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📿 पीर की शक्ति का रहस्य और सबसे बलशाली पीर कौन है – एक रोचक पोस्ट 📿 sunny nath

 

🌟 पीर की शक्ति का राज क्या होता है?
पीर (या सूफी संत) वह आत्मा होती है जो ईश्वर से गहराई से जुड़ी होती है। उनकी शक्ति कोई जादू या टोटका नहीं होती – बल्कि यह शक्ति होती है इबादत, भक्ति, आत्मिक साधना और नेकनीयती की।
एक सच्चा पीर इंसान की रुह से बात करता है, उसकी तकलीफ़ को बिना कहे जान लेता है और उसे सही राह दिखाता है। उनकी दुआ में इतनी ताकत होती है कि नामुमकिन को भी मुमकिन बना दे।

🔮 पीर की शक्ति का असली राज होता है –

  • अल्लाह से बेइंतहा मोहब्बत

  • दुनिया की मोह से ऊपर उठना

  • लोगों की भलाई के लिए जीना

  • सच्चे दिल से इबादत और सेवा करना

🕌 दुनिया के सबसे बलशाली पीर कौन हैं?
सूफी इतिहास में कई महान पीरों का नाम आता है, लेकिन कुछ ऐसे हैं जिन्हें दुनिया भर में सबसे ज़्यादा मान्यता मिली है:

  1. हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर शरीफ)
    इन्हें "ग़रीब नवाज़" भी कहा जाता है। इनकी दरगाह पर हर मज़हब के लोग मुरादें लेकर आते हैं। इनकी दुआओं से लाखों लोगों की ज़िंदगी बदली है।

  2. हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया (दिल्ली)
    इनका प्यार और करुणा भरा संदेश आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा है। कहते हैं, इनकी नज़र में जो आया, उसका भाग्य बदल गया।

  3. हज़रत शेख अब्दुल क़ादिर जिलानी (बग़दाद शरीफ)
    इन्हें ग़ौस-ए-आज़म कहा जाता है। इनकी रूहानी ताकत और करामात आज भी पूरी दुनिया में मानी जाती हैं। इन्हें पीरों का पीर भी कहा जाता है।

🌿 अंत में एक बात याद रखें:
पीर की असली पहचान उसकी दुनिया से नहीं, बल्कि रुहानी असर से होती है। वो न कभी ज़ोर से बोलता है, न चमत्कार दिखाता है – पर उसकी मौजूदगी ही लोगों के दिलों को सुकून देती है।

💫 जो पीर खुदा से जुड़ा है, वही लोगों को खुदा से जोड़ सकता है।




🌟 लखदाता पीर जी की सेवा कैसे करें? BY SUNNY NATH SHARMA

 🌟 लखदाता पीर जी की सेवा कैसे करें?

🙏 लखदाता पीर (बाबा लखदाता जी) हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक महान संत हैं। इनकी सेवा प्रेम, भक्ति और श्रद्धा से की जाती है।
घर पर इनकी सेवा करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाएं:

🕌 1. स्थान की व्यवस्था:

  • एक स्वच्छ स्थान पर लखदाता पीर जी की तस्वीर या प्रतीक रखें।

  • उसे रोज साफ करें और दीपक जलाएँ।

🌺 2. पूजा सामग्री:

  • लाल या हरे कपड़े पर तस्वीर रखें।

  • गुलाब और जूही के फूल चढ़ाएँ।

  • इत्र या अत्तर का उपयोग करें।

  • अगरबत्ती और दीप जलाएँ।

🧿 3. सेवा के नियम:

  • शुक्रवार का दिन विशेष रूप से माना जाता है।

  • उपवास या सादा भोजन रखें।

  • दिल से मन्नत माँगें और आभार व्यक्त करें।


📖 लखदाता पीर की पवित्र कलाम (पाठ)


प्रसिद्ध कलाम (लखदाता पीर जी के लिए):

लखदाता पीर दा नाम जपां,
सच्चे दिलों अरदास करां।
जो भी मुराद मांगदा ए,
पीर साईं पूरी करां।।

पीरां दे पीर लखदाता, सरकार मेरा राखणहारा। जहड़े वी दुखी आए ने,
उन्हां नू बनाए सहारा।।

जप संख्या: रोज 101 बार (या 3 माला)। शुक्रवार JA GURUVAR JA SUNDAY को विशेष जप करें।


❤️ विशेष बात:

  • पीर जी को मीठा प्रसाद (खीर, फल, गुड़) चढ़ाएँ।

  • श्रद्धा से की गई सेवा शीघ्र फल देती है।

  • लखदाता पीर जी को सच्चे दिल से याद किया जाए, तो हर मनोकामना पूरी होती है।



2200 ख्वाजा पीर की शक्ति HAZRAT KHAWAJA PEER KI SHAKTI KA RAJ

हजरत ख्वाजा पीर: इतिहास और महत्व

हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, जिन्हें ख्वाजा पीर के नाम से भी जाना जाता है, सूफी परंपरा के महान संत हैं। उनका जीवन और शिक्षाएँ भारतीय उपमहाद्वीप में सूफीवाद की गहरी जड़ों को दर्शाती हैं। उनका जन्म 1141 ईस्वी में अफगानिस्तान के सीस्तान क्षेत्र में हुआ था। ख्वाजा पीर ने अपने जीवन को समर्पित करते हुए मानवता की सेवा की और अल्लाह की उपासना की।

1. प्रारंभिक जीवन

हजरत ख्वाजा का जन्म एक धार्मिक परिवार में हुआ था। उनके पिता, जो एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थे, ने उन्हें प्रारंभिक शिक्षा दी। ख्वाजा ने युवा अवस्था में ही अध्यात्म की ओर रुख किया। उन्होंने विभिन्न गुरुओं से शिक्षा ली और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।

2. सूफीवाद की ओर यात्रा

ख्वाजा पीर ने सूफीवाद के सिद्धांतों को अपनाने के बाद अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू की। उन्होंने अपने जीवन में साधना, तप और सेवा को महत्वपूर्ण माना। यह यात्रा उन्हें भारत के विभिन्न क्षेत्रों में ले गई, जहाँ उन्होंने कई लोगों को प्रभावित किया।

3. भारत में आगमन

हजरत ख्वाजा पीर ने 1190 ईस्वी के आस-पास भारत में कदम रखा। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा करना और प्रेम और एकता का संदेश फैलाना था। उन्होंने अजमेर में स्थायी रूप से निवास किया, जहाँ उन्होंने अपनी दरगाह बनाई।

4. अजमेर में दरगाह की स्थापना

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर में अपनी दरगाह स्थापित की, जो आज भी एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। उनकी दरगाह पर हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। ख्वाजा की दरगाह का महत्व न केवल मुसलमानों के लिए है, बल्कि यह सभी धर्मों के लोगों के लिए एक सम्मानित स्थान है। यहाँ पर लोग चादर चढ़ाते हैं और दुआ करते हैं।

5. शिक्षाएँ और उपदेश

हजरत ख्वाजा की शिक्षाएँ प्रेम, करुणा, और मानवता की सेवा पर केंद्रित थीं। उन्होंने लोगों को एकता और भाईचारे का संदेश दिया। उनकी कुछ प्रमुख शिक्षाएँ निम्नलिखित हैं:

5.1. प्रेम और करुणा

ख्वाजा ने हमेशा प्रेम और करुणा को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, सच्ची भक्ति केवल अल्लाह की उपासना में नहीं, बल्कि सभी इंसानों के प्रति स्नेह और दया में निहित है।

5.2. तवक्कुल (विश्वास)

हजरत ख्वाजा ने तवक्कुल यानी अल्लाह पर पूर्ण विश्वास रखने की महत्वपूर्णता को बताया। उन्होंने सिखाया कि हर परिस्थिति में हमें अपने प्रभु पर भरोसा रखना चाहिए।

5.3. सेवा का कार्य

ख्वाजा पीर ने समाज सेवा को महत्वपूर्ण माना। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना और उन्हें सहारा देना एक सच्चे श्रद्धालु की पहचान है।

6. ख्वाजा पीर की दरगाह का महत्व

ख्वाजा की दरगाह एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है जहाँ विभिन्न धर्मों के लोग एकत्र होते हैं। यहाँ की शांति और श्रद्धा हर किसी को आकर्षित करती है। दरगाह पर होने वाले उर्स (सालाना मेला) के दौरान लाखों भक्त आते हैं, जो ख्वाजा की याद में प्रार्थना करते हैं और उनकी शिक्षाओं का पालन करने का संकल्प लेते हैं।

7. ख्वाजा पीर की विरासत

हजरत ख्वाजा पीर की शिक्षाएँ आज भी लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण हैं। उनकी सूफी परंपरा ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया है और प्रेम, मानवता और एकता का संदेश फैलाया है। उनके अनुयायी आज भी उनकी शिक्षाओं को अपनाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करते हैं।

