसी अथवा रुद्राक्ष
आसन - पिला अथवा श्वेत
वस्त्र - पीले अथवा श्वेत
दिशा - पूर्व अथवा उत्तर
जप संख्या - 21 प्रतिदिन

इस प्रकार नियमित गुरुमंत्र का जप कर अपनी आध्यात्मिक प्रगति करते रहें। फिर किसी भी साधना से पूर्व गुरुमंत्र का मा 11 माला या यथासम्भव जप करके ही मूल साधना करें। इससे गुरु का संरक्षण व मार्गदर्शन सदैव प्राप्त होगा।




*श्री गुरुगीता**पार्ट 11* *महादेव जी द्वारा माता पार्वती को विभिन्न प्रकार के गुरु के बारे में ज्ञान देना*

आदेश आदेश

*YouTube Channel–Sunny Nath*

*श्री गुरुगीता*

*पार्ट 11*

*महादेव जी द्वारा माता पार्वती को विभिन्न प्रकार के गुरु के बारे में ज्ञान देना*

*महादेव जी कहते है–* 
शिष्य के धन को अपहरण करने वाले गुरु तो बहुत है लेकिन शिष्य के हृदय का संताप हरने वाले एक गुरु भी दुर्लभ है ऐसा मैं मानता हूं। जो चतुर हो, विवेकी हो ,अध्यात्म के ज्ञाता हो ,पवित्र हो तथा निर्मल मानस वाले हो उनमें गुरु तत्व शोभा पाता है। गुरु निर्मल, शांत, साधु स्वभाव के, मितभाषी, काम– क्रोध से अत्यंत रहित , सदाचारी और जितेंद्रिय होते हैं ।सूचक आदि भेद से अनेक गुरु कहे गए हैं। बुद्धिमान मनुष्य को स्वयं योग विचार करके तत्वनिष्ट सद्गुरु की शरण लेनी चाहिए ।

हे देवी ! वर्ण और अक्षरों से सिद्ध करने वाले ब्रह्म लौकिक शास्त्रों का जिसने अभ्यास है वह *‘सूचक गुरु’* कहलाता है ।हे पार्वती! धर्माधर्म का विधान करनेवाली, वर्ण और आश्रम के अनुरूप विद्या का प्रवचन करने वाले गुरु को तुम *‘वाचक गुरु ’* जानो। पंचाक्षरी आदि मंत्रों का उपदेश देने वाले गुरु *‘बोधक गुरु’* कहलाते हैं । हे पार्वती ! प्रथम दो प्रकार के गुरुओं से यह गुरु उत्तम है ।मोहन, मारण, वशीकरण आदि तुच्छ मंत्रो को बताने वाले गुरु को तत्वदर्शी पंडित *‘निषिद्ध गुरु’* कहते हैं। हे प्रिय ! संसार अनित्य और दुखों का घर है ऐसा समझाकर जो गुरु वैराग्य का मार्ग बताते हैं वह गुरु *‘विहित गुरु’* कहलाते हैं । हे पार्वती ! तत्वमसि आदि महावाक्यों का उपदेश देने वाले तथा संसार रूपी रोगों का निवारण करने वाले गुरु *‘करणाख्ये गुरु’* कहलाते हैं।सर्व प्रकार के संदेहों का जड़ से नाश करने में जो चतुर है ,जन्म ,मृत्यु तथा भय का जो विनाश करते हैं वह *‘परम गुरु’* कहलाते हैं *‘सद्गुरु’* कहलाते हैं।

अनेक जन्मों के किये हुए पुण्य से ऐसे महागुरु प्राप्त होते हैं। उनको प्राप्त करके शिष्य पुन: संसार बंधन में नहीं बंधता अर्थात मुक्त हो जाता है ।
हे पार्वती ! इस प्रकार संसार में अनेक प्रकार के गुरु होते हैं इन सब में से एक *‘परम गुरु’* का ही सेवन सर्व प्रयत्नों से करना चाहिए।

 *पार्वती माता ने कहा –*
प्रकृति से ही मूढ़,मृत्यु से भयभीत,सत्कर्म से विमुख लोग देवयोग से *‘निषिद्ध गुरु’* का सेवन करें तो उनकी क्या गति होती है?

