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"मसान" का अर्थ है श्मशान या वो स्थान जहाँ शवों का अंतिम संस्कार होता है। यह हिंदू संस्कृति में शव दाह या दफनाने की जगह होती है। लेकिन "मसान" शब्द का उपयोग कुछ विशेष प्रकार की आत्माओं या प्रेतों के लिए भी किया जाता है, जो श्मशान या मृत्यु से जुड़े माने जाते हैं।

 "मसान" का अर्थ है श्मशान या वो स्थान जहाँ शवों का अंतिम संस्कार होता है। यह हिंदू संस्कृति में शव दाह या दफनाने की जगह होती है। लेकिन "मसान" शब्द का उपयोग कुछ विशेष प्रकार की आत्माओं या प्रेतों के लिए भी किया जाता है, जो श्मशान या मृत्यु से जुड़े माने जाते हैं।


### मसान का धार्मिक और आध्यात्मिक संदर्भ:


1. **श्मशान**: 

   - श्मशान वह पवित्र स्थान होता है जहाँ मृत शरीर का अंतिम संस्कार किया जाता है। यहाँ पर अग्नि के माध्यम से शरीर को जलाकर आत्मा को मुक्त किया जाता है। श्मशान का संबंध मृत्यु, अंतिम संस्कार और आत्माओं की मुक्ति से है।

   - श्मशान को कई तांत्रिक और आध्यात्मिक साधनाओं में शक्ति स्थल माना जाता है। कुछ साधक श्मशान साधना करते हैं, जिसे तांत्रिक और अघोरी परंपराओं में खास महत्व दिया गया है।


2. **मसान आत्मा**:

   - "मसान" शब्द का उपयोग कई बार उन आत्माओं के लिए किया जाता है जो मृत्यु के बाद शांति नहीं पाती हैं और श्मशान भूमि में या उसके आसपास भटकती हैं। ऐसी आत्माओं को "मसान आत्मा" या "प्रेत आत्मा" भी कहा जाता है।

   - मान्यता है कि वे आत्माएं जिनकी असमय मृत्यु हुई होती है या जिनका अंतिम संस्कार विधिपूर्वक नहीं हुआ, वे श्मशान या मसान में भटकती रहती हैं। इन्हें कुछ स्थानों पर "भूत" या "प्रेत" भी कहा जाता है।


### मसान कैसे पैदा होते हैं?


1. **असमय मृत्यु**: 

   - जिन लोगों की मृत्यु असमय होती है, जैसे दुर्घटना, हत्या, आत्महत्या आदि से, वे आत्माएं शांति नहीं पातीं और श्मशान में भटकती रहती हैं।

   

2. **अधूरे संस्कार**: 

   - जिनका अंतिम संस्कार सही तरीके से नहीं हुआ या जिनके श्राद्ध और तर्पण नहीं किए गए, उनकी आत्माएं शांति नहीं पातीं और "मसान" या "प्रेत" के रूप में श्मशान में भटकती हैं।


3. **असंतुष्ट आत्माएं**:

   - यदि किसी आत्मा के जीवन में कुछ अधूरी इच्छाएं रह जाती हैं या उसे न्याय नहीं मिलता है, तो वह आत्मा मृत्यु के बाद शांति नहीं पाती। ऐसी आत्माएं मसान बनकर श्मशान या अन्य स्थलों पर भटक सकती हैं।


### मसान से संबंधित परंपराएं और मान्यताएं:


1. **अघोरी साधक**: 

   - अघोरी साधु श्मशान में तपस्या और साधना करते हैं क्योंकि उन्हें श्मशान को पवित्र और शक्ति स्थल माना जाता है। अघोरी परंपरा में, मसान की साधना का बड़ा महत्व है।

   

2. **श्मशान की पूजा**: 

   - कुछ परंपराओं में श्मशान भूमि की पूजा या तांत्रिक अनुष्ठान किए जाते हैं। यह माना जाता है कि श्मशान स्थल में तांत्रिक शक्तियां निवास करती हैं और यहां साधना करने से सिद्धि प्राप्त होती है।


3. **मसान से बचाव**: 

   - ऐसी मान्यता है कि श्मशान से आने वाली नकारात्मक शक्तियों या मसान आत्माओं से बचने के लिए विशेष मंत्रों का जाप या रक्षात्मक उपाय किए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, काला धागा बांधना, हनुमान चालीसा का पाठ करना, या शुद्धिकरण के उपाय करना आम उपाय माने जाते हैं।


मसान से संबंधित कथाएं और मान्यताएं बहुत गहरी हैं और विभिन्न क्षेत्रों में इन्हें अलग-अलग तरीकों से समझा जाता है।



शीतला माता और मसानी माता दोनों ही हिंदू धर्म में पूजनीय देवी हैं और विभिन्न स्थानों पर इनकी पूजा की जाती है।

शीतला माता और मसानी माता दोनों ही हिंदू धर्म में पूजनीय देवी हैं और विभिन्न स्थानों पर इनकी पूजा की जाती है।

1. शीतला माता: शीतला माता को रोगों और विशेषकर त्वचा की बीमारियों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्हें ठंडक और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा विशेष रूप से गर्मी और मौसमी बीमारियों से सुरक्षा के लिए की जाती है। शीतला माता की पूजा आमतौर पर नवमी तिथि को होती है, जिसे शीतला अष्टमी या शीतला नवमी भी कहा जाता है।



2. मसानी माता: मसानी माता, जिनको माता शाकम्भरी के रूप में भी पूजा जाता है, ग्रामीण इलाकों में खासकर उत्तर भारत में विशेष महत्व रखती हैं। मसानी माता को विशेष रूप से गांवों की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूजा जाता है। उनका पूजा-अर्चना आमतौर पर बीमारियों और अन्य संकटों से मुक्ति के लिए की जाती है।



दोनों माताओं की पूजा का उद्देश्य समाज और व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों और संकटों से बचाना होता है।

शीतला माता विभिन्न रूपों में पूजा जाती हैं, जो उनकी विभिन्न शक्तियों और विशेषताओं को दर्शाते हैं। प्रमुख रूप निम्नलिखित हैं:

1. शीतला देवी: इस रूप में, शीतला माता को ठंडक और रोगों से सुरक्षा देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। यहाँ उनकी छवि आमतौर पर शांत और सौम्य होती है, और उन्हें बर्तन में ठंडे जल, पंखा, और कुछ अन्य प्रतीकों के साथ दिखाया जाता है।


2. शीतला अष्टमी: इस रूप में, विशेष रूप से शीतला अष्टमी के दिन उनकी पूजा की जाती है। इस दिन उनके भक्त विशेष पूजा और व्रत करते हैं, और घर की सफाई कर उनकी पूजा करते हैं।


3. शीतला नवमी: कुछ स्थानों पर, शीतला माता को नवमी तिथि के दिन पूजा जाता है। इस दिन विशेष रूप से स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की जाती है।


4. शीतला चतुर्दशी: इस दिन भी शीतला माता की पूजा होती है, खासकर रोगों और बीमारियों से सुरक्षा के लिए।



इन रूपों में, शीतला माता को आमतौर पर बहुत ही शांत और मातृस्वरूपा के रूप में पूजा जाता है, और उनकी पूजा से शीतलता, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है।




शीतला माता को भारतीय परंपरा में उन्होंने जीवन की रक्षा और रोगों की निवारण की देवी के रूप में पूजा जाता है।