8. निष्कर्ष

हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का जीवन प्रेम, करुणा और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने अपने समय में अनेक लोगों को प्रेरित किया और उनके संदेश आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उनकी दरगाह पर श्रद्धालुओं का आना यह दर्शाता है कि उनका संदेश सभी धर्मों और संस्कृतियों में समान रूप से स्वीकार किया गया है। ख्वाजा पीर की शिक्षाएँ हमें एकता और मानवता की राह पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।

उनका जीवन और उनके सिद्धांत हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं, और हमें यह याद दिलाते हैं कि सच्चा धर्म और भक्ति केवल अपने भगवान की पूजा करना नहीं, बल्कि इंसानियत की सेवा करना भी है।

ख्वाजा पीर कौन है । कैसे इनकी इबादत करने से शक्तियां मिलती है HAZRAT KHAWAJA PEER INKI SHAKTI

हजरत ख्वाजा पीर: एक परिचय और साधना की विधि

हजरत ख्वाजा पीर, जिन्हें आमतौर पर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के नाम से जाना जाता है, सूफी परंपरा के महान संत और मुस्लिम जगत में एक अद्भुत हस्ती हैं। उनका जन्म 1141 ईस्वी में अफगानिस्तान के सीستان क्षेत्र में हुआ था। वे चिश्तिया आदेश के संस्थापक माने जाते हैं और उन्हें आमतौर पर "गरीब नवाज़" कहा जाता है, जिसका अर्थ है "गरीबों के मित्र।"

ख्वाजा पीर का जीवन

प्रारंभिक जीवन

हजरत ख्वाजा पीर ने अपने जीवन की शुरुआत एक साधारण परिवार में की। उनके पिता, एक प्रतिष्ठित धार्मिक व्यक्ति थे, जिन्होंने उन्हें प्रारंभिक शिक्षा दिलाई। ख्वाजा पीर ने धर्म और अध्यात्म की गहरी समझ प्राप्त की और बाद में उन्होंने सूफीवाद की ओर रुख किया।

सूफी परंपरा

हजरत ख्वाजा ने सूफीवाद के सिद्धांतों को अपनाया और अपने जीवन को सेवा और प्रेम में समर्पित कर दिया। वे अल्लाह के प्रति अपनी भक्ति और लोगों की सेवा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने भारत में आकर सूफी परंपरा का प्रचार किया और कई लोगों को अपने उपदेशों से प्रेरित किया।

शिक्षा और शिक्षा का प्रचार

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करने के लिए एक दरगाह की स्थापना की। उनकी दरगाह अजमेर में स्थित है, जो आज भी श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है। लोग यहाँ आकर उनकी समाधि पर चादर चढ़ाते हैं और दुआ करते हैं।

हजरत ख्वाजा पीर की शिक्षाएँ

प्रेम और करुणा

हजरत ख्वाजा की सबसे महत्वपूर्ण शिक्षाओं में प्रेम और करुणा का महत्व है। उन्होंने हमेशा सभी के प्रति स्नेह और करुणा दिखाने की सलाह दी। उनके अनुसार, सच्ची भक्ति केवल अल्लाह की पूजा करने में नहीं, बल्कि इंसानियत की सेवा करने में भी निहित है।

तवक्कुल (विश्वास)

हजरत ख्वाजा ने तवक्कुल यानी अल्लाह पर पूर्ण विश्वास रखने की महत्वपूर्णता को बताया। उनके अनुसार, हर परिस्थिति में अपने प्रभु पर भरोसा करना चाहिए।

साधना की विधि

1. नियत और निस्वार्थ भाव

साधना के लिए पहले अपनी नीयत को साफ करें। यह सुनिश्चित करें कि आपकी साधना का उद्देश्य केवल अल्लाह की कृपा प्राप्त करना और दूसरों की सेवा करना हो।

2. दुआ और जिकर

हजरत ख्वाजा की साधना में दुआ और जिकर (अल्लाह का नाम लेना) का विशेष महत्व है। रोजाना कुछ समय निर्धारित करें और अल्लाह का नाम लें। आप "या ख्वाजा" या "या मोइनुद्दीन" का जिकर कर सकते हैं।