 *महादेव जी कहते हैं–*
 *निषिद्ध गुरु* का शिष्य दुष्ट संकल्पों से दूषित होने के कारण ब्रह्मप्रलय तक मनुष्य नहीं होता पशु योनि में ही रहता है। हे देवी ! इस तत्व को सुनो मनुष्य जब भी विरक्त होता है तभी वह अधिकारी कहलाता है ऐसा उपनिषद कहते हैं। अर्थात देव योग से गुरु प्राप्त होने की बात अलग है और विचार से गुरु चुनने की बात अलग है ।अखंड ,एक रस ,नित्यमुक्त और निरामय ब्रह्मा को अपने अंदर ही जो दिखलाते है वही गुरु होने चाहिए। हे पार्वती ! जिस प्रकार सब जलाशयों में सागर राजा है उसी प्रकार सब गुरु में यह *‘परम गुरु’* राजा है ।

मोहादी दोषों से रहित ,शांत नित्य तृप्त, किसी के आश्रय रहित अर्थात स्वाश्रयी, ब्रह्मा और विष्णु के वैभव को भी तर्णवत समझने वाले गुरु ही *‘परम गुरु’* है। सर्व काल और सर्व देश में स्वतंत्र, निश्चल,, सुखी, अखंड एक रस के आनंद से तृप्त ही सचमुच *‘परम गुरु’* है । द्वैत और अद्वैत से मुक्त,अपने अनुभव रूप प्रकाश वाले, अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करने वाले और सर्वज्ञ ही *‘परम गुरु’* है। जिनके दर्शन मात्र से मन अपने आप प्रसन्न हो जाता है अपने आप धैर्य और शांति आ जाती है वह *‘परम गुरु’* है। जो अपने शरीर को शव समान समझते हैं ,अपनी आत्मा को अमर जानते है,जो काम और कंचन के मोह का नाश कर्ता है वह *‘परम गुरु’* है।

हे पार्वती! सुनो । तत्वज्ञ दो प्रकार के होते हैं : मौनी और वक्ता । हे प्रिय ! इन दोनों में से मौनी गुरु द्वारा लोगों को कोई लाभ नहीं होता परंतु वक्ता गुरु भयंकर संसार सागर को पार कराने में समर्थ होते हैं क्योंकि शास्त्र युक्ति (तर्क) और अनुभूति से वह सर्व संशयों का छेदन करते हैं।

*आशा करता हूं,आपको मेरे द्वारा दी हुई जानकारी अच्छी लगी होगी।*
*आप मेरी यूट्यूब चैनल ,“SUNNY NATH” को भी सब्सक्राइब करें,वहां पर आप लाइव चैट में जुड़ कर मेरे से फ्री में बातचीत कर सकते है।*
*मेरा नंबर ,वेबसाइट और मेरे चैनल दोनो पर ही है।*
*किसी भी क्रिया/साधना को करने के लिए आप मेरे साथ संपर्क कर सकते है। मेरी सारी सर्विसेज पैड है।*

आदेश आदेश

*SUNNY NATH SHARMA*

*श्री गुरुगीता**पार्ट 10* MAHADEV NE DIYE MATA PARTWARI KO MANTRA JAAP

आदेश आदेश

*YouTube Channel–Sunny Nath*

*श्री गुरुगीता*

*पार्ट 10*

*महादेव जी माता पार्वती को जप करने के विभिन्न विभिन्न स्थानों का वर्णन करते है*

महादेव जी कहते हैं सकामीयों के लिए मैं जप करने का स्थानों का वर्णन करता हूं ।
सागर या नदी के तट पर, तीर्थ में, शिवालय में विष्णु जी या देवी जी के मंदिर में, गौशालाओं में, सभी शुभ देवालयों में, वटवृक्ष के या आंवले के वृक्ष के नीचे, मठ में तुलसीवन में, पवित्र निर्मल स्थान में, नित्यनुष्ठान के रूप में अनासक्त रहकर मौन पूर्वक इसके जाप का आरंभ करना चाहिए।

जप से जय प्राप्त होता है तथा जप की सिद्धि रूप फल मिलता है । जपनुष्ठान के काल में सब नीच कर्म और निन्दित स्थान का त्याग करना चाहिए ।श्मशान में ,बिल्व, वटवृक्ष या कनक वृक्ष के नीचे और आम वृक्ष के पास जप करने से सिद्धि जल्दी होती है।
 हे देवी ! कल्प प्रयत्न के करोड़ों जन्मों के यज्ञ, व्रत, तप और शास्त्रोकत क्रियाएं ये सब गुरुदेव के संतोष मात्र से सफल हो जाते हैं ।भाग्यहीन, शक्तिहीन और गुरु सेवा से विमुख जो लोग इस उपदेश को नहीं मानते वह घोर नरक में जाकर पड़ते हैं ।जिसके ऊपर श्री गुरुदेव की कृपा नहीं है उसकी विद्या ,धन, बल और भाग्य निरर्थक है ।हे पार्वती! उसका अध: पतन होता है ।

