Showing posts with label GANPATI GANESH. Show all posts
Showing posts with label GANPATI GANESH. Show all posts

गणेश चतुर्थी हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है, जो भगवान गणेश की पूजा और अर्चना के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, जो सितंबर या अक्टूबर के महीने में होती है।

 गणेश चतुर्थी हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है, जो भगवान गणेश की पूजा और अर्चना के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, जो सितंबर या अक्टूबर के महीने में होती है।


गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की जाती है और उन्हें पूजा की जाती है। लोग विभिन्न प्रकार के प्रसाद, फल, पत्ते, फूल आदि का उपयोग करके पूजा करते हैं। धार्मिक आधार पर, गणेश चतुर्थी के दिन उपवास का भी महत्व है। इस दिन लोग भगवान गणेश की कृपा और आशीर्वाद के लिए व्रत रखते हैं। यह त्योहार भगवान गणेश की भक्ति, श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है।


गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, मेले और उत्सवों का आयोजन करते हैं, और गणेश जी के गाने गाते हैं। इस दिन भक्तों ने भगवान गणेश की पूजा के बाद प्रसाद का वितरण किया जाता है।


यह त्योहार भारत और विश्व के कई हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाता है, खासकर महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में। यहां लोग गणेश चतुर्थी को बड़े धूमधाम से मनाते हैं और इसे 'गणेशोत्सव' के रूप में जानते हैं।


गणेश चतुर्थी के दिन, गणेश मंत्रों का जाप करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्ति होती है। यहां कुछ प्रमुख गणेश मंत्र हैं:


1. ॐ गं गणपतये नमः (Om Gam Ganapataye Namaha)

2. ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

   निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येषु सर्वदा॥ (Om Vakratunda Mahakaya Suryakoti Samaprabha।

   Nirvighnam Kuru Me Deva Sarva-Kaaryeshu Sarvada॥)


इन मंत्रों को गणेश चतुर्थी के दिन जाप करने से आपके मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं और आपको शुभ फल प्राप्त हो सकता है। ध्यान और श्रद्धा के साथ मंत्र जाप करें।




गणपति गणेश जी का सवारी चौकी लेने का मंत्र जाप गणेश महाराज की अपार कृपा दृष्टि पाने का मंत्र जाप 108 जाप से होगा चमत्कार GANPATI GANESH JI KA SAWARI MANTRA JAAP

ॐ नमो आदेश गुरु जी को आदेश  पहिला गण गणपती चौदा विद्यांचा सारथी  जती सती कैलास पती  बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी  साईं गोरखनाथ की द्वाही  गुरू की शक्ति  मेरी भक्ति  चले मन्त्र ईश्वरी वाचा पिण्ड कच्चा, गुरू गोरखनाथ का शब्द सच्चा ।

भगवान गणेश जी की अपार कृपा दृष्टि पाने का मंत्र जाप जिन लोगों को अन धन की बरकत पानी है उनके ऊपर अन और धन की बरकत और कृपा दृष्टि बनी रहे वह गुरु की समिति से इस मंत्र का जाप करें यह मंत्र पूर्ण रूप से गुरुमुखी मंत्र है सिद्ध गुरु से जो लोग दीक्षित हैं वह लोग इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हैं ग्रहण काल में इस मंत्र को 11 माला जप करके एक माला का हवन डाल कर सिद्ध कर लें फिर नित्य कर्म में इस माला का जाप रोज आपको करना है धीरे-धीरे यह मंत्र आपकी जुबान से चलने लगता है फिर आप इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो जन कल्याण हेतु ही यह किराए यहां पर जनकल्याण हेतु प्रकाशित करी गई है रुद्राक्ष की माला के ऊपर किसी भी आसन पर विराजमान होकर इस मंत्र का प्रयोग प्रयोग कर सकते हो आप लोग ज्यादा जानकारी के लिए मेरे युटुब चैनल सनी नागपुर जरूर जाए चैनल को सब्सक्राइब बैल आइकन पर क्लिक करें सोच समझकर ही मंत्र तंत्र का प्रयोग करें बाकी की सारी सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही मेरा खर्चा साथ रहता है समझ ले फिर ही मेरे व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज करें नहीं तो लाइट भी मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हैं आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

श्री गणेश जी के दुर्लभ पंचबाण मंत्र GANESH JI KE PANCH BAAN PARYOG DUNIYA KA HAR KAM CHUTI BAJATE HOGA ANUBHUT PARYOG