 शीतला माता को भारतीय परंपरा में उन्होंने जीवन की रक्षा और रोगों की निवारण की देवी के रूप में पूजा जाता है। वे मौसम के बदलाव के साथ ही बीमारी और विपदाओं के साथ जुड़े हुए हैं। शीतला माता को अक्सर मसानी माता के रूप में भी जाना जाता है। वे घास की देवी के रूप में भी पूजा जाती हैं क्योंकि उनके पूजन से लोग विभिन्न बीमारियों से बच सकते हैं। शीतला माता की शक्ति की कहानी में कई विभिन्न संस्कृतियों और क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न परंपराएं और विचार होते हैं, लेकिन उनकी मुख्य विशेषता यह है कि वे रोग और आपदा की रक्षा करती हैं। वे अक्सर लाल रंग की साड़ी में चित्रित की जाती हैं, और उनकी पूजा के समय लोग उन्हें प्रसाद के रूप में बालू की रोटियाँ, धूप, फूल, और बादाम के दाने देते हैं।

शीतला माता की शक्ति को शीतला शक्ति या शीतला शत्कि कहा जाता है। यह शक्ति उन्हें रोगों और बुराई से बचाने की क्षमता प्रदान करती है। शीतला माता की शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है उनकी पूजा और अर्चना में, जिसे लोग अपने जीवन में सुरक्षा और सुख-संपत्ति की कामना के साथ करते हैं। यह शक्ति उनकी भक्तों को स्थायित्व और स्थिरता की भावना प्रदान करती है, जिससे उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं में सहायता मिलती है।

"शीतला मसानी की शक्ति" का अर्थ होता है "शीतला माता की शक्ति"। यह शक्ति शीतला माता के पूजन और आराधना के द्वारा प्राप्त की जाती है और उनके भक्तों को सुरक्षा और समृद्धि प्रदान करने की मान्यता है। लोग शीतला माता की शक्ति का स्मरण करते हैं और उनकी कृपा का आशीर्वाद मांगते हैं जब वे किसी संकट या बीमारी से पीड़ित होते हैं। इस शक्ति को प्राप्त करने के लिए, वे शीतला माता की पूजा करते हैं और उनके चरणों में अर्पण करते हैं। इस प्रकार, "शीतला मसानी की शक्ति" उनकी भक्ति और साधना का प्रतीक होता है।






मसानी माता एक पौराणिक कथा में प्रसिद्ध हैं, जो भारतीय धर्म के संदर्भ में उन्हें एक देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता के अनुसार, मसानी माता जल, स्वच्छता, और स्नान की देवी हैं। विशेष रूप से, उन्हें मृत्यु के क्षेत्र में प्रभावशाली माना जाता है।

 मसानी माता एक पौराणिक कथा में प्रसिद्ध हैं, जो भारतीय धर्म के संदर्भ में उन्हें एक देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता के अनुसार, मसानी माता जल, स्वच्छता, और स्नान की देवी हैं। विशेष रूप से, उन्हें मृत्यु के क्षेत्र में प्रभावशाली माना जाता है। 


ज्यादातर मसानी माता के पूजा-अर्चना का मुख्य तरीका पूर्वांचल और उत्तर भारतीय प्रदेशों में पाया जाता है। पूजा में, अक्सर जल और फूलों की अर्चना की जाती है, ताकि उन्हें उनकी कृपा मिले और भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने में मदद मिले। 


कई स्थानों पर लोग इस देवी को श्रापों और बुरी किस्मत से मुक्ति प्रदान करने के लिए भी पूजते हैं। विशेष रूप से, जिन लोगों को मृत्यु के क्षेत्र में संघर्ष करना पड़ा हो, वे मसानी माता की कृपा के लिए प्रार्थना करते हैं।


यह एक पूर्वांचली परंपरा है और विभिन्न स्थानों पर इसकी पूजा के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं, लेकिन सामान्य रूप से यह देवी जल और स्वच्छता के देवी के रूप में पूजी जाती हैं।




Masani Mata is a revered deity in Hinduism, particularly in certain regions of India, especially in Rajasthan and some parts of North India. She is believed to be a manifestation of Shakti, the divine feminine energy.

Masani Mata is a revered deity in Hinduism, particularly in certain regions of India, especially in Rajasthan and some parts of North India. She is believed to be a manifestation of Shakti, the divine feminine energy.


The origin and history of Masani Mata are steeped in myth and legend, and there are variations in the stories surrounding her. However, she is generally regarded as a powerful and protective deity, often worshipped for blessings related to health, prosperity, and protection from evil spirits and negative energies.


According to popular belief, Masani Mata was a Rajput princess who lived centuries ago. The exact details of her life and identity vary across different traditions and folklore. However, it is said that she possessed divine powers and performed miracles during her lifetime.


Devotees believe that Masani Mata protects them from various troubles and ailments, and her temples are often visited by people seeking her blessings. Her worship is accompanied by various rituals, offerings, and prayers, which vary depending on local customs and traditions.


Overall, Masani Mata holds significant cultural and religious importance for devotees in certain regions of India, where her temples are places of pilgrimage and devotion.




शीतला माता को भारतीय धर्म में जीवनदात्री देवी माना जाता है और उन्हें संजीवनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। शीतला माता की पूजा में जप का महत्व अत्यंत उच्च माना जाता है। शीतला माता के जप का मन्त्र निम्नलिखित है

 शीतला माता की बहन का नाम मांगला गौरी (Mangala Gauri) है। वे भी भारतीय हिंदू धर्म में पूज्य हैं और शारदा (सरस्वती), लक्ष्मी (धन और समृद्धि की देवी), और पार्वती (शिव की पत्नी) की तरह ही महत्त्वपूर्ण देवियों में गिनी जाती हैं। मांगला गौरी का पूजन भी भारतीय धार्मिक परंपरा में किया जाता है, खासतौर पर नवरात्रि के दौरान। 


मांगला गौरी को मांगलिक कार्यों, सुख, और समृद्धि की देवी माना जाता है। उन्हें पूजा करने से घर में सौभाग्य, सुख, समृद्धि, और सम्पत्ति की प्राप्ति होती है, तथा परिवार के सभी सदस्यों की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की जाती है। 


इस प्रकार, मांगला गौरी और शीतला माता, जैसे की माँ, बहन के रूप में, दोनों ही हिंदू धर्म की महत्त्वपूर्ण देवियों में से हैं और उनका पूजन भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि, और शांति का संचार करता है।

शीतला माता को भारतीय धर्म में जीवनदात्री देवी माना जाता है और उन्हें संजीवनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। शीतला माता की पूजा में जप का महत्व अत्यंत उच्च माना जाता है। शीतला माता के जप का मन्त्र निम्नलिखित है:


ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं क्लीं कपालिनी अस्मान् धारयंती शीतलाम्। मम अमुकं कुरु कुरु स्वाहा॥


शीतला माता के इस मन्त्र का जप करने से शीतला माता की कृपा प्राप्त होती है और उनके आशीर्वाद से रोग निवृत्ति और समृद्धि प्राप्ति होती है। इस मन्त्र को नियमित रूप से जप करने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा होती है और उन्हें समृद्धि का अनुभव होता है।


ध्यान रखें कि मन्त्र का जाप पूजा के साथ शुभ मुहूर्त में करना अधिक फलदायी होता है। यदि आपको इस मन्त्र का जाप करने में कोई संकोच हो रहा है, तो पंडित या धार्मिक गुरु से संपर्क करके उनकी मार्गदर्शन में जाएं।