जिसके अंदर गुरु भक्ति हो उसकी माता धन्य हैं, उसके पिता धन्य हैं, उसका वंश धन्य है ,उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समर्ग धरती माता धन्य है। शरीर, इंद्रियां, प्राण, धन , सवजन, बंधु बांधव ,माता का कुल, पिता का कुल ,यह सब गुरुदेव ही है इसमें संशय नहीं है ।गुरु ही देव है ,गुरु ही धर्म है ,गुरु में निष्ठा ही परम तत्व है ।गुरु से अधिक और कुछ भी नहीं है यह मैं तीन बार दोहराता हूं। जिस प्रकार सागर में पानी , दूध में दूध , घी में घी अलग-अलग घटो में आकाश एक और अभिन्न है उसी प्रकार परमात्मा में जीवात्मा एक और अभिन्न है।

 इसी प्रकार ज्ञानी सदा परमात्मा के साथ अभिन्न होकर रात दिन आनंद विभोर होकर सर्वस्त्र विचारते हैं ।हे पार्वती !गुरुदेव को संतुष्ट करने से शिष्य मुक्त हो जाता है ।ज्ञानी दिन में या रात्रि में सदा सर्वदा समतत्व में रमण रहते हैं। इस प्रकार के महामौनी अर्थात ब्रह्मानिष्ठ महात्मा तीनो लोक में समान भाव से गति करते हैं। गुरु भक्ति ही सबसे श्रेष्ठ तीर्थ है, अन्य तीर्थ निरर्थक है। हे देवी! गुरुदेव के चरणकमल सर्वतीर्थमय है।

हे देवी ! हे प्रिय ! कन्या के भोग मे रत, सवस्त्री से विमुख( परस्त्रीगामी)ऐसे बुद्धि शून्य लोगों को मेरा यह आत्म प्रिय परम बोध मैंने नहीं कहा ।अभक्त, कपटी, धूर्त, पाखंडी, नास्तिक इत्यादि को यह गुरु गीता कहने का मन में सोचना तक नहीं।

*आशा करता हूं,आपको मेरे द्वारा दी हुई जानकारी अच्छी लगी होगी।*
*आप मेरी यूट्यूब चैनल ,“SUNNY NATH” को भी सब्सक्राइब करें,वहां पर आप लाइव चैट में जुड़ कर मेरे से फ्री में बातचीत कर सकते है।*
*मेरा नंबर ,वेबसाइट और मेरे चैनल दोनो पर ही है।*
*किसी भी क्रिया/साधना को करने के लिए आप मेरे साथ संपर्क कर सकते है। मेरी सारी सर्विसेज पैड है।*

आदेश आदेश

*SUNNY NATH SHARMA*

*श्री गुरु गीता ज्ञान**पार्ट 9* MAHADEV KI DOWARA MATA PARWATI JI KO GYAN DENA

आदेश आदेश

*YouTube Channel - Sunny Nath*

*श्री गुरु गीता ज्ञान*

*पार्ट 9*

*महादेव जी द्वारा माता पार्वती को ज्ञान देना*

महादेव जी कहते है की बिना आसान किए हुए जप नीच कर्म कर्म हो जाता है और निष्फल हो जाता है  यात्रा में ,युद्ध में ,शत्रु के उपद्रव में गुरु गीता का जप पाठ करने से विजय मिलता है ।मरणकाल में जप करने से मोक्ष मिलता है ।गुरु पुत्र के (शिष्य के) सर्व कार्य सिद्ध होते हैं इसमें कोई संदेह नहीं है। जिसके मुख में गुरु मंत्र है उसके सर्व कर्म सिद्ध होते हैं दूसरे के नहीं। दीक्षा के कारण शिष्य के सर्व कार्य सिद्ध हो जाते हैं ।

तत्वज्ञ पुरुष संसार रूपी वृक्ष कि जड़ नष्ट करने के लिए और आठों प्रकार के बंधन (संशय, दया , भय, संकोच ,निंदा ,प्रतिष्ठा ,कुलाभिमान और संपति) की निवृत्ति करने के लिए गुरु गीता रूपी गंगा मैं सदा स्नान करते रहते हैं। स्वभाव से ही सर्वथा शुद्ध और पवित्र ऐसे वह महापुरुष जहां रहते हैं उस तीर्थ में सब देवता विचरण करते हैं ।

आसन पर बैठे हुए या लेटे हुए, खड़े रहते या चलते हुए, हाथी या घोड़े पर सवार हुए ,जागृत अवस्था में या सुषुप्त अवस्था में जो पवित्र ज्ञानवान पुरुष इस गुरु गीता का पाठ करते हैं उसके दर्शन और स्पर्श से पूर्व जन्म नहीं होता । दुर्गा के आसन पर सफेद कंबल बिछाकर उसके ऊपर एकाग्र मन से गुरु गीता का जाप करना चाहिए समानता सफेद आसन उचित है परंतु वशीकरण के लिए लाल आसन आवश्यक है ।शांति की प्राप्ति के लिए या वशीकरण में नित्य पद्मासन में बैठकर जाप करना चाहिए।