दिवाली पर गणपति जी के पांच बहनों का प्रयोग कर सकते हो आप पूर्ण रुप से गुरु सानिध्य में इन वालों का प्रयोग करके आप सिद्धि हासिल कर सकते हो जिन लोगों के घर में लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है खर्चा ज्यादा होता है साधना में सफलता नहीं मिलती है और आप ऐसे ही भटक रहे हो तो आप को पूर्ण रूप से इस साधना से लाभ प्राप्त होगा हर एक मान का पांच पांच माला आपने जब करना है सर्वप्रथम शाबरी विद्या है कंठस्थ कर लेन पूर्ण रूप से इस मंत्र को जगाने के लिए आप मेरे साथ कंसल्ट कर सकते साधना में हवन होना है और हवन का जो खर्चा भोग प्रसाद वह आपका ही रहता है मंत्र कंटेस्ट करने के बाद नीचे बताएगी विधि के अनुसार ही आपने इस बाण का प्रयोग करना है इस बहन के साथ आपके ऊपर लक्ष्मी माता की कृपा होती है मां सरस्वती की वाक् सिद्धि प्राप्त होती है गणपति गणेश एवं भोलेनाथ के दर्शन और उनकी कृपा प्राप्ति होते मंत्र जागृत होते विभिन्न प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती है जिन सिद्धियों के पीछे आज कल की दुनिया भागती है गुरु सानिध्य में ही इस मंत्र का प्रयोग करें बिना गुरु के इस मंत्र का कोई प्रयोग नहीं है इस मंत्र को ऐसे मंत्र जाप नहीं करना है जब तक आपके गुरु नहीं है गुरु आज्ञा करेंगे तो ही मंत्र का पूर्ण रूप से अनुष्ठान करना है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

ॐ गुरुजी समरुं ,गुणपति साधूं ,लाण डाकण मांरु चार सिकोत्तरे पाए  लगाडूँ,गुणपति राजा घोडे चडीयां भूत पलित में विघन हमेशा होंकारा पिछा फरे तो माई पार्वती जी का दुध हराम करे  ॐ गुरुजी गुणेश बोले भोले,सवा सैर लाडू खावे होंकारा सो कोस जावे हमेशा होंकारा पिछा फरे तो माई पार्वती जी का दुध हराम करे ॐ गुरुजी बोडोया वीर तुं बोलीया वीर जब जग तारी सेवा करुं लीला थई शिर धरुं माथे मांडु पलाण गसाण मांथी मुठी करुं कहोने संतो राम राम ॐ गुरुजी तम गणेश गोरी का पुत ज्यां समरुं त्या आयो जीत तमारा पिता ईश्वर महादेव साची तमारी सेवा करुं हमेश कामे पधारो लाडु सिन्दुरनी पडी लविंग सुपारी पान बिडूं श्री गणपती उर मां धरुं ॐ गुरुजी सोधबाई से चला आय राजा प्रजा लागे पाई वाटे घाटे न मारी ओजवाई ज्यां समरुं त्या आगेवान  

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा आप सभी के लिए गणेश जी के पांच बार लेकर आया हूं दिवाली से आपने इन का अनुष्ठान शुरू कर देना लाल लंगोट पहन कर गणपति जी की मूर्ति को अक्षत्र दूध चढ़ाकर फिर आपने दूध दही जल से कम अरमान स्नान करवाएं स्नान करवाते ओम गुरुजी गन गणपतए नमः ॐ गणपतए नमः पुष्प चढ़ाने है चूरमे के लड्डू नैवेद्य पान का बीड़ा लोंग सुपारी दक्षिणा अपनी सम्मुख रखी गूगल की धूप देकर आरती करें उसके पश्चात पांचवा मंत्र का जप करें 5 माला जप के पश्चात चूरमे के लड्डू का भोग लगाएं शेष सारी सामग्री भूमि में आपने गार्ड देनी है या अपने गणपति गणेश जी के मंदिर में चढ़ा देना या अपने जल प्रवाह कर दें आसन के ऊपर अक्षत तक संभाल कर रखें इच्छित कार्य में जाते समय गूगल की धूप देकर पांच बानो का 5 बार जप करके अक्षत्रो चिंतन करें कार्य अवश्य पूर्ण होगा यह एक प्रमाणित प्रयोग है यह पांचवा गुरु सानिध्य में ही आपने प्रयोग करना सर्वप्रथम इन की सिद्धि आप सवा महीने में कर सकते हो गुरु कृपा से ही इनका प्रयोग करना है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में बातचीत कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है जिनकी जानकारी आपको मेरी वेबसाइट और मेरे यूट्यूब के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

गणपति गणेश जी का रिद्धि सिद्धि बंधन मुक्ति सिद्ध शाबर मंत्र प्रयोग GANPATI GANESH JI KA RIDDI SIDDI BANDHAN MUKTI SIDDH SHABAR MANTRA


आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए गणपति गणेश जी का एक रत्ती सिद्धि दायक सिद्ध शाबर मंत्र लेकर आया हूं इस मंत्र के प्रयोग से जिन लोगों के ऊपर बंधन है जिन लोगों के कार्य नहीं बनते हैं जिन लोगों के ऊपर आर्थिक तंगी या किसी प्रकार का तांत्रिक बंधन लगा है तब वह इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हैं इस मंत्र के जप के बाद आपके ऊपर भगवान गणेश जी की मां सरस्वती मां लक्ष्मी की अपार कृपा होती है जिससे आपकी धन संबंधित जितनी भी परेशानी होती है सब दूर हो जाती है सर्वप्रथम किसी भी प्रयोग को योग्य पुरुष अथवा गुरु के सानिध्य में करा जाता है भक्ति कर्म कमाने के लिए कर सकते हैं लेकिन साधना सिद्धि गुरु के सानिध्य में ही होती है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ और नवनाथ 84 सिद्ध दोनों चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ आप बातचीत कर सकते हो बाकी की जानकारी वेबसाइट पर मिल जाएगी इस मंत्र का आपने नित्य कर्म में जब करना है अपनी क्षमता अनुसार इस मंत्र को ग्रस्त जीवन में रहते हुए और लाइफ में अगर आप जब ते हो तो आपके सारे काम बंदे हैं जो देवी देवता को दर्शन नहीं देते हैं वह भी आपके समक्ष आकर आपके कार्य करते हैं और आपके ऊपर कृपा बनाए रखते हैं इस मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला के ऊपर किसी भी आसन के ऊपर बैठकर और आपने गणेश जी को मोदक एवं लड्डुओं का भोग लगाकर मंत्र का जप कर सकते हैं आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

ॐ गणपति यहाँ पठाऊं तहां जावो दस कोस आगे जा ढाई कोस पीछे जा दस कोस सज्जे दस कोस खब्बे मैया गुफ्फा की आज्ञा मन रिद्धि सिद्धि देवी आन अगर सगर जो न आवे तो माता पारवती की लाज  ॐ क्राम् फट् स्वाहा !



गणेश गायत्री मंत्र प्रयोग से दुखों और कष्टों का निवारण नित्य कर्म में जपे समरथ अनुसार फिर देखो गणेश जी महाराज का चमत्कार (GANESH GYATRI MANTRA JAAP )

गणेश गायत्री मंत्र

अगर आपको लगे कि अकारण ही बार-बार आपके जीवन में बाधाएं आ रही हैं एक के बाद मुश्किलें खत्म नहीं होतीं तो संभव है यह आपके पिछले जन्म के कर्मों से जुड़ा हुआ कोई फल हो जिसका भुगतान इस जन्म में आपको इन रूपों में करना पड़ रहा है पिछले जन्म के बुरे कर्मों के प्रभाव से मुक्त होने के लिए प्रतिदिन 108 की संख्या में ‘गायत्री गणेश मंत्र’ का जाप करें। 11 दिनों तक लगातार यह जाप करने से व्यक्ति पूर्व जन्मों के सभी बुरे कर्मों से मुक्त हो जाता है उसे भाग्य का साथ मिलने लगता है उसके जीवन से बाधाएं दूर होने लगती हैं  जीवन में समृद्धि-उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं मंत्र इस प्रकार है

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।

जो लोग कुंडलिनी शक्ति को जागृत करना चाहते हैं अथवा अपने चक्र को जागृत करके अपने भीतर की शक्ति को जाना पहचानना चाहते हैं वह इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हैं विघ्न हरता के नाम से भी जाना जाता है गणेश भगवान जी मात्रे कैसे देता है जिनके दाएं और बाएं अंग लक्ष्मी माता और सरस्वती माता दोनों का आगमन इनके साथ ही हो जाता है तो इनकी पूजा कृपा पाना चाहते हो तो नित्य कर्म में आप इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो आप अपनी समर्थन सारे इसको जब सकते हो जरूरी नहीं है कि आपने उसको लाखों में जपना है जितना आपको सही लगे उतना आप जब सकते हो ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करना चैनल को सब्सक्राइब बैल आइकन पर क्लिक करना और लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में आप अपने प्रश्न उत्तर पा सकते हो आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

गणेश तांत्रिक मंत्र GANPATI GANESH TANTRIK MANTRA SIDDH SHABAR MANTRA

गणेश तांत्रिक मंत्र

मनोवांछित फलों की प्राप्ति हेतु प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए हालांकि इसके पूर्ण लाभ के लिए विशेष पूजा के बाद 108 बार इसका जाप करना फलदायी होता है लेकिन प्रतिदिन शिव-पार्वती के साथ गणपति की पूजा-अर्चना करते हुए अगर इसका जाप किया जाए तो भी इसके लाभ मिलते हैं इससे व्यक्ति सभी प्रकार के दुखों तथा रोग-शोक से मुक्त होता पर ध्यान रखें कि इस दौरान क्रोध द्वेश ईर्ष्या जलन पर-स्त्री या पर-पुरुष गमन आदि भावनाओं से मुक्त रहना आवश्यक है अन्यथा इसका लाभ नहीं मिलता मंत्र इस प्रकार है

ॐ ग्लौम गौरी पुत्र वक्रतुंड गणपति गुरू गणेशग्लौम गणपति ऋदि्ध पति सिदि्ध पति मेरे कर दूर क्लेश


गणेश कुबेर मंत्र घर में धन का आगमन एवं धन की पूर्ति करता है यह गणेश कुबेर सिद्ध शाबर मंत्र GANESH KUBER SIDDH DHANLAXMI SIDDH SHABAR MANTRA PARYOG