माता मसानी (Mata Masani) हिंदू धर्म में एक प्रसिद्ध देवी हैं। वे अनुष्ठान, तप, व्रत, और पूजा के द्वारा पूजी जाती हैं। माता मसानी की पूजा का मुख्य उद्देश्य जीवन में सुख और शांति प्राप्ति करना होता है।

 माता मसानी (Mata Masani) हिंदू धर्म में एक प्रसिद्ध देवी हैं। वे अनुष्ठान, तप, व्रत, और पूजा के द्वारा पूजी जाती हैं। माता मसानी की पूजा का मुख्य उद्देश्य जीवन में सुख और शांति प्राप्ति करना होता है। 


माता मसानी को अक्सर जल की देवी के रूप में पूजा जाता है, और विशेष रूप से जल से संबंधित समस्याओं जैसे कि विपत्ति, रोग, धन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए पूजा जाता है। विशेष रूप से, उत्तर भारत में माता मसानी की पूजा काफी प्रसिद्ध है।


माता मसानी की शक्ति को लेकर विभिन्न कथाएं और परंपराएं हैं, जो भक्तों के बीच प्रचलित हैं और उन्हें उनकी शक्तियों के प्रति विश्वास और आस्था प्रदान करती हैं।


माता मसानी की पूजा में सात बहनें एक महत्वपूर्ण भाग हैं, जिन्हें सात बेहेने (Seven Sisters) के रूप में जाना जाता है। ये सात बहनें भक्तों की सहायक होती हैं और उनकी मनोकामनाओं को पूरा करने में सहायक होती हैं।


इन सात बहनों के नाम विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ प्रमुख नाम निम्नलिखित हो सकते हैं:


1. नागिनी: यह बहन जीवन की समस्याओं से निपटने में मदद करती हैं।

2. विशालक्षी: इस बहन की कृपा से लोग धन की प्राप्ति करते हैं।

3. कांचनमाला: इस बहन की कृपा से विवाह और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

4. कौमारी: यह बहन बच्चों की समृद्धि और सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं।

5. नरसिंही: इस बहन की कृपा से भयानक समस्याओं का समाधान होता है।

6. रामपाली: यह बहन जीवन में सफलता के लिए साथी होती हैं।

7. रक्तमदा: इस बहन की कृपा से रक्त की समस्याओं से मुक्ति मिलती है।


इन सात बहनों की पूजा और आराधना माता मसानी की पूजा में अहम भूमिका निभाती है, और उन्हें ध्यान में रखकर भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने में सहायक होती हैं।




गुरुमुखी मसानी माता की साधना मेरे साथ में कर सकते हैं साधना 7150 शुल्क व्हाट्सएप 9891595270 MAANI MATA KI SAWARI DIKSHA SADHANA

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए माता मसानी साधना लेकर आया हूं यह साधना आप लोग मेरे सानिध्य में कर सकते हो यह एक गुप्त साधना है आज माई की साधना है मेरे द्वारा करीब ही साधना है पूर्ण रूप से दीक्षा लेकर ही इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो मां मसानी एक ऐसी शक्ति है जो दुनिया का हर काम करने की समर्था रखती है जिन व्यक्तियों को शत्रुओं से डर लगता है वह इस साधना को कर सकते हैं जिन व्यक्तियों के ऊपर तांत्रिक क्रियाएं होती हैं वह इस साधना का प्रयोग कर सकते हैं आर्थिक तंगी से कोई व्यक्ति जूझ रहा है तो वह भी इस साधना को कर सकता है यह साधना करने से भक्तों की मन की विचारधारा पूर्ण होने लगती है मां मसानी विभिन्न प्रकार के रूप हैं विभिन्न प्रकार की शक्तियों को साथ में लेकर चलती है जिसमें चौसठ जोगणिया 56 कल्वे 52 बीर अथवा उनके अलावा कई प्रकार की ऐसी गुप्त शक्तियां हैं जो मां के साथ विराजमान हैं और जो चलती है समय-समय पर आपकी मदद के लिए व शक्तियां सदा ही खड़ी रहती हैं रुद्राक्ष की माला के ऊपर इस साधना को किया जाता है गुरु दीक्षित लोग इस साधना का अनुष्ठान गुरु आज्ञा से ही करते हैं यह साधना पूर्ण रूप से 41 दिन की साधना साधना पूर्ण होने के बाद गुरु की आज्ञा के अनुसार ही आपको चलना पड़ता है इस साधना का दीक्षा शुल्क है जो कि निर्धारित है और आपको देना पड़ता है इस साधना से आपकी मन की इच्छाएं पूर्ण होने लग जाते हैं जो व्यक्ति गुरु आज्ञा से इनके मंत्र का प्रयोग करता है शत-प्रतिशत सफल हो जाता है कई प्रकार की साधना सिद्धियां लोग करते हैं असफलता उनके हाथ लगती है मेहनत के बाद भी सफल नहीं हो पाते हैं उसका कारण गुरु का ना होना या साधना में किसी प्रकार की त्रुटि होना जो व्यक्ति गुरुओं के सानिध्य में चलते हैं और जो व्यक्ति गुरु की आज्ञा से मंत्र का जाप करते हैं वह साधना में सफल हो जाते हैं तो साधना के लिए आप लोग मेरे से कंसल्ट जरूर करें इसमें माता की सवारी भी आपके ऊपर आ सकती है माता सपनों के माध्यम से कान में आवाज देकर या कई प्रकार की साधन है उन साधनों के अनुसार ही आपको प्रश्नों के उत्तर देती है यह भक्तों की भावना के ऊपर निर्भर करता है उसके जाप के ऊपर निर्भर करता है अथवा किस प्रकार से देवी को पूछता है यह सारी चीजें निर्धारित होने के बाद ही सफलता प्राप्त करता है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ 



ज्यादा जानकारी के लिए आप लोग मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर जरूर विजिट करें और चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में प्रश्न उत्तर कर सकते हो अपनी मन की बातों के उत्तर पाने के लिए चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक जरूर कर लेना बाकी साधना के अनुसार मेरा भोग प्रसाद रहता है आप लोग किसी मंत्र का जाप करने से पहले मेरे से अरदास लगव ा सकते हो जिस का खर्चा 2550 रुपए है और मेरा व्हाट्सएप नंबर यूट्यूब के डिस्क्रिप्शन बॉक्स अथवा मेरी वेबसाइट पर मिल जाएगा जिसके माध्यम से आप लोग मेरे साथ कंसल्ट करके साधना सिद्धि के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हो आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा (9891595270)