3. नफली नमाज़

नफली नमाज़ (स्वयं की इच्छानुसार पढ़ी जाने वाली नमाज़) अदा करें। यह अल्लाह के साथ आपके संबंध को मजबूत बनाता है। खासकर रात के समय तहजिद (नैतिक जागरण के समय) नमाज़ पढ़ना विशेष लाभकारी माना जाता है।

4. ख्वाजा की दरगाह पर जाना

यदि संभव हो, तो ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह (अजमेर) पर जाकर दुआ करें। वहाँ जाकर चादर चढ़ाना और वहां की पाक भूमि पर रहना, अल्लाह की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है।

5. सेवा का कार्य

हजरत ख्वाजा के उपदेशों का पालन करते हुए, समाज सेवा करें। जरूरतमंदों की मदद करें, दान करें, और सभी के प्रति स्नेह दिखाएँ। यह आपकी साधना को सार्थक बनाएगा।

6. सादगी और संयम

अपनी जीवनशैली में सादगी और संयम को अपनाएं। सांसारिक वस्तुओं से दूर रहकर अपने इरादों को पवित्र बनाएं।

निष्कर्ष

हजरत ख्वाजा पीर का जीवन हमें प्रेम, करुणा, और मानवता की सेवा का पाठ पढ़ाता है। उनकी साधना की विधि न केवल आध्यात्मिक उन्नति के लिए, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। उनकी शिक्षाओं को अपनाकर, हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं और अल्लाह की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

अंत में, ख्वाजा पीर की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारकर, हम न केवल आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने आसपास के लोगों के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

ख्वाजा पीर की कहानी भारत और विशेष रूप से उत्तर भारत में लोकप्रिय है। ख्वाजा पीर को लेकर कई अलग-अलग किंवदंतियाँ और कहानियाँ प्रचलित हैं। एक प्रमुख कहानी के अनुसार, ख्वाजा पीर एक महान संत और सूफी हुए हैं जो अपनी साधना और भक्ति के लिए प्रसिद्ध थे।

ख्वाजा पीर की कहानी भारत और विशेष रूप से उत्तर भारत में लोकप्रिय है। ख्वाजा पीर को लेकर कई अलग-अलग किंवदंतियाँ और कहानियाँ प्रचलित हैं। एक प्रमुख कहानी के अनुसार, ख्वाजा पीर एक महान संत और सूफी हुए हैं जो अपनी साधना और भक्ति के लिए प्रसिद्ध थे।

कहानी के अनुसार, ख्वाजा पीर का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था, लेकिन उनकी भक्ति और समर्पण के कारण उन्होंने बहुत बड़ी आध्यात्मिक ऊँचाइयों को छू लिया। उन्होंने अपनी साधना और सेवा से लोगों के दिलों में जगह बनाई और समाज में शांति और प्रेम का संदेश फैलाया।

ख्वाजा पीर की शिक्षाएँ और उनके जीवन की कहानी आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं और उनकी दरगाह पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। उनकी शिक्षाएँ और जीवन के अनुभव जीवन में सत्य, प्रेम और भक्ति की महत्ता को दर्शाते हैं।

ख्वाजा पीर की भक्ति और उनके जीवन के आदर्श भारतीय भक्ति परंपरा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी भक्ति का सार उनके सरल और सच्चे समर्पण में निहित है। यहाँ उनके भक्ति के कुछ प्रमुख पहलू हैं:

1. सच्ची भक्ति और समर्पण: ख्वाजा पीर की भक्ति का मुख्य तत्व उनकी सच्ची और गहरी समर्पण की भावना है। उन्होंने अपने जीवन को ईश्वर की सेवा में समर्पित कर दिया और दूसरों को भी इसी मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।


2. साधना और तपस्या: ख्वाजा पीर ने कठिन साधना और तपस्या के माध्यम से आत्मिक उन्नति प्राप्त की। उनकी साधना और तपस्या ने उन्हें आत्मा की गहराई में प्रवेश दिलाया और ईश्वर के प्रति उनकी भक्ति को मजबूत किया।


3. अनंत प्रेम और करुणा: ख्वाजा पीर की भक्ति में अनंत प्रेम और करुणा की झलक मिलती है। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों, निर्धनों और बीमारों की सेवा की और उन्हें भी ईश्वर के प्रेम का अनुभव कराया।


4. शांति और सद्भावना: ख्वाजा पीर ने शांति और सद्भावना का संदेश फैलाया। उनकी शिक्षाएँ आपसी विवादों को सुलझाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की प्रेरणा देती हैं।