 कपड़े के आसन पर बैठकर जप करने से दरिद्रीय आता है ,पत्थर के आसन पर रोग,भूमि पर बैठकर जप करने से दुख आता है और लकड़ी के आसन पर किए गए जप निष्फल हो जाते हैं। काले मृगचर्म और दर्भासन पर बैठकर जप करने से ज्ञान सिद्धि होती है, व्याघ्र चर्म पर जप करने से मुक्ति प्राप्त होती है परंतु कमल के आसन पर सर्व सिद्धि प्राप्त होती है ।

अग्नि कोण की तरफ मुख करके जप पाठ करने से आकर्षण, वायव्य कोण की तरफ शत्रु का नाश,नैऋत्य कोण की तरफ दर्शन और ईशान कोण की तरफ मुख करके जप पाठ करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है । उत्तर दिशा की ओर मुख करके पाठ करने से शांति ,पूर्व दिशा की ओर वशीकरण, दक्षिण दिशा की ओर मारण सिद्ध होता है तथा पश्चिम दिशा की ओर मुख करके जप पाठ करने से धन की प्राप्ति होती है।

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*श्री गुरुगीता*पार्ट 8 GURU GITA MAHADEV KI SHAKTI

आदेश आदेश

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*श्री गुरुगीता*

पार्ट 8

*आइए जानते है की महादेव ने माता पार्वती को गुरूगीता की क्या महत्तवता बताई*

महादेव जी ने कहा कि यदि कोई मनुष्य इस गुरुगीता का पाठ करता है ,इसको सुनता है वह इसको लिखता है , तो वह भक्त सर्व फल भोगता है ।इस गुरु गीता को नित्य भाव पूर्वक हृदय में धारण करना चाहिए महाव्याधि वाले दुखी लोगों को इस गुरु गीता का सदा ही जप करना चाहिए ।गुरु गीता का एक एक अक्षर मंत्रराज है ।अन्य जो विविध मंत्र है वह इसका 16वा भाग भी नही। गुरुगीता के जप से अनंत फल मिलता है। गुरुगीता सर्व पापों को हरने वाली और दारिद्र्य का नाश करने वाली है।

गुरूगीता का पाठ करने से अकाल मृत्यु टलती है ।यह गुरुगीता सब संकटों से रक्षा करती है। यह गुरुगीता यक्ष, राक्षस ,भूत ,चोर और शेर आदि का घात करती है ।गुरु गीता सब प्रकार के उपद्रवों, कुष्ठ आदि दुष्ट रोगों और दोषों का निवारण करने वाली है। श्री गुरुदेव के सानिध्य में रहकर जो फल मिलता है वह फल इस गुरु गीता का पाठ करने से भी मिलता है।

इस गुरुगीता का पाठ करने से महाव्याधि दूर होती है। सर्व ऐश्वर्य और सिद्धियों की भी प्राप्ति होती है। मोहन में और वशीकरण में इसका पाठ स्वयं करना चाहिए।इस गुरु गीता का पाठ जो मनुष्य भी करता है उस पर सर्व प्राणी मोहित हो जाते हैं ।उसको बंधन में से परम मुक्ति मिलती है वह देवराज इंद्र का प्यारा होता है और राजा उसके वश में होता है ।

यह गुरु गीता शत्रु का मुंह बंद कर देने वाली है गुणों की वृद्धि करने वाली है, दुष्कृत्यों का नाश करने वाली सत्कर्म में सिद्धि देने वाली है ।इसका पाठ असाध्य कार्यों की सिद्धि कराता है नवग्रह का भय हराता है, दुस्वपन का नाश करता है और सुस्वपन के फल की प्राप्ति कराता है।यह गुरुगीता स्वरूपज्ञान का भंडार है।यह गुरुगीता तीनों तापों का शमन करने वाली है। सब प्रकार की शांति करने वाली है। वन्धया स्त्री को सुपुत्र देने वाली,सवधा स्त्रियों के वैधव्य का निवारण करनेवाली और सौभाग्य की वृद्धि करने वाली है।

यह गुरुगीता आयुष्य,आरोग्य,ऐश्वर्य और पुत्र पौत्र की वृद्धि करने वाली है। यदि कोई विधवा इसका निष्काम भाव से जप करे जो उसको मोक्ष की प्राप्ति होती है। यदि वह विधवा सकाम होकर जप करे तो अगले जन्म में उसको संताप हारने वाला सौभाग्य प्राप्त होता है।उसके सब दुख,भय,विघ्न और संताप का नाश होता है।