मसानी माता की चौकी लगाने का सिद्ध शाबर मंत्र प्रयोग MATA MASANI KA SIDDH PARYOG SAWARI MANTRA JAAP

mata masani 


कया खोठड़ी दस दोवार जा मारे माता मसानी जा मारे परवरदिगार घोर घोर महाघोर पंज पांडवा दी घोर शेवे नारियन दी घोर माता मसानी दे संग चले कौन कौन चले रोड शाह मलंग चले 360 कल योगना चले बाबा फरीद शक्रगंज चले घड़ी मसान चले श्री राम चंद्र जी के बाण चले माता मसानी कलर दी रानी रोकड़े दी मान भन कलेजा खानी चले मंत्र फूरे वाच्चा देखा मां मसानी तेरे शब्द दा तमाशा ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए माता मसानी का सिद्ध शाबर मंत्र लेकर आया हूं इस मंत्र के जप से मसानी माता आपके सर के ऊपर खेलती है जिन लोगों की कुलदेवी अथवा जिन लोगों के कुल में माता मसानी को पूजा जाता है वह लोग इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हैं मंत्र का प्रयोग करने से पहले किसी योग्य गुरु के सानिध्य में जरूर चने यह एक उग्र साधना है बिना गुरु के इन मंत्रों का प्रयोग करना उचित नहीं है रुद्राक्ष की माला के ऊपर सवा महीने तक ऊपर दिए गए मंत्र का रात्रि 5 माला जप नित करना है भोग में माता को कुल की प्रथा के अनुसार ही भोग दिया जाता है तामसिक है तो तामसिक नहीं तो आप यह साधना हम लोगों से समझ कर भी कर सकते हैं साधना का जो भोग प्रसाद खर्चा रहता है वह आपको देना पड़ता है लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर जरूर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और लाइक जरूर करें बाकी की जानकारी के लिए आप लोग मेरे साथ कंसल्ट कर सकते हो और पेड़ सर्विस लेकर आप लोग यह साधना मेरे साले तुम्हें भी कर सकते हो आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।


chauganan Mata Di Siddhi chauganan Mata Da Mantra Jaap

mata madaina wali 

उठ मां मैदान मैदान दिये रानिये बदल बांगू गज काली देवा कुकड़ी मद दी देवा धार 3 तता दा पुतला तीन तता दी धार मास खानगै भूतने रक्त जान गै चट लाल सुहा बाना पहन के लाज हमारी रख । 

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ मैं सनी शर्मा एक बार फिर से माता मैदान ना वाली की साधना लेकर आया हूं इस साधना को गुरु कृपा से गुरु आज्ञा से ही करना चाहिए क्योंकि यह मसानी रूप में चलती है यह एक उबर साधना है इस साधना को करने से पहले गुरु दीक्षित एवं गुरु की आज्ञा अनिवार्य है गुरु जैसे आपके निर्देश देते हैं वैसे ही आपने उस मंत्र का जप करना है रुद्राक्ष की माला के ऊपर 7 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाते हुए 41 दिनों तक ऊपर दिए गए मंत्र की नित्य 11 माला रात्रि 10:00 बजे करनी है आसन किसी भी प्रकार का ले सकते हो और ब्रह्मचर्य का पालन करना है माता के थानों को माता का दिन बार जैसे कि रविवार को स्नान करवाना है अथवा शुभ नक्षत्र पर भी स्नान करवाना है दीपक प्रज्वलित करना है और पूजा स्थान में दीपक धूप और फूलों और सुगंधित इत्र छिड़का करें यह साधना करनी है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ आप लोग प्रश्न उत्तर कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही मेरा भोग प्रसाद रहता है जिसकी जानकारी मेरे यूट्यूब चैनल के डिस्क्रिप्शन बॉक्स अथवा मेरी वेबसाइट पर आपको मिल जाएगा जन कल्याण हेतु ही यहां पर मंत्र एवं विधियां प्रकाशित की जाती हैं गुरु की आज्ञा से ही इन मंत्रों और इन विधियों का प्रयोग करना सही और अनिवार्य रहता है जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

माता मसानी का पूछा लेने वाला सिद्ध शाबर मंत्र प्रयोग मसानी माता से काम कैसे लेते हैं MAI MASANI KI SIDDHI

माता मसानी पूछा कण निकलाने का मंत्र 

कलर कोट वाली मां मसानी बसे मास खावे खिड खिड़ हसे जरा भज बाहर नू जावे घर दे धुर दी खबर लियावे चले मंत्र फूरे बच्चा देखा माता मसानी तेरे इल्म दा तमाशा ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए माता मसानी का पूछा मंत्र लेकर आया हूं इस मंत्र के जाप से आप भूतकाल भविष्य काल वर्तमान और महामाई से कोई भी कार्य ले सकते हो जिनके कुलदेवी माता मसानी निकलती है वह इस मंत्र के प्रयोग से अनेक कार्य कर सकते हैं गुरु सानिध्य गुरु कृपा से ही आप लोग इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें और लाइव चैट मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही रहता है साधना सिद्धि गुरु सानिध्य में होती है रुद्राक्ष की माला के ऊपर सवा महीने पांच माला नित्य मंत्र का जप करना है अथवा माता को भोग में 7 प्रकार की मिठाई और साथ में पूरे नगया से ही माता का प्रयोग करना है ज्यादा जानकारी के लिए आप लोग इस साधना को करने से पहले साधना का विवरण मेरे से ले सकते हो अथवा साधना अरदास लगाकर पूर्ण रूप से दीक्षा लेकर भी कर सकते हो साधना के अनुसार ही भोग प्रसाद रहता है और जिसका विवरण मेरी वेबसाइट पर लिखित में आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा।

चौगानन माता की सिद्धि चौगानन मदानण की सवारी CHOGANAN MADANAN KI SIDDHI SAWARI LENE KI VIDHI

mata madina wali mera 

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए चौगानन मदानन की साधना लेकर आया हूं यह साधना गुरु सानिध्य में ही करनी है या कल्याण हेतु मंत्र एवं विधि मैं यहां पर प्रकाशित कर रहा हूं पूर्ण रूप से गुरु सानिध्य में दीक्षित लोग हैं अथवा मेरे धोने पर आस लगाकर आप इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हैं अगर आपके गुरु नहीं है तो आप इस मंत्र का प्रयोग नहीं कर सकते हैं ज्यादा जानकारी के लिए मेरे युटुब चैनल है सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब करें लाइक फ्री में बात कर सकते हो पाजी की सर्विस है साधना के अनुसार ही रहता है इसे भी शनिवार से मंगलवार से रविवार से पुष्प नक्षत्र में शुरू करके आपने माता को भोग में अंडा मांस एवं सात प्रकार की मिठाई देनी है नीचे दिए गए मंत्र का सवा महीने तक रुद्राक्ष की माला के ऊपर कंबल के आसन के ऊपर बैठकर ब्रह्मचारी के पालना करते हुए 11 से अधिक माला का जप आपने करना साधना रात्रि समय में करें तो आपको अनुभव अच्छे आएंगे साधना गुरु सानिध्य में और गुरु कृपा से ही करनी है ज्यादा जानकारी के लिए आप लोग यूट्यूब का डिस्क्रिप्शन बॉक्स वेबसाइट को अच्छे से पढ़ ले और आप लोग मेरे साथ कर सकते हो और पेड़ सर्विस लेकर आप साधना मेरे सानिध्य में कर सकते हो आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा।


मन्त्र इस प्रकार है:-

कलर खेड़े द ी ठीकरी भर पड़ी मैदान थाना वाली मदान वाली चगान दी रानी  चौ कुंठा दी रानी होगी तेरी जय जयकार जरग खेड़े दी रानी कुराली खेड़े दी रानी मन के गुरु नू आना मेरे पास शांति सरूप हो माँ शांति स्वरूप आवी मां ।