5. सामाजिक समर्पण: उन्होंने अपनी भक्ति के माध्यम से समाज में भाईचारे और एकता की भावना को प्रोत्साहित किया। उनकी दरगाह पर आज भी लोग विभिन्न धर्मों और जातियों से आते हैं, जो उनकी शिक्षाओं और उनके जीवन के आदर्श को मानते हैं।



ख्वाजा पीर की भक्ति और उनकी शिक्षाएँ एक अनमोल धरोहर हैं जो आज भी लोगों के दिलों को छूती हैं और उनके जीवन को मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

ख्वाजा पीर का कलमा, जिसे "कलमा" भी कहा जाता है, उनके धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों को व्यक्त करता है। हालांकि ख्वाजा पीर की भक्ति और शिक्षाएँ विस्तृत और विविध हैं, उनके कलमे की मुख्य बातें आमतौर पर निम्नलिखित होती हैं:

1. ईश्वर की एकता (तौहीद): ख्वाजा पीर ने ईश्वर की एकता पर जोर दिया। उनके कलमे में ईश्वर की एकता और उसके सर्वशक्तिमान होने की मान्यता प्रमुख है।


2. पैगंबर मुहम्मद (स.) की नबूवत: ख्वाजा पीर ने पैगंबर मुहम्मद (स.) को अंतिम पैगंबर मानते हुए उनकी शिक्षाओं और आदर्शों का अनुसरण किया।


3. भक्ति और प्रेम: ख्वाजा पीर के कलमे में भक्ति, प्रेम और समर्पण की भावना प्रमुख है। उनका मानना था कि सच्चे दिल से ईश्वर की भक्ति और प्रेम ही जीवन का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है।


4. समाज सेवा: ख्वाजा पीर ने समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा को बहुत महत्व दिया। उनका कलमा सामाजिक समानता और करुणा पर जोर देता है।


5. धार्मिक सहनशीलता: वे विभिन्न धर्मों और जातियों के बीच सहनशीलता और भाईचारे के समर्थक थे। उनका कलमा यह भी दर्शाता है कि सभी इंसान एक ही ईश्वर की संतान हैं और एकता में शक्ति है।



इन मूलभूत बातों के माध्यम से, ख्वाजा पीर ने अपने अनुयायियों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने, ईश्वर के प्रति समर्पण करने और समाज में शांति और भलाई फैलाने की प्रेरणा दी।

ख्वाजा पीर की साधना उनकी भक्ति और आध्यात्मिकता के केंद्र में थी। उनकी साधना की विधियाँ और उनके अनुशासन उनके जीवन और शिक्षाओं के महत्वपूर्ण पहलू थे। यहाँ उनके साधना के कुछ प्रमुख तत्व हैं:

1. भक्ति और ध्यान: ख्वाजा पीर की साधना का प्रमुख भाग भक्ति और ध्यान था। उन्होंने नियमित रूप से ईश्वर की उपासना की, ध्यान और जाप के माध्यम से अपने मन को ईश्वर की याद में लगाया।


2. उपवास और तपस्या: ख्वाजा पीर ने आत्मिक उन्नति के लिए उपवास और तपस्या की। इन साधनाओं के माध्यम से उन्होंने अपने इंद्रियों पर नियंत्रण पाया और आत्मा की गहराई में प्रवेश किया।


3. धार्मिक अध्ययन: उन्होंने इस्लामिक धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया और उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया। उनके साधना के दौरान, उन्होंने कुरान और हदीस का गहराई से अध्ययन किया और इन्हें अपने अनुभवों और भक्ति के साथ जोड़कर देखा।


4. सेवा और परोपकार: ख्वाजा पीर ने अपनी साधना को समाज सेवा और परोपकार से जोड़ा। उन्होंने गरीबों, बीमारों और जरूरतमंदों की सेवा की, और यह उनकी साधना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।


5. साधना का सरलता: उनकी साधना में जटिलता की बजाय सरलता और समर्पण की भावना प्रमुख थी। उन्होंने भक्ति को जटिल धार्मिक कर्मकांडों से नहीं जोड़ा, बल्कि एक सरल और सच्चे दिल से ईश्वर की सेवा करने पर जोर दिया।


6. समाज के प्रति करुणा: ख्वाजा पीर की साधना में करुणा और प्रेम की भावना भी समाहित थी। उन्होंने अपने समय की सामाजिक समस्याओं को संबोधित किया और समाज में शांति और भलाई के लिए काम किया।