गणेश कुबेर मंत्र

अगर आप कर्ज के बोझ तले लगातार दबते जा रहे हैं चाहकर भी उसे चुका नहीं पा रहे हैं तो प्रतिदिन प्रात:काल में गणपति की पूजा करने के बाद ‘गणेश कुबेर मंत्र’ का 108 बार जाप करें नियमित रूप से कुछ दिनों तक यह उपाय करने से आय के नए स्रोत बनने लगेंगे, तरक्की तथा धन लाभ होगा और आपके कर्ज चुकने लगेंगे मंत्र इस प्रकार है

ॐ श्री गणेश कुबेर्ये नमः ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए धन का आगमन घर में धन की जो तकलीफ रहती है आपके घर में धन की कमी रहती है उसके अभाव को पूरा करता है यह मंत्र इस मंत्र का नित्य 11 माला रुद्राक्ष की माला के ऊपर जप करें इसके लिए आप नित्य कर्म में भी इस मंत्र की पूजा कर सकते हैं इस मंत्र के जाप से आपके घर में धन का आगमन होना चालू हो जाएगा धन संबंधी आप की जितनी भी दिक्कतें होती है वह सब दूर हो जाएंगी आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट जरूर करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट नहीं मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हैं ।



गणेश जी की अरदास एवं पाठ मात्र 5 बार पढ़ने से संपूर्ण होगै सारे कार्य (GANPATI GANESH JI KA RIDDHI SIDDHI DENE WALA MANTRA JAAP 5 BAR MAIN KAM )

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए गणेश जी महाराज की अरदास एवं जाप लेकर आया हूं यह मंत्र दो प्रकार से कार्य करता है अरदास के रूप में भी कार्य करता है अथवा रूटीन लाइफ में पाठ करते हो तो भी यह कार्य करता है यह एक सिद्धनाथ है नाथ संप्रदाय में इस पाठ का प्रयोग पूर्ण रूप से करा जाता है किसी भी साधना में अगर आपको सफलता नहीं मिलती है आपके जीवन में कठिनाइयां आ रही हैं बार-बार साधना करने पर आपको असफलता मिल रही है तब आपने इस मंत्र का प्रयोग करना है जो लोग गुरु दीक्षित हैं और जो लोग बिना गुरु के हैं वह भी इस मंत्र का पाठ कर सकते हैं पाठ करने की विधि नॉर्मल सी है गणेश पूजन और पूजन के समय आपने आरती करने से पहले इस पाठ को करना है अथवा गणेश जी के सामने ज्योति को 

जय गणेश जय गणेश जय गणेश पाहि माम  जय गणेश जय गणेश जय गणेश रक्ष माम जय सरस्वती जय सरस्वती जय सरस्वती पाहि माम  जय अम्बे जय अम्बे, जय अम्बे जय जननी जय जगदीश्वरी मात सरस्वती मोह विनाशनी जय अम्बे जय अम्बे जय जय जय जग जननी जय जय अम्बे  जय जगदीश्वरी माता  सरस्वती मोह विनाशिनी जय अम्बे  जय दुर्गे जय दुर्गे जय जय दुर्गति नाशिनी जय दुर्गे  आदि शक्ति पर ब्रह्म स्वरूपिणी भव भय नाशिनी जय दुर्गे अम्बा की जय-जय दुर्गा की जय जय सीता की जय जय राधा की जय जय गायत्री की जय जय सावित्री की जय जय गीता की जय जय माता की जय जय जय जगद अम्बा ग्रहि कर माला, बसो हृदय में बह चर ढाला कालीकाली महाकाली भद्रकाली नमोऽस्तुते  देवि देवि महादेवि विष्णुर्देवि नमो नम  

घुमाते रहना है इसमें आपने गणेश जी को लड्डू एवं मोदक का भोग लगाना है इस पाठ का कोई नियम नहीं है कोई भी व्यक्ति कोई भी बच्चा इस पाठ को कर सकता है लेकिन पहले आप को कंठस्थ करना पड़ेगा कंठस्थ होने के बाद यह पाठ अगर आप नियमों के साथ अपने निजी जीवन में करते हो आपके जीवन में सारी कठिनाइयां दूर हो जाएंगी आप सफलता की ओर जाएंगे और जिन लोगों के कार्य नहीं बनते हैं उन लोगों के कार्य ही बनेंगे अथवा जो लोग कुंडलिनी शक्ति जागृत करना चाहते हैं वह लोग इस मंत्र का पाठ कर सकते हैं नित 21 पाठ से आपक मूलाधार चक्र में प्रवेश कर जाती है और आपको शक्ति का एहसास एवं शिव परिवार और गणपति गणेश जी की अपार कृपा एवं शक्ति प्राप्ति होती है यह मंत्र के जप से आपके घर में धन की बरकत एवं धन के भंडार सदा ही भरे रहते हैं क्योंकि गणेश जी के साथ में ही मां लक्ष्मी एवं माता सरस्वती विराजमान है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल पर विजिट करें सनी नाथ के नाम से मेरा चैनल है सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक जरूर करें ताकि जब भी मैं लाइव आओ आप लाइव चैट में मेरे साथ बात कर पाए बाकी की जानकारी मेरी वेबसाइट एवं यूट्यूब पर मिल जाएगी ।