मदानन माता की साधना मदानन माता का जाप MATA MADANA WALI KI SADHANA

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए चौगानन मदानन माता का सिद्ध शाबर मंत्र लेकर आया हूं यह एक ऐसी देवी है जो मन की हर एक इच्छा पूर्ण करती है इनकी साधना गुरु सानिध्य में गुरु कृपा से करी जाती है जन कल्याण हेतु मैं यहां पर मंत्र प्रकाशित कर रहा हूं ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है काम के अनुसार मेरा भोग प्रसाद रहता है जिसकी जानकारी यूट्यूब चैनल के डिस्क्रिप्शन बॉक्स मेरी वेबसाइट के ऊपर मिल जाएगी यह साधना मंगलवार रविवार अथवा शनिवार से शुरू की जा सकती है नक्षत्र देखकर गुरु आज्ञा से गणेश पूजन गुरु पूजन आसन पूजन तथा माता का पूजन आपने चालू करना है रुद्राक्ष के माला के ऊपर अनस्टिच्ड कपड़े पहनकर माता का ध्यान करते हुए चौकी या बाजोट पर उनका चित्र स्थापित करके आपने पूजा-अर्चना शुरू करें भोग में आपने सात्विक क्रिया का प्रयोग करना है जिसमें आप अपने समर्थन अनुसार कुछ भी बहुत दे सकते हो जैसे कि बतासे लॉन्ग इलायची सुपारी उसके अलवा आप माता को पंच मेरे पान पेड़े अथवा सात प्रकार की मिठाई भी दे सकते हो सामग्री देने के बाद मंत्र जप के बाद सामग्री को एकांत स्थान पर छोड़ कर आना है नित्य भोग लगना है नित्य यही क्रिया करनी है सवा महीने तक आपने मंत्र उच्चारण करना है 

मन्त्र इस प्रकार है:-

मदान चगान दी रानी चौ कुंठा दी रानी जरग खेड़े दी रानी कुराली खेड़े दी रानी शांति सरूप हो माँ मेरे काम सिरे चढ़ा बजे गुरु नू मन कर मेरी गद्दी ते आ जग मांग तेरी जोत जले सच्चे दरबार दी लाज बचा चले मंत्र फुरे वाचा देखा मैं चौगानन मदानन माता न तेरे इल्म दा तमाशा ।

मेरी पीढ़ी में जपे जाने वाला यह मंत्र है इंटरनेट या किताब वाला मंत्र नहीं है विधि विधान एवं साधना अरदास लगवा कर जरूर करना अगर आप दीक्षा नहीं ले सकते हो अरदास का 2550 रुपए भोग लगाना है जो कि मेरे धोने पर लगता है बाकी आप अपनी गुरु आज्ञा लेकर भी इस मंत्र का जप कर सकते हो गुरु कृपा से अरदास मेरे धोने पर जो लगवानी है ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट को अच्छे से पहले आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

थाना वाली मदानन माता की सवारी दुनिया का सबसे पावरफुल मंत्र विधि विधान तामसिक साधना सवारी चौकी THANA WALI MATA KI SAWARI

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से माता मदानण की साधना लेकर आया हूं साधना विधान अच्छे से पहले यह साधना गुरु सानिध्य गुरु कृपा से करें ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब बैल आइकन पर क्लिक करें बाकी की सारी सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही मेरी सर्विस का चार्ज रहता है यह साधना किसी भी शुक्ल पक्ष के रविवार शनिवार अथवा मंगलवार किसी भी दिन से शुरू की जा सकती है 108 धनोवली रुद्राक्ष की माला के ऊपर  मंत्र का जप करें 5 से 11 मला आपने नित्य करनी है सामग्री और सामग्री में जो भोग लग रहे हैं वह आपको देने ही पड़ेंगे देसी घी गूगल शिमला करो होम करना है एक लाल ध्वजा एक नारियल एक जल का लोटा एक फूलों की माला 11 लॉन्ग ग्यारह इलायची 11 गुलाब के फूल सोलह सिंगार पांच लड्डू खमणि का जोड़ा पांच बताशे 11 मार्च सात प्रकार की मिठाई एक शराब का पव्वा थोड़ा सा हाल बा यह समान प्रतिदिन आप को बदलना है और चढ़ाते हुए समान किसी निर्जल उजाड़ में रख देना है या माता के थानों पर रख देना दूसरे दिन फिर नया सामान चढ़ाना है यह साधना बिना गुरु के कथा नहीं करनी है साधना बिना प्रोडक्शन के कभी नहीं करनी है साधना करने से पहले अरदास लगवाना अनिवार्य है ऐसे मत करना ऐसे करते हो लेखा-जोखा जिसका आपका रहता है उधर साधना है इस साधना को करने से पहले अपना आशीर्वाद ना जरूरी है यह साधना आपको 41 दिन लगातार करनी है गुरु मंत्र जिन लोगों के पास है वह सब मंत्र का प्रयोग मेरी आज्ञा से कर सकते हैं अथवा धोने पर अरदास लगाकर कर सकते हैं बिना गुरु के साधना करोगे नेगेटिव परिणाम मिलेंगे क्योंकि यह एक तामसिक साधना है मंत्र में कोई त्रुटि नहीं होनी चाहिए मंत्र में कोई हेरफेर नहीं करना है समन घर पर नहीं रखना साधना का अनुष्ठान
 किसी एकांत स्थान पर करना है सामग्री एक ही जगह पर रखनी है ऊपर दी गई सामग्री में चेंज करते रहना है हर रोज आपको भोग लगाना पड़ेगा बदल बदल के आपको भोग देना पड़ेगा वह आप लोग मेरे साथ कंसल्ट करके समझ सकते हो कि कैसे भोग देना है क्या करना है मदाना वाली थाना वाली की कृपा होते ही आपको कई प्रकार की सिद्धियां मिलती है जिसमें 56 कलवे 52 वीर 64 जोगनिया 360 प्रकार की मसानिया अथवा जोड़े में सबल सिंह दादा केसरमल बावरी महामाई काली कलकत्ते वाली लूणा चरण सफीदों धाम की शक्तियां पीर फकीर बली और लागे गुरु इस्माइल जोगी की कृपा होती है यह एक प्रमाणित प्रयोग है प्रयोग करने से पहले पूर्णता गुरु आज्ञा जरूरी है यह साधना दीक्षा लेकर करते हो तो इसका भोग प्रसाद बढ़ जाता है अथवा साधना पूर्ण रूप से गुरु आज्ञा के अनुसार एवं अपने अनुभव गुरु तक ही सीमित रखें साधना संकल्प लेकर ही करनी है बिना संकल्प पर साधना नहीं करनी है माला रुद्राक्ष की आसन आप कोई भी ले सकते हो बस्तर में आप कुर्ता पजामा पहन सकते हो साधना काल में संभोग करना बजे रीत है आप संभोग क्रिया से दूर अथवा स्त्रियों की मान मर्यादा का खासकर ध्यान रखेंगे क्योंकि माता की दर्शन किसी भी रूप में हो सकते हैं 41 में या 42 में दिन आपको महामाई के वचन अथवा साधना में क्या प्राप्त हुआ है वह आपको उस दिन अथवा साधना के दौरान होने वाले अनुभव के आधार पर ही पता लगेगा आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

।। घेरा मन्त्र।।*** आसन कीलां, बासन कीलां कीलां अपनी काया,जगदा मसाण कीलां अपनी छाया,आयतुल कुर्सी कच्छ कुरान आगे पिछे तु रहमान धड़ राखे खुद सिर राखे सुलेमान दुहाई अलिमौला दी, उपरोक्त मन्त्र को एक माला जाप करके आपने जिस्म पर फूंक मार लें। 

 फिर निम्न लिखित मन्त्र से लगातार त्राटक करते हुए खुली आँखों से जाप करना है इस से आपको जबरदस्त रूहानी नज़र प्राप्त होगी। 

माता का सिद्धि मन्त्र:- ॐ नमो आदेश गुरु को,माई मदानण बंगालन पाप छोड़ ,धर्म पर आये, कलकत्ते खेड़े नु मन्नके थान धनेशर नु मन्न के नागे गुरु ने मन्न के मेरी चले चलाये ना चले तां लूना चमारी के नरक कुंड चे गिरे,चले मन्त्र पुरो वांचा देखां माई मदानण बंगालन तेरे काले ईल्म दा तमाशा।