यही गुरु गीता का पाठ सब पापों का शमन करता है धर्म ,अर्थ ,काम और मोक्ष की प्राप्ति कराता है इसके पाठ से जो जो आकांक्षा की जाती है वह अवश्य ही सिद्ध होती है। यदि कोई भक्त इस गुरु गीता को लिखकर इसकी पूजा करें तो उसे लक्ष्मी और मोक्ष की प्राप्ति होती है और विशेषकर उसके हृदय में सदा सर्वदा गुरु भक्ति उत्पन्न होती रहती है ।शक्ति के, सूर्य के ,गणपति के ,शिव के और पशुपति के मतवादी जो इस गुरुगीता का पाठ करते हैं वह सत्य है,सत्य है इसमें कोई संदेह नहीं।

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शिव कृत दुर्गा स्तोत्र*

जय माता दी

 *Sunny Nath Sharma*

                *शिव कृत दुर्गा स्तोत्र*

 रक्ष रक्ष महादेवि दुर्गे दुर्गतिनाशिनि 

मां भक्तमनुरक्तं च शत्रुग्रस्तं कृपामयि 

विष्णुमाये महाभागे नारायणि सनातनि

ब्रह्मस्वरूपे परमे नित्यानन्दस्वरूपिणि 

त्वं च ब्रह्मादिदेवानामम्बिके जगदम्बिके 

त्वं साकारे च गुणतो निराकारे च निर्गुणात् 

मायया पुरुषस्त्वं च मायया प्रकृतिः स्वयम् 

तयोः परं ब्रह्म परं त्वं विभर्षि सनातनि 

वेदानां जननी त्वं च सावित्री च परात्परा 

वैकुण्ठे च महालक्ष्मीः सर्वसम्पत्स्वरूपिणी 

मर्त्यलक्ष्मीश्च क्षीरोदे कामिनी शेषशायिनः 

स्वर्गेषु स्वर्गलक्ष्मीस्त्वं राजलक्ष्मीश्च भूतले 

नागादिलक्ष्मीः पाताले गृहेषु गृहदेवता 

सर्वशस्यस्वरूपा त्वं सर्वैश्वर्यविधायिनी 

रागाधिष्ठातृदेवी त्वं ब्रह्मणश्च सरस्वती 

प्राणानामधिदेवी त्वं कृष्णस्य परमात्मनः 

गोलोके च स्वयं राधा श्रीकृष्णस्यैव वक्षसि 

गोलोकाधिष्ठिता देवी वृन्दावनवने वने 

श्रीरासमण्डले रम्या वृन्दावनविनोदिनी 

शतशृङ्गाधिदेवी त्वं नाम्ना चित्रावलीति च 

दक्षकन्या कुत्र कल्पे कुत्र कल्पे च शैलजा 

देवमातादितिस्त्वं च सर्वाधारा वसुन्धरा 

त्वमेव गङ्गा तुलसी त्वं च स्वाहा स्वधा सती 

त्वदंशांशांशकलया सर्वदेवादियोषितः 

स्त्रीरूपं चापिपुरुषं देवि त्वं च नपुंसकम् 

वृक्षाणां वृक्षरूपा त्वं सृष्टा चाङ्कररूपिणी 

वह्नौ च दाहिकाशक्तिर्जले शैत्यस्वरूपिणी 

सूर्ये तेज: स्वरूपा च प्रभारूपा च संततम् 

गन्धरूपा च भूमौ च आकाशे शब्दरूपिणी 

शोभास्वरूपा चन्द्रे च पद्मसङ्गे च निश्चितम् 

सृष्टौ सृष्टिस्वरूपा च पालने परिपालिका 

महामारी च संहारे जले च जलरूपिणी 

क्षुत्त्वं दया तवं निद्रा त्वं तृष्णा त्वं बुद्धिरूपिणी 

तुष्टिस्त्वं चापि पुष्टिस्त्वं श्रद्धा त्वं च क्षमा स्वयम् 

शान्तिस्त्वं च स्वयं भ्रान्तिः कान्तिस्त्वं कीर्तिरेवच 

लज्जा त्वं च तथा माया भुक्ति मुक्तिस्वरूपिणी 

सर्वशक्तिस्वरूपा त्वं सर्वसम्पत्प्रदायिनी 

वेदेऽनिर्वचनीया त्वं त्वां न जानाति कश्चन 

सहस्रवक्त्रस्त्वां स्तोतुं न च शक्तः सुरेश्वरि 

वेदा न शक्ताः को विद्वान न च शक्ता सरस्वती 

स्वयं विधाता शक्तो न न च विष्णु सनातनः 

किं स्तौमि पञ्चवक्त्रेण रणत्रस्तो महेश्वरि 

 कृपां कुरु महामाये मम शत्रुक्षयं कुरु


जय माता दी

*Sunny Nath Sharma*

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SUNNY NATH SHARMA*

सपने में बार-बार शिवलिंग देखना और किसी ब्राह्मण का मीठे फल खाने को देना साधना सिद्धि का संकेत SAPNE MAIN SHIV DEKHNA AUR MITHE FAL KAHNE KO DENA SIDDHI SANKET