🙏श्री 🙏गणेश🙏 जी 🙏की 🙏आरती🙏

🙏SUNNY🙏 NATH 🙏SHARMA🙏

🙏श्री 🙏गणेश🙏 जी 🙏की 🙏आरती🙏


जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे
मूसे की सवारी ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे
संत करें सेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत
निर्धन को माया ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो
जाऊं बलिहारी ॥
🌸🌸🌸🌸🌸
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥
🌸🌸🌸🌸🌸


🌸SUNNY 🌸NATH🌸SHARMA🌸

🌸 हर 🌸हर🌸महादेव🌸

उच्छिष्ट गणपति साधना GANPATI KI SADHANA GANESH CHUTRTHI SIDDH PARYOG

उच्छिष्ट गणपति साधना

गणपति जी एक सात्विक देवता सामान्य रूप से माने जाते हैं दक्षिण मार्ग और वैष्णव या वैदिक मार्ग में इन्हें परम सात्विक देवता माना जाता है तंत्र में यह सात्विक और तामसिक दोनों रूपों से पूजित होते हैं तंत्र में इनका एक रूप उच्छिष्ट गणपति का भी पूजित होता है जो अत्यंत तीब्र प्रभावकारी रूप होता है इस स्वरुप की पूजा बहुत शीघ्र और उत्तम सफलतादायक होती है इस पूजा में विभिन्न वस्तुओं अथवा वनस्पतियों से गणपति जी की मूर्ती बनाई जा सकती है जैसे श्वेतार्क नीम बाम्बी की मिटटी मोम आदि प्रस्तुत प्रयोग नीम की लकड़ी पर आधारित है जिससे विविध कामनाओं के अनुसार उपयोग किया जा सकता है 

विधि 

कड़वे नीम की जड़ से कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन अंगूठे के बराबर की गणेश जी की प्रतिमा बनाकर रात्रि के प्रथम प्रहर में स्वयं लाल वस्त्र धारण कर लाल आसन पर पश्चिम मुख होकर सामने थाली में प्रतिमा को स्थापित कर साधना में सफलता की सदगुरुदेव से प्रार्थना कर संकल्प करें और ततपश्चात गणपति जी का ध्यान कर उनका पूजन लाल चन्दन अक्षत पुष्प के द्वारा पूजन करे और लाल चन्दन की ही माला से ५ माला मन्त्र जप करें सात दिनों तक ऐसे ही पूजन करे और आठवे दिन अर्थात अमावस्या को पञ्च मेवे से ५०० आहुतियाँ करें इससे मंत्र सिद्ध हो जाता है तब आप इनके विविध प्रयोगों को कर सकते हैं

ध्यान मन्त्र 
दंताभये चक्र वरौ दधानं कराग्रग्रम् स्वर्ण-घटं त्रि-नेत्रं 
धृताब्जयालिंगितमब्धि-पुत्र्या लक्ष्मी-गणेशं कनकाभमीडे

मंत्र- ॐ नमो हस्ति मुखाय लम्बोदराय उच्छिष्ट महात्मने क्रां क्रीं ह्रीं घे घे उच्छिष्ठाय स्वाहा.

विशेष
चूंकि यह साधना तंत्र साधना है अतः किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करना उत्तम होता है इसे करते समय सुरक्षा कवच अवश्य धारण करें साधना पूर्व आवश्यक मार्गदर्शन किसी योग्य से अवश्य लें विधि-विधान की जानकारी के साथ साधना करें और गणपति कवच का पाठ अवश्य करें !

श्रीगणेशजी के कल्याणकारी मंत्र (GANPATI GANESH JI KE KALIYANKARI RAN MUKTI MANTRA PARYOG)

श्रींगणेश चतुर्थी विशेष 



ईन मंत्रो मे से अपनी कामनाओं के अनुसार कोई भी एक मंत्र का जाप करे

ॐ गं गणपतये नमः

ऐसा शास्त्रोक्त वचन हैं कि गणेश जी का यह मंत्र चमत्कारिक और तत्काल फल देने वाला मंत्र हैं इस मंत्र का पूर्ण भक्तिपूर्वक जाप करने से समस्त बाधाएं दूर होती हैं  षडाक्षर का जप आर्थिक प्रगति व समृध्दिदायक है 

ॐ वक्रतुंडाय हुम्‌

किसी के द्वारा कि गई तांत्रिक क्रिया को नष्ट करने के लिए  विविध कामनाओं की शीघ्र पूर्ति के लिए उच्छिष्ट गणपति कि साधना की जाती हैं उच्छिष्ट गणपति के मंत्र का जाप अक्षय भंडार प्रदान करने वाला हैं

ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा

आलस्य  निराशा कलह विघ्न दूर करने के लिए विघ्नराज रूप की आराधना का यह मंत्र जपे

ॐ गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:

मंत्र जाप से कर्म बंधन रोगनिवारण कुबुद्धि कुसंगत्ति  दूर्भाग्य  से मुक्ति होती हैं समस्त विघ्न दूर होकर धन आध्यात्मिक चेतना के विकास एवं आत्मबल की प्राप्ति के लिए हेरम्बं गणपति का मंत्र जपे

ॐ गूं नम:


रोजगार की प्राप्ति व आर्थिक समृध्दि प्राप्त होकर सुख सौभाग्य प्राप्त होता हैं

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पतये वर वरदे नमः ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात

लक्ष्मी प्राप्ति एवं व्यवसाय बाधाएं दूर करने हेतु उत्तम मान गया हैं

ॐ गीः गूं गणपतये नमः स्वाहा

इस मंत्र के जाप से समस्त प्रकार के विघ्नो एवं संकटो का का नाश होता हैं

ॐ श्री गं सौभाग्य गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा

अथवा

ॐ वक्रतुण्डेक द्रष्टाय क्लीं हीं श्रीं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मं दशमानय स्वाहा

विवाह में आने वाले दोषो को दूर करने वालों को त्रैलोक्य मोहन गणेश मंत्र का जप करने से शीघ्र विवाह व अनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति होती है

ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः

इस मंत्र के जाप से मुकदमे में सफलता प्राप्त होती हैं

ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः

वाद-विवाद  कोर्ट कचहरी में विजय प्राप्ति शत्रु भय से छुटकारा पाने हेतु उत्तम

ॐ नमः सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय सर्व राज्य वश्य कारनाय सर्वजन सर्व स्त्री पुरुषाकर्षणाय श्री ॐ स्वाहा

इस मंत्र के जाप को यात्रा में सफलता प्राप्ति हेतु प्रयोग किया जाता हैं

ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा

यह हरिद्रा गणेश साधना का चमत्कारी मंत्र हैं

ॐ ग्लौं गं गणपतये नमः

गृह कलेश निवारण एवं घर में सुखशान्ति कि प्राप्ति हेतु

ॐ गं लक्ष्म्यौ आगच्छ आगच्छ फट्

इस मंत्र के जाप से दरिद्रता का नाश होकर, धन प्राप्ति के प्रबल योग बनने लगते हैं

ॐ गणेश महालक्ष्म्यै नमः

व्यापार से सम्बन्धित बाधाएं एवं परेशानियां निवारण एवं व्यापर में निरंतर उन्नति हेतु

ॐ गं रोग मुक्तये फट्

भयानक असाध्य रोगों से परेशानी होने पर, उचित ईलाज कराने पर भी लाभ प्राप्त नहीं होरहा हो तो पूर्ण विश्वास सें मंत्र का जाप करने से या जानकार व्यक्ति से जाप करवाने से धीरे-धीरे रोगी को रोग से छुटकारा मिलता हैं

ॐ अन्तरिक्षाय स्वाहा

इस मंत्र के जाप से मनोकामना पूर्ति के अवसर प्राप्त होने लगते हैं

गं गणपत्ये पुत्र वरदाय नमः

इस मंत्र के जाप से उत्तम संतान कि प्राप्ति होती हैं

ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः

इस मंत्र के जाप से मुकदमे में सफलता प्राप्त होती हैं

ॐ श्री गणेश ऋण छिन्धि वरेण्य हुं नमः फट

यह ऋण हर्ता मंत्र हैं इस मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए इससे गणेश जी प्रसन्न होते है और साधक का ऋण चुकता होता है  कहा जाता है कि जिसके घर में एक बार भी इस मंत्र का उच्चारण हो जाता है है उसके घर में कभी भी ऋण या दरिद्रता नहीं आ सकती

इन मंत्रों के अतिरिक्त गणपति अथर्वशीर्ष  संकटनाशक गणेश स्त्रोत गणेशकवच  संतान गणपति स्त्रोत ऋणहर्ता गणपति स्त्रोत मयूरेश स्त्रोत गणेश चालीसा का पाठ करते रहने से गणेश जी की शीघ्र कृपा प्राप्त होती है

जप विधि


प्रात: स्नानादि शुद्ध होकर कुश या ऊन के आसन पर पूर्व की ओर मुख कर बैठें सामने गणॆश‌जी का चित्र यंत्र या मूर्ति स्थाप्ति करें फिर षोडशोपचार या पंचोपचार से भगवान गजानन का पूजन कर प्रथम दिन संकल्प करें इसके बाद भगवान गणेश का एकाग्रचित्त से ध्यान करें नैवेद्य में यदि संभव हो तो बूंदि या बेसन के लड्डू का भोग लगाये नहीं तो गुड का भोग लगाये  साधक गणेश‌जी के चित्र या मूर्ति के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाए रोज १०८ माला का जाप करने से शीघ्र फल कि प्राप्ति होती हैं यदि एक दिन में १०८ माला संभव न हो तो ५४, २७,१८ या ९ मालाओं का भी जाप किया जा सकता हैं मंत्र जाप करने में यदि आप असमर्थ हो तो किसी ब्राह्मण को उचित दक्षिणा देकर उनसे जाप करवाया जा सकता हैं अथवा प्रथम दिन अजपाजाप का संकल्प लेकर दिन भर अन्य कार्य भी करते हुए मन ही मन कामना अनुसार मन्त्र जाप करते रहने से पूर्वजनित प्रारब्ध कटता है जिससे आपके द्वारा किये गए मंत्रजप धीरे धीरे फल देने लगते है