काली माता और मसान और मसानी का जोड़ा कैसे चलाते हैं महामाई के साथ इस मंत्र से अनेक काम कान में आकर बोलती है मसानी माता KAALI MATA MASANI KA JODA

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए मसाने की साधना लेकर आया हूं यह साधना पूर्ण रूप से गुरु सानिध्य में करनी है जन कल्याण हेतु यह मंत्र मैं यहां पर प्रकाशित कर रहा हूं इसमें महामाई काली कलकत्ते वाली और मुसलमानों का जोड़ा चलता है यह साधना आप गुरु सानिध्य में कर सकते हो यह साधना आप मेरे से शिक्षित होकर भी कर सकते हो जिसका भोग प्रसाद साधना के अनुसार होता है रुद्राक्ष की माला कोई भी आसन व्हाइट कुर्ता पजामा भोग तामसिक लगना है यह साधना घर पर नहीं करनी है यह साधना का अनुष्ठान आपने वैरान अथवा श्मशान में करना है या शमशान के नजदीक करना है ज्यादा जानकारी के लिए मेरी वेबसाइट को अच्छे से पढ़ ले मेरी यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर करें चैनल को सब्सक्राइब और लाइक करें मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो किसी भी साधना को करने से पहले मेरे साथ कंसल्ट जरूर करें और उसका जो फीस है वह आपको मेरे वेबसाइट और मेरी यूट्यूब चैनल पर मिल जाएगी इसमें कुछ भोग एवं किराया है जो गुरु सानिध्य में ही आपको मिलेंगे इसलिए मैं इंटरनेट पर यह चीज प्रकाशित नहीं करूंगा याद रखना सट्टा गड़ा धन कान में आवाज मन की इच्छाएं पूर्ण होती साधना के बाद आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

खड खड करदी कालका फड फड करन मसान मसानी कडा पैन के बैठी माल मादान् खपर् पीनदी रात दा पी दी रदे मादान् औन्दि सांगला तोड के कडे मारदी वान हज़ार हो माँ कलिका तुझे शिव शंकर कि आन !

महामाई काली कलकत्ते वाली और मसानी का जोड़ा एक से दो सिद्धियां ग्रहण का होली दीपावली अथवा गुरु सानिध्य में इस मंत्र का जप करके सिद्धि प्राप्त कर सकते हो

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए मां काली कलकत्ते वाली और मसानी की साधना लेकर आया हूं इस साधना में मां काली कलकत्ते वाली और मदानन माता का जोड़ा चलता है यह एक तामसिक साधना है इसीलिए सोच समझकर ही इस साधना का प्रयोग करें जन कल्याण हेतु यहां पर साधना प्रकाशित की जा रही है अगर आप यह साधना मेरे सानिध्य में करना चाहते हो तो साधना के अनुसार मेरा भोग प्रसाद रहता है फीस रहती है वह आने के बाद आप इस साधना को समझ कर मेरे सानिध्य में भी कर सकते हो ज्यादा जानकारी के लिए मेरी यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और लाइक करें फ्री में बात कर सकते हो अपने प्रश्नों के उत्तर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही मेरा साथ रहता है वेबसाइट पर बाकी की जानकारी लिखित में है अच्छे से उसको पढ़ ले फिर ही इन मंत्रों का प्रयोग करें गुरु के सानिध्य में इस साधना को सिद्ध करने के लिए नॉरमल डेज में इसका सवा महीने का रहता है और अगर आप ग्रहण काल में इस मंत्र का होली दीपावली में प्रयोग करते हैं तो जब तक ग्रहण की अवधि रहती है तब तक इस मंत्र को निरंतर जप ना होता है बिना रुके होली और दीपावली को भी ऐसे ही छुपा होता है भोग में आपने दारू और मांस का ही प्रयोग करना एक तामसिक साधना है घर में ऐसे प्रयोग नहीं करने हैं तामसिक होते हैं अच्छे नक्षत्रों को देखकर ही आप इन मंत्रों का प्रयोग कर सकते हैं गुरु मुख से भी प्रदान करके आप इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो अथवा आप मेरे साथ कंसल्ट कर के भोग प्रसाद देने के बाद इस साधना को मेरे सानिध्य में भी कर सकते हो सट्टा पूछा किसी के ऊपर चौकी भेजना किसी की चौकी उठाना सारे कार्य करता है यह मंत्र रुद्राक्ष की माला के काले हकीक की माला काला वस्त्र काला ही आसन समय रात्रि के 10:00 बजे के बाद इस मंत्र का अनुष्ठान करना होता है जब आप सवा महीने की साधना करते हो ग्रहण काल की जो अवधि रहती है उसी में इसको जपना होता है और होली और दीपावली को भी आपने रात्रि को 10:00 बजे ही इसका जब चालू करना है सूतक और पा तक का खासकर ध्यान रखें तभी इस मंत्र का प्रयोग करें निरंतर जाप से मंत्र की सिद्धि होने के बाद आपको चमत्कारी सिद्धियां और दिव्य दृष्टि और शक्तियां प्राप्त हो जाती है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

खड खड करदी कालका फड फड करन मसान मसानी कडा पैन के बैठी माल मादान् खपर् पीनदी रात दा पी दी रदे मादान् औन्दि सांगला तोड के कडे मारदी वान हज़ार हो माँ कलिका तुझे शिव शंकर कि आन ।




किसी के ऊपर मसानी का प्रयोग किया हुआ है तो मसानी ग्रस्त वाले इंसान को क्या क्या तकलीफ होती है क्या क्या सपने दिखाई देता है MASANI KE PARYOG KE SANKET TANTRA KRIYA AUR KAAT

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए तंत्र का एवं तांत्रिक प्रयोग के संकेत लेकर आया हूं कलयुग के दौरे में सबसे ज्यादा माता मसानी के प्रयोग किए जाते हैं काफी ज्यादा लोग इस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं लेकिन सलूशन नहीं मिलता है सर्वप्रथम आप किसी भी चीज की काट खुद नहीं कर सकते हो आप हनुमान चालीसा का जाप कर सकते हो किसी देवी देवता का संकट मोचन का पाठ कर सकते हो इतने दिन तक वह चीज आपको तंग नहीं करेगी अगर किसी के ऊपर किसी चीज का प्रभाव हंड्रेड परसेंट है तो वह जब हनुमान चालीसा या किसी मंत्र का उच्चारण करता है तो वह कम हो जाता है कुछ राहत मिल जाती है जितने दिन तक जाप रहता है ज्यादा जानकारी के लिए मेरी वेबसाइट को अच्छे से पढ़ ले मेरे युटुब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है आदेश आदेश जय गुरु नाथ सनी नाथ शर्मा ।