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आया हूं जो लोग साधना सिद्धि में चल रहे हैं जिन लोगों ने गुरु धारण कर रखे हैं अथवा जो लंबे समय से भक्ति कर रहे है उन लोगों को उनकी भक्ति का फल मिला कि नहीं मिला यह सब अपने ही निर्धारित करते हैं साधना सिद्धि में व्यक्तियों को बार-बार शिवलिंग का दिखना शिवलिंग के ऊपर जल चढ़ाना अथवा वहां पर किसी कर्मकांडी ब्राह्मण का फल देना सपने में अगर आप मीठे फल खाते हो चाहे वह आम हो सेब हो या उसके अलावा कोई अन्य मीठी वस्तु हो तो यह निर्धारित करती है कि आप जो भक्ति और कर्म कर रहे हो उस कर्म का आपको फल मिल गया साधना सिद्धि में कई प्रकार के अटपटे आदेश आप लोगों को होते हैं हर एक प्रश्न का उत्तर स्वपन के माध्यम से ही मिलता है और अच्छा गुरु योग्य गुरु आपको इन चीजों से परे लेकर चलता है साधना सिद्धि में शिवलिंग के ऊपर जल चढ़ाना शिवलिंग के पास किसी ब्राह्मण का बैठे हो ना और किसी प्रकार का प्रसाद आपको देना यह आपकी भक्ति का फल है आप नाथों की सेवा करते हो तो भी आपको यह देख सकता है आप मां गौरा पार्वती आदिशक्ति को पूछते हो तो भी आपको यह स्वपन आ सकता है यह सपन यह संकेत हंड्रेड परसेंट जायज है यह संकेत आपकी शिर्डी का संकेत है प्रसाद देने वाले भोलेनाथ के गण आपको आपकी साधना का फल देकर जाते हैं तो अगर ऐसा आपको भी सपनों में दिखता है तो आपको आपकी साधना का फल मिल चुका है ज्यादा जानकारी के लिए मेरी यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो और यह वीडियो आपको वहां पर भी मिल जाएगा आदेश आदेश जय गुरु नाथ अलख निरंजन सनी नाथ शर्मा ।

शिव शक्ति का गुरु मंत्र जाप भोलेनाथ मान गोरा पार्वती का गुरु मंत्र के जाप से आपके ऊपर भोलेनाथ मन गोरा पार्वती की कृपा होती है गुप्त ज्ञान गुरु कृपा SHIV SHAKTI KA GURU MANTRA JAAP

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए गुरु मंत्र लेकर आया जिन लोगों के पास गुरु मंत्र नहीं है जो लोग तड़पते हैं कि मुझको कहीं से गुरु मंत्र प्राप्त हो जाए उन लोगों के लिए एक में गुरु मंत्र लिखने जा रहा हूं यह पूर्ण रूप से आजमाइश है इस गुरु मंत्र के जाप से आप दुनिया का कोई भी कार्य कर सकते हो सर्वप्रथम साधना सिद्धि और मंत्र जितने भी होते हैं अगर तंत्र मंत्र में पढ़ना है तो प्रॉपर रूप से वह गुरु सानिध्य में ही चलो क्योंकि कुछ बातें ऐसी होती हैं कुछ आदेश ऐसे होते हैं जो अटपटे होते हैं जिनका उत्तर गुरु के द्वारा ही आपको मिलता है ज्यादा जानकारी के लिए मेरी वेबसाइट को अच्छे से पढ़ ले और ज्यादा जानकारी के 