इन मंत्रो के जप से व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं रहता है परिस्थितिवश अगर कष्ट आता भी है तो उनसे पार पाने का सामर्थ्य मिलता है आर्थिक स्थिति मे सुधार होता है !

मुकदमें में विजय प्राप्ति का प्रयोग कोर्ट कचहरी के मामले में सफल होना चाहते हो तो जपु यह जांच के कैस के पक्ष में ही होगा (KOT KACHRI MAIN VIJAYE PRAPATI GANESH JI KA JAAP )

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी मुकदमा में विजय प्राप्ति पाने के लिए गणपति महाराज का सिद्ध प्रयोग लेकर आया हूं इस मंत्र का प्रयोग वह लोग कर सकते हैं जिन लोगों के वो इस मंत्र का प्रयोग करें या फिर जिन लोगों की सुनवाई नहीं होती है उनके लिए यह मंत्र कारगर सिद्ध होगा सर्वप्रथम किसी भी मंत्र का जप करने से पहले गुरु आज्ञा और किसी जानकर की आज्ञा लेना जरूरी है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें और वीडियो देखकर आप समझ ले क्या बोला है और बाकी के डिटेल मेरी वेबसाइट पर है उसको भी अच्छे से रीड कर ले सनी नाथ शर्मा जय गुरु गोरखनाथ ।

ॐ वट वरदाय विजय गणपतये नमः   

इस मंत्र का आपको संकल्प लेकर तकरी बना 125000 का जब करना पड़ता है तब जाकर आप का मंत्र जागृत होता है फिर आपने मन ही मन मंत्र पढ़ते हुए गणेश जी महाराज को पांच मोदक का भोग लगाते हुए और अपने माथे पर पीले रंग का तिलक करते हुए अपने मुकदमे में विजय प्राप्ति की प्रार्थना करते हुए आपने कोर्ट में जाना है आपने जब तक आपका वहां पर बैठना या रुकना होता है तब तक आपको इस मंत्र का मन ही मन जाप करते जाना है आपने किसी व्यक्ति के साथ इस व्यक्ति का या फिर किसी को आपको बताना नहीं है और आपने किसी व्यक्ति के साथ बातचीत भी नहीं करनी है गुरु की आज्ञा या किसी जानकारी की आज्ञा से इस मंत्र का आप लाभ दे सकते हो अधिक जानकारी के लिए आप मेरे साथ कंसल्ट कर सकते हो मेरी वेबसाइट पर और मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर सारी डिटेल है आप वहां पर विजिट करके लाइव चैट में मेरे साथ बात कर सकते हो सनी नाथ शर्मा आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ ।


लक्ष्मी प्राप्ति के लिए सिद्धि विनायक गणपति की पूजा के बाद (LAKASHIMI GANESH JI KI SIDDHI )

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ मैं सनी शर्मा एक बार फिर से लक्ष्मी गणेश साधना ले एक आया हु इस मंत्र का विधान गुरु कृपा और गुरु से करना है कोई भी मंत्र का जाप गुरु बिना नहीं होता गुरु जाप के बाद ही आपको इसका मंत्र जाप कर सकते हो साधना सिद्धि करने से पहले गुरु पूजन गणेश पूजन गुरु आज्ञा फिर जपना है अपने यह सिद्ध शाबर मंत्र जाप जायदा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल पर विजिट कर और सब्क्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करके लाइव चैट में फ्री बात करे बाकी की डिटेल वेबसाइट पर है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सन्नी नाथ शर्मा ।

  ऊँ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये वरवरद सर्वाजनं मे वशमानय स्वाहा मंत्र के नित्य एक माला के जप करने से लक्ष्मी प्राप्ति के मार्ग खुलते है इस मंत्र का नियत कर्म में जाप करना अपनी पूजा के बाद लास्ट में आप इस मंत्र की एक जा उस से अधिक माला आप कर सकते हो बाकी जैसे आपके गुरु आपको आगया करते है वैसे आपको जाप करना है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

🌸विघ्नहरता गणेश जी की आरती🌸

🌸विघ्नहरता गणेश जी की आरती🌸


जय गणेश,जय गणेश,जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा।

एक दन्त,दयावन्त,चार भुजा धारी,
मस्तक सिंदूर सोहे,मुसे की सवारी।

सुबह,शाम शरण आए,सफल कीजे सेवा,
 माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा।