मसानी का उतारा 

सर्वप्रथम जिस व्यक्ति के ऊपर मां मसानी का प्रयोग किया होता है उस व्यक्ति को रात को स्वपन में वाइट वस्त्रों में बूढ़ी औरत दिखाई देती है यह औरत आपको मांस खाती हुई दिखाई दे सकती है हवा में उड़ती हुई दिखाई दे सकती है जिस व्यक्ति के ऊपर तंत्र का यह प्रयोग हुआ होता है वह व्यक्ति डरता है रात को सोने से आपको दबा पढ़ सकते हैं जैसे किसी ने आपका गला दबा दिया आपको कुछ समय तक सांस में एकदम से आप उठ गए ऐसे व्यक्ति के शरीर में खून बनना कम हो जाता है और एक गंदी सी बदबू आती है जैसे कोई मांस जलाओ उसके इलावा जले कटे मुर्दे अथवा शमशान चीज यह सारी आपको दिखाई देती है वह बूढ़ी औरत आपको दिखाई देगी वह हमेशा ही आपको मारेगी किसी प्रकार से हो सकता है कि आपके शरीर में सुइयां चुप्पी हो और आपके कालजे में ऐसे लगता है जैसे कोई चीज अंदर से घुमा रही है कुछ हाथ डाल के अंदर आपके पेट को पकड़ के रखा हुआ है जिसके ऊपर यह प्रयोग हुआ होता वह व्यक्ति दिन ढलता जाता है शरीर का विकास रुक जाता है काम नहीं बनता है उसका अगर ऐसे संकेत आप लोगों को दिखाई देते हैं तो ऊपर प्रयोग मैंने बताया वह आप कर सकते हो लेकिन अगर आप भक्ताई कर्म करते हो तो आप स्वयं कुछ प्रयोग करके कुछ टाइम के लिए उसको रोक सकते हो क्योंकि जब आप इस चीज की काट लगाते हो दूसरे व्यक्ति को जिसने करा है आपकी इंफॉर्मेशन उसके पास जाते हो दोबारा से आपके ऊपर प्रयोग कर देता है कोशिश कीजिए किसी सिद्ध पुरुष के साथ मिलकर चीज का परमानेंट इलाज हैं उसके अलावा इसका इलाज आप हवन के द्वारा अथवा पूर्ण रूप से सिस्को उतारा जाता है और नष्ट करा जाता है यह प्रयोग किसी को आर्थिक तंगी देने के लिए किसी का वजूद मिटाने के लिए अथवा किसी को बर्बाद करने के लिए ईशा भावना रखने वाले लोग ही करते हैं आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा।

माता मसानी का उतारा कैसे लगाते हैं तामसिक और सात्विक उतारे में लगने वाले व्यंजनों एवं भोग (MAI MASANI KA UTARA KAISE LAGATE HAI )

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए माता मसानी के तारे की विधि लेकर आया है अगर किसी के ऊपर मसानी माता का प्रयोग है या किसी के घर में किसी प्रकार की दिक्कत रहती है तो इस उतारे से आपकी मुश्किल का समाधान हो जाएगा परंतु यह उतारा करने से पहले भक्ति अपने आप के ऊपर रक्षा मंत्र का प्रयोग किया आपने बजरंग बाण का पाठ करके अपने ऊपर बाबाजी का पहरा लगा लेना किसी भी प्रकार की दिक्कत होती है जब घर में बरकत नहीं रहती है खाने पीने के लाले पड़ जाते हैं तब आपने इस विधि का प्रयोग करना है यह एक गुप्त विधि है अगर कुछ समझ में नहीं आता है तो आप मेरे से पूछ सकते हो वेबसाइट पर सारी जानकारी है मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक जरूर करें और वहां पर लाइव चैट में आप अपना समाधान पूछ सकते हो उसके अलावा यूट्यूब पर भी इसकी जानकारी आपको मिल जाएगी कैसे करना है यह टोटका क्या प्रयोग है नीचे अच्छे से पल्ले आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

यह माता मसानी का उतारा है सात्विक भोग यह एक सात्विक उतारा है इस उतारे में जो भोग लगता है उसमें अलग-अलग देवता जो माता के जोड़े में चलते हैं उनका भोग है जैसे कि इसमें 7 बताश्य हैं 7 माल पूरे हैं 7 मीठे पुडे हैं 7 ही इलायची है 7 लोगों का जोड़ा लगना है साथ जायफल है 7 मिठाई का पीस और एक सिगरेट का पैकेट जो कि अलग जोड़े में चीजें चलती है उनका लगना 7 प्रकार का ही सिंगार या अथवा 16 प्रकार का सिंगार आपने माता को लगाना है यह है सात्विक की क्रिया से माता का उतार तामसिक किराया का उतारा नीचे दिया गया ।

माता मसानी तामसिक उतारा किसे तामसिक उतारे में 7 कच्चे अंडे 7 बताशे 1 कपूर 1 काला देसी मुर्गा 7 बकरे की कलेजी ढाई सौ ग्राम मुर्गे का कच्चा मीट ढाई सौ ग्राम बकरे का मीट या आप खून भी ले सकते हो एक सिंदूर का पैकेट जब भी उतारा करना है आपके पास मसानी की गद्दी होना लाजमी है भक्तों के लिए है जिन लोगों के पास मसानी माता की सिद्धि है मंत्र उच्चारण भी साथ में है मंतर में गुप्त रखूंगा वह मैं इंटरनेट पर प्रकाशित नहीं करता हूं सर्वप्रथम गुरु सानिध्य में आपने पहले मंत्र सिद्ध करना है कृपा प्राप्ति लेनी है फिर भी आपने यह प्रयोग करना है इस पर योग का प्रभाव आपके ऊपर भी आ सकता है इसीलिए सोच समझकर इसका प्रयोग करें आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ जनकल्याण हेतु जानकारी मैंने यहां प्रकाशित करी है ।V

माई धूतनी की साधना ( MAI DHUTNI KI SIDDHI KAISE SIDDH KARTE HAI MAI DHUNTI PATRHIWALI MATA KO )

माई धूतनी की साधना 

इनकी साधना एक विशेष पद्धति से की जाती है वही कुलदेवी के रूप में भी इनकी साधना की जाती है  कहते हैं जिनके कुल में यह चलती हैं अगर वह लोग इन्हें पूज लेते हैं तो फिर उनके पास किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती है हर प्रकार की मनोकामना पूरी हो जाती है लेकिन यही समस्या भी है कि अगर इनकी पूजा ना की जाए तो अप्रसन्न होकर वह कुल का नाश भी कर देती हैं इसी कारण से जल्दी इनकी साधना करने को लोग तैयार नहीं होते

यह देवी साक्षात होकर किसी भी अपने भक्तों के काम और मनोरथ को पूरा करती हैं

इनके कई सारे मंत्र दिए गए हैं और उनमें से एक सिद्ध मंत्र को आज मैं आप लोगों के समक्ष रखने जा रहा हूं इनकी साधना किस प्रकार से की जाती है  इसके विषय में जान लेते हैं किसी भी महीने में जब कृष्ण पक्ष आए जिसको हम अंधियारा पक्ष भी कहते हैं शुक्ल पक्ष के बाद में यह आता है  हर महीने में दो पक्षों से एक शुक्ल पक्ष होता है और एक कृष्ण पक्ष होता है यह आपको किसी भी कैलेंडर में देखने को मिल जाएगा तो उसके- पहले बुधवार को आपको यह साधना शुरू करनी है यहां पर जो साधना में दे रहा हूं वह साधारण विधि की है इस साधना को करने के लिए आप जहां पर माता का स्थान बना हुआ हो चाहे वह किसी एकांत कमरे में बनाया गया हो या फिर किसी मंदिर के माध्यम से विशेष जगह पर आपको इनका यह अनुष्ठान करना होता है इस साधना के लिए साधक को पूर्व की दिशा की ओर मुंह करके अपना अनुष्ठान प्रारंभ करना चाहिए इस साधना में काले कंबल के आसन का प्रयोग और काले ही रंग के वस्त्रों को आपको धारण करना होता है आप सबसे पहले अपने सामने एक सरसों के तेल का दीपक जलाएं और साथ ही सुगंधित धूप का भी प्रयोग करें