ॐ गुरु देवाय नमः ॐ शिव शक्ति नमः

लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ विजिट जरूर करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें ताकि लाइव चैट में जब भी हूं आप लोग मेरे साथ जुड़कर अपने प्रश्नों के उत्तर फ्री में पा सके उसके अलावा तीन मेरे और चैनल है गुरु गोरखनाथ शिव गोरक्ष नवनाथ 84 सिद्ध बाकी की जानकारी आपको मेरी वेबसाइट और मेरी यूट्यूब चैनल पर मिल जाएगी शिव शक्ति का गुरु मंत्र जाप कैसे करना इस गुरु मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला के ऊपर इस मंत्र का आप सवा महीने में सवा लाख अनुष्ठान कर सकते हैं साधना काल में ब्रह्मचर्य का पालन और साधना सिद्धि के हर एक नियम इस साधना में भी लागू होते हैं जन कल्याण हेतु मंत्र प्रकाशित करना जो लोग मोक्ष प्राप्ति एवं जो लोग देवता के साथ बातचीत करने के इच्छुक अथवा देवता को देखना चाहते हैं उन लोगों के लिए मंत्र कारगर सिद्ध होगा इस मंत्र के प्रयोग से बिना किसी की इजाजत बिना गुरु के कार्य में ना पड़े तंत्र मंत्र की काट किसी का भला करना जब तक भीतर से आवाज नहीं आती है देवता का देश नहीं होता है किसी व्यक्ति के सानिध्य में नहीं हो तब तक इसका प्रयोग ऐसे नहीं करें मात्र इस मंत्र का जप करना है शिवलिंग के ऊपर जल चढ़ाना है और आपने अपनी समर्थन सर कोई भी भोग शिवलिंग कर सकते हो घर का भोजन भी हो सकता है हर एक चीज में साथ ही प्रयोग करना है ज्यादा जानकारी के लिए वहां पर भी आप इस वीडियो को देख सकते हैं ।

भगवान शिव शंकर का सट्टा साधना ऐसी साधना जिसमें भगवान भोलेनाथ के गण आपको देते हैं सट्टे के नंबर SHIV SATTA SADHANA SIDDHI

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ मैं सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए सट्टे की साधना लेकर आया हूं यह एक भोलेनाथ जी की साधना है इस साधना में भगवान शंकर जी के गण एवं उनके सानिध्य में चलती शक्तियां आपको सट्टे के नंबर देती हैं यह साधना करने के उपरांत आपको गली और दिसावर के नंबर ही मिलते हैं जो कि दिल्ली के स्थान पर लगते हैं पूर्ण रूप से गुरु सानिध्य में इस मंत्र का प्रयोग करना है यह एक आजमाइश मंत्र है इस मंत्र का पूर्ण रूप से पहले प्रयोग किया गया है फिर भी यह जन कल्याण हेतु यहां पर प्रकाशित किया जा रहा है साधना विधान हेतु आप मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट जरूर करें चैनल को सब्सक्राइब बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री बात कर सकते हैं और वहां पर इस साधना की अधिक जानकारी पा सकते हैं इसके अलावा मेरे तीन और चैनल है यूट्यूब पर उनके जानकारी आपको मेरी वेबसाइट और मेरे यूट्यूब चैनल पर मिल 

आद अंत धरती   आद अंत परमात्मा
दोना वीच बैठे शिवजी महात्मा खोल घड़ा दे दडा
देखा शिवजी महाराज  तेरे शब्द दा तमाशा  जय सदगुरुदेव ।।

जाएगी इस साधना को करने के लिए आपको शिवलिंग की सेवा करनी है सवा महीने तक इस मंत्र का प्रयोग करना है रुद्राक्ष की माला के ऊपर शिवलिंग के ऊपर जल चढ़ाना है अथवा शिवलिंग के समक्ष 5 अगरबत्ती या धूप अपनी समर्था अनुसार आपने लगाना है ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए नीचे दिए गए मंत्र का रुद्राक्ष की माला के ऊपर आपने नित्य सभा 2 घंटे जब करना है यह आपने दिन में एक बार ही करनी है ब्रह्म मुहूर्त में सुबह यह साधना करने से आपको सिद्धि प्राप्त हो जाती है तो दुनिया में कोई आपका नंबर नहीं काट सकता नित्य आपके द्वारा लगाया गया नंबर ही पास होगा और यह नंबर कभी भी फेल नहीं होगा ज्यादा जानकारी के लिए आप मेरे से संपर्क भी कर सकते हो वेबसाइट पर सारी डिटेल है उसकी क्या फीस क्या भोग है बाकी की जानकारी यूट्यूब पर ले सकते हैं मंत्र लिखित है अच्छे से याद कर ले आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

भोलेनाथ मां गोरा पार्वती की सिद्धि जोड़े में चलती है आदिशक्ति सिद्ध शाबर मंत्र भोलेनाथ का रक्षा मंत्र प्रयोग BHOLENATH JI KA SIDDH SHABAR MANTRA