इन साधनाओं के माध्यम से, ख्वाजा पीर ने अपने अनुयायियों को ईश्वर के करीब जाने और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करने का मार्ग दिखाया। उनकी साधना और जीवन की शिक्षाएँ आज भी कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।






हजरत ख्वाजा पीर की साधना सिद्धि HAZRAT KHWAJA PEER KI SAWARI LENE KA MANTRA JAAP

ख्वाजा पीर 

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मद रसूलुल्लाह जल में ख्वाजा पीर थल मैं तेरा रोजा रिद्धिसिद्धि के दाता चौकी भरे संगत आपके दरवार मीठे देग अगवती पर आप हो जाओ बलवान 2200 ख्वाजा आपको मेरा सलाम स-सलाम वालेकुम आमीन




आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए हजरत ख्वाजा पीर जी का सिद्ध प्रयोग लेकर आया हूं यह एक सिद्ध प्रयोग है गुरुमुखी प्रयोग है हरे रंग की तस्वीर के ऊपर इस साधना को करें 41 दोनों का जिला काटना है गुरु कृपा दृष्टि में मंत्र का प्रयोगकरें मीठे चावल ख्वाजा साहब के नाम के जरूर लगाए दलिया भी जरूर लगाए और साधना के सारे नियम अच्छे से समझ कर गुरु दीक्षा लेकर ही मंत्र का उच्चारण करें सनी नाथ युटुब चैनल एवं गुरु गोरखनाथ यूट्यूब चैनल जरूर देखें वहां पर साधना लिखित में मिलेगी 9891 59 52 70 मेरा ही नंबर है यह साधना दीक्षा लेकर साधना के अनुसार शुल्क रहता है वह देखकर हवन यज्ञ तप करवा कर आप लोग सवारी चौकी भी ले सकते हो आदेश आदेश चाय गुरु गोरखनाथ ।

लाला वाली सच्ची सरकार की साधना हर एक व्यक्ति चाहता है LAKH DATA PEER KI KALAM 41 DIN DIN MEIN LAGEGI GADDI

Lalawali sarkar

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ला इलाहा 
इलल्लाह मुहम्मदूर रसूलुल्लाह पीर नूरे 
आलमपीर निगाहे वाली सच्ची सरकार
ककी घोड़ी बगल कुरान आगे पीछे 
पीर सेहबान गाड़ी गाड़ी चले सच्ची 
सरकार अला बला को ले जाओ सात 
समंदर पार अस्सलाम वालेकुम सलाम ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ लाल वाली सच्ची सरकार की साधना हर एक व्यक्ति चाहता है कि लाल वाले की कृपा उसे व्यक्ति के ऊपर हो जाए यह साधना आप लोगों ने 41 दिन करनी है हरे रंग की तस्वीर के ऊपर मंत्र का जाप करना है यह साधना में ब्रह्मचर्य का पालन करना है दो सरसों के तेल के चिराग लगते हैं देख लगाकर आप लोगों ने गुरुवार से साधना शुरू करनी है लोबान की धोनी जरूर दें साधना काल में और हो सके तो अगरबत्तियां जरूर लगाए और सुगंधित वातावरण करके ऊपर दिए गए मंत्र का 11 माला नित्य जाप करें रात्रि और आप सुबह भी जाप कर सकते हो गुरु दीक्षा होना अति अनिवार्य है अगर आप लोगों के ऊपर गुरु की कृपा दृष्टि नहीं है तो यह मंत्र आपके ऊपर कार्य नहीं करेगा जल का पत्र हर एक साधना में जरूरी होता है यूट्यूब चैनल सनी नाथ एवं गुरु गोरखनाथ को जरूर सब्सक्राइब करें वहां पर भी यह साधना पूर्ण विधि सहायता आपको वहां पर मिल जाएगी हरे रंग का आसान हरे रंग के वस्त्र और हरे रंग की माला के ऊपर ही जाप करना है बाकी साधना से पहले आप लोग मेरे साथ कंसल्ट कर सकते हो और साधना का पूर्ण विधान समझकर एवं दीक्षा लेकर भी साधना मेरे से जुड़कर कर सकते हो साधना अनुसार भोग प्रसाद रहता है वह आपका ही रहता है आदेश आदेश जय गुरु गरखनाथ ।


ख्वाजा पीर की साधना और उनकी सवारी के बारे में बहुत सारे विभिन्न धार्मिक परंपराओं और संस्कृतियों में विभिन्न परंपराएँ हैं। यह विभिन्न समुदायों और पाठकों के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है। यहां