देवी के सामने भोग के लिए एक अखबार के ऊपर 

एक जोड़ी बूंदी के लड्डू एक जोड़ा खम्मनि(ढोकला)

एक जोड़ा सुपारी एक नारियल वाला काली चुनरी लपेट कर रखा जो नारियल होता है वह एवं 5 बताशे- काजल का टीका लगा करके रखना है 5 लॉन्ग  पांच छोटी इलायची यह सब आपको उनके सामने रख लेना है  फिर रुद्राक्ष की माला से 11 माला मंत्र जाप करना है जाप के बाद आपको एक जोड़ा लड्डू बूंदी खाली मैदान में आपको रख आपको जाना है और इससे जो आपने सामग्री सामने रख कर पूजा की थी पूजा के बाद में एक जोड़ा दो लड्डू वह किसी खाली मैदान में जहां कोई आपको ना देख रहा हो रख कर वापस लौट आना है और सो जाना है इस मंत्र से हर प्रकार के तांत्रिक प्रयोगों की काट भी होती है इस को सिद्ध करने के लिए 21 दिन की विधि  छोटे तौर पर अपना सकते हैं वैसे 42 दिन की विधि अपनाई जाती है इस साधना में आपको प्रातः काल मसानी माता के स्थान पर जाना है और वहां उनको दो बतासे डालकर कच्ची लस्सी से उनका स्नान करवाना है इन्हीं माता की जो मूर्ति होगी उसी को आपने इस प्रकार से पवित्र करना है उसके बाद जिनको माताजी से कोई मनोकामना मांगनी है  उन्हें नारियल पर चुनरी लाल रंग की माता को चढ़ानी है अगर आपको उनके दर्शन या सिद्धि या ऐसे कोई कार्य करने हैं तो नारियल पर काले रंग की चुनरी माता को चढ़ानी होती है

बतासे लड्डू बर्फी लोंग  इलाइची  फूल धूप नारियल दीप कलावा सभी सामान माता को चढ़ाने के बाद वहां पर आपको पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाना होता है 

आसन लगाकर वहां पर  यानी जिस स्थान पर माता स्थापित है सुबह माता को कच्ची मीठी लस्सी से स्नान करवाना है फिर 2 घंटे कम से कम जाप किया जाता है जैसा कि मैंने बताया है कि यह लगभग 11 माल आपको जाप करना है। इसमें आपको कितना समय लगेगा यह आपके जाप पर निर्भर करता है फिर रात को जाकर के वहां सरसों के तेल का दीपक जला कर के आपको फिर इस मंत्र का अनुष्ठान जाप शुरू करना है यह चमत्कारिक मंत्र होता है और इस मंत्र के जाप से देवी प्रसन्न हो जाती है यह देवी प्रसन्न होकर आपकी सभी प्रकार की मनोकामना को पूर्ण कर सकती हैं

यह आपको प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दोनों ही रूपों में सिद्ध होती हैं देवी की प्रत्यक्षीकरण होने पर मां रूप में आप इन से अपना संबंध स्थापित करेंगे और जो भी इच्छा होगी वह बताए गये विधि के अनुसार आपको करनी होगी इससे देवी आपकी इच्छा को पूरी करने के लिए तक्षण कार्य को कर डालती हैं इनकी साधना में सावधानी की आवश्यकता होती है यह साधना करने से पहले गुरु मंत्र की सिद्धि होना जरूरी है ताकि आपको कोई समस्या ना आए और ना ही कोई अनिष्ट हो इसके अलावा किसी योग्य गुरु के सानिध्य में इस साधना को करना चाहिए ताकि कोई समस्या होने पर या पूजा-पाठ में गलती होने पर आपको कोई दंड ना मिले

देवी तीव्रता से कार्य करती हैं और तत्क्षण आपके कार्य कर डालती हैं


इस मंत्र के लिए

माई मशानी कल्लर वसदी नागे गुरु धियावे  जदों बुलवां जिथे मन्ना झट्ट हाजर हो जावे भूत को बेताल को कलवे को प्रेत को जिन्न को ख़बीस को मडी को  मसाण को घोरी को कचील को छड्डी को  छुड़ाई को भेजी को लगाई को मोहनी को माया कोछाया को छलेडे को यन्त्र को मन्त्र को ढाईये को सिफ़ली को काले को  खाखी को बादी कोआबी को आतिश को किये को कराए को पढ़े को लिखाय   को काट-काटके मैली माता के हाथ में देकर कील ना लगाव  तो गुरु घाती कहाये लूना चमारी के कुंड में चार जुग सड़े दुहाई धर्म दे राजे रामचन्द्र दी दुहाई नगर खेड़े दी दुहाई  लक्ष्मण ते गोरख यति द

इसकी सिद्धि भी कर सकते हैं एक शक्तिशाली मसानी हैं और बहुत ही तीव्रता के साथ कार्य करती हैं साधना काल में पूर्ण ब्रह्मचर्य स्वयं द्वारा निर्मित भोजन ही खाना और भोजन में काले तिलों का इस्तेमाल अवश्य करें जहां तक हो सके केवल एक समय ही भोजन करें जिस स्थान पर आप साधना करते हैं उसी के पास रात को सो जाएं ताकि स्वप्न के माध्यम से देवी के संकेत आपको प्राप्त हो सके !



मई मसानी जी की साधना गुप्त शाबर मंत्र सनी नाथ (MAI MASANI KI SIDDHI)

 

 
जैकारा मेरे सादुरु महाराज गुरु गोरखनाथ जी दा बोलो सच्चे दरवार की जय 
जैकारा मेरे नागे गुरु जी दा बोलो सच्चे दरबार की जय 
जैकारा मेरी माई मदानण जी दा बोलो सच्चे दरबार की जय 
 
सिद्ध शाबर मंत्र गुप्त विधान (सनी नाथ
 
तेल तेल तेल माई मदानण देखु तेरा खेल 
माई खेले रे चौगान माई उठा माई मसानी 
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दुहाई गोरख यति से रिद्धि सिद्धि पायी बैठे 
नागे गुरु धुनें पर करे गोरख का जाप आओ 
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रोल दुश्मन की छाती फाड् मंगल बार 
होये तेरे जय जय कार बोलो माई मदानण
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तेरी सदा ही जय जय कार बोलो नागे गुरु 
की सदा ही जय जय कार बोलो गुरु गोरख
नाथ जी की सदा ही जय जय कार ! सनी नाथ 
 
सब कुछ सद्गुरु महाराज से सुरु होता है मंत्र शक्ति उनकी है नागे गुरु से सुरु होता है मदानण माई का जाप उनके बाद मैं आती है मसानियाँ यह साधना गुरु के बिना नहीं होनी है गुरु नहीं तो मंत्र करने के भी मत सोचना क्युकी इन के भोग घर मैं नहीं लगते है कही आप नेट से मंत्र देख कर साधना सुरु करदो पहले गुरु नाम गुरु के मुख से मंत्र लो गुरु ध्यान करते हुए साधना करना गुरु नाम से अरदास करो मेरी रक्षा करना मुझे सफलता देना तभी साधना सफल होती है ऐसे नेट से मंत्र लिए और जाप करदिया १५ दिन बाद बोलते हो दर्द हो रहा है तो और क्या होगा आपको फिर किसी से पूछ कर थोड़ी की साधना अपने गलती करि है तो भुगतो अब आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