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए भोलेनाथ और मां गोरा पार्वती का सिद्ध शाबर मंत्र लेकर आओ इसको आप रक्षा मंत्र भी बोल सकते हो इस मंत्र का प्रयोग आप अपनी रक्षा में लगा सकते हैं जैसे कि अगर कोई तांत्रिक आपके ऊपर तांत्रिक क्रिया बार-बार करता है वहां पर आप इस मंत्र के प्रयोग से खुद की रक्षा कर सकते हो यह एक शाबर मंत्र है इस मंत्र को सिद्ध करने में इतना समय नहीं लगता है यह आप कंठस्थ कर लो फिर आपने इस मंत्र का प्रयोग करना है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट जरूर करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें ताकि लाइव चैट में मेरे साथ आप फ्री में बातचीत कर सको बाकी की जानकारी मेरी वेबसाइट और मेरे युटुब चैनल किसी भी ग्रहण काल में इस मंत्र का निरंतर 1188 बार जब कर ले जब आप किसी नदी के तट पर या आप किसी वीरान जगह पर या फिर आप किसी चोटी के ऊपर बैठकर इस मंत्र का अनुष्ठान बिठा सकते हो 11 माला जपने के बाद इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा लेकिन गुरु कृपा गुरु आज्ञा और गुरु दीक्षा जरूरी है जन कल्याण हेतु जानकारी दी है रक्षा मंत्र सिद्ध करने का फायदा तभी है जब आप किसी का कल्याण कर सको तो गुरु कृपा से ही चलो आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

गौरा खेती शिव की बारी महादेव तेरी रखवारी दाव चलावे, दाव बाँधे  पाव चलावें, पाव बाँधे  तलवार चलावे, धार बाँधे अखाड चलाये, जवान बाँधे मेरी भक्ति, गुरू की शक्ति दोहाई नरसिंह दोहाई गौरा पार्वती की लाख दोहाई हो गुरु बङ्गाली !


भोलेनाथ का सिद्ध मुद्रा प्रयोग भोले शंकर का मुंद्रा कैसे तेरे प्रयोग कैसे करें किसी का कल्याण इस मंत्र के साथ आदेश आदेश BHOLENATH KA SIDDH MUNDRA PARYOG

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए भोलेनाथ जी का मंदिर का प्रयोग लेकर आया हूं इस मंत्र के जाप से किसी को नजर दोषों भूत रोग हो या फिर अन्य कोई परेशानी हो तब आप इस मंत्र का प्रयोग उस व्यक्ति के ऊपर कर सकते हैं यहां पर यह मंत्र जन कल्याण हेतु प्रकाशित किया जा रहा है आपने गुरु सानिध्य में ही इस मंत्र का प्रयोग करना है सर्वप्रथम गुरु दीक्षा होनी अनिवार्य है बिना गुरु दीक्षा के मंत्र सिद्ध नहीं होते इस मंत्र का अनुष्ठान सभा महीने तक करना है रुद्राक्ष की माला के ऊपर नित्य 11 माला जप आपने करना है शिवलिंग कीएस सेवा करनी है बाकी के जितने भी नियम साधना सिद्धि में होते हैं ब्रह्मचार्य हम बोलना कम खाना लहसुन प्याज रेट भोजन खाना यह सारी चीजें इस साधना में भी लागू होती है इस मंत्र का जप आप अपने मंदिर में किसी धोने पर या किसी गुरु के पास रुके हो वहां पर भी कर सकते हो सर्वप्रथम मंत्र को कंठस्थ जरूर कर ले फिर ही मंत्र का प्रयोग करें ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नागपुर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब बैल आइकन पर क्लिक करें जब भी मैं लाइव आता हूं साधना संबंधित आप मेरे साथ वार्तालाप कर सकते हो आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा बाकी की जानकारी मेरी वेबसाइट और मेरी यूट्यूब पर डिस्क्रिप्शन बॉक्स है।

गुरु सार गुरु सार गुरु तत्व मन्त्र गुरु अलख निरञ्जन  गुरु बिना होमजाप ना कीजै श्याम दिया ना दीजै गुरु बनाए बड़ा भगत के गुरुसेवा ना चूको गुरु के होखे पाँवपनहिया पाँवे लागल जाऊँ जहाँ गुरु मोरे तहाँ करो तरुवर छाँव गुरु के होखे फूल पहाड़ गुरु मोर देले विद्या भण्डार असी कोस चौरासी डाइन मारो डाइन फारो पेट मोरा गुन से नाहीं भेंट तोर गुन राई छाई मोर गुन एह बेरा से फेल खाई यहाँ के विद्या ना कामरू कामाच्छा के विद्या नेना जोगिनी के सीख  सत्-गुरु के बन्दे पाँव हे गुरु सीख तोहार ।