अन्धन को आँख देत,कोडन को काया, वांझन को पुत्र देत,निर्धन को माया।

पान चढे,फूल चढ़े और चढे मेवा,
लड्डूअन का भोग लगे,सन्त करे सेवा।

जय गणेश,जय गणेश,जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा।

दीनन की लाज राखो,शम्भु सुतवारी, कामना को पूरा करो,जग बलिहारी।

जय गणेश,जय गणेश,जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा।

मंगलकारी गणेश चतुर्थी कथा (GANPATI JIKI MANGLAKARI GANESH CATHURTHI KATHA )

मंगलकारी गणेश चतुर्थी कथा


जय गणपति,गणनायक जय हो,जन मन मंगल त्राता।
एक रदन,गजवदन,विनायक,चतुर्थी के दिन आता।।

भगवान श्री गणेश जी का जन्म भाद्रपद मास की शुकल पक्ष चतुर्थी को रात के पहले पहर में हुआ था, इसलिये ये दिन गणेश चतुर्थी कहलता है। वाल्यकाल में जब भगवान शिव ने त्रिशूल से उनका सिर भेदन किया था,तब मां पार्वती की एकत्रित एंव उत्पन्न शक्तीयो ने प्रलय मचा दिया था।भगवान शिव उसी समय भगवान विष्णु के पास पहूँचे और उनकी सहायता से हाथी के शिशु का सिर श्री गणेश जी के धड पर लगा दिया और अमृत वर्षा करके उन्हें जीवित कर दिया था।

                    महादेव शंकर ने उनहें अपना पुत्र स्वीकार करते हुए अनेक वर दिए। उन्हे यह भी वर दिया था जो भी भक्तगण पूजा अर्चना करते समय सर्वप्रथम उनके पुत्र गणेश का पूजन करेगा,उसकी पूजा या अन्य धार्मिक कार्य निर्विघ्नम सम्पूर्ण होंगे। इसलिए गणेश जी देवों के देव कहलाए और मंगल व सिद्धि दाता बने। इसके साथ ही शिव जी ने उन्हें यह वर भी दिया था कि जो भक्त तुम्हारे जन्म तिथि अर्थात् गणेश चतुर्थी के दिन तुम्हारा पूजन एंव व्रत करेगा उसे सभी रिद्धि और सिद्धि प्राप्त होगी। भगवान शिव ने शिव पुराण में भी इसका उल्लेख किया है जो भक्त श्रद्धा,भक्ति और विश्वास के साथ गणेश चतुर्थी का व्रत पूजा अर्चना सहस्त्ररनाम से करेगा उसके सभी विघ्नो का नाश होगा और मनोकामना सिद्ध होगी। 

       गणेश चतुर्थी का व्रत स्त्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है । स्त्रियों को भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी,कार्तिक कृष्ण चतुर्थी,माघ कृष्ण चतुर्थी के व्रत करने चाहिए,इन्हे बहुला चौथ,करवा चौथ और संकट चौथ  कहते हैं।इस दिन गणपति के सहस्त्रनाम का पाठ करने वाली स्त्रियो को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं।

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी का त्योहर भाद्र की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी से ही गणेश महोत्सव की शुरुआत हो जाती है पहले दिन गणपति जी की स्थापना की जाती है 10 दिनों में गणेश पूजन किया जाता है

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी का त्योहर भाद्र की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी से ही गणेश महोत्सव की शुरुआत हो जाती है पहले दिन गणपति जी की स्थापना की जाती है 10 दिनों में गणेश पूजन किया जाता है 

        इस साल गणेश चतुर्थी व्रत 31 अगस्त को रखा जाएगा। 9 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी की मूर्ति विसर्जन की जाएगी।

पूजन विधि: गणेश चतुर्थी के दिन प्रात:काल स्नान कर के घर के मंदिर में दीपक जलाये,अब व्रत पूजा का संकल्प ले,इस दिन शुभ मुहूर्त में भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की जाति है,भक्त गणपति जी की मूर्ति का गंगाजल से अभिषेक करे,भगवान श्री गणेश जी को पुष्प दूर्वा घास अर्पित करें दूर्वा घास भगवान गणेश जी को अति प्रिय है मान्यता है की दूर्वा चढाने से भगवान गणेश जी प्रसन्न होकर भक्तों के सारे संकट हर ले जाते हैं।भगवान गणेश जी की पूजा के दौरान सिंदूर अर्पित करे तथा भोग मे मोदक लड्डू अर्पित करें।पूजा के अंत में भगवान गणेश जी की आरती करके उन्हें प्रणाम करें और क्षमा प्रार्थना करें अंत मे प्रसाद वितरण करे।

पूजा महुर्त : 
चतुर्थी तिथि आरम्भ : 30 अगस्त 2022 को  दोपहर 3 वजकर 33 मिनट पर।

चतुर्थी तिथि समाप्त: 31 अगस्त 2022 को  दोपहर 3 वजकर 22 मिनट पर।

चतुर्थी तिथि व्रत पूजन : 31 अगस्त 2022 को

गणेश मुर्ती स्थापना महुर्त सुबह 11 बजकर 05 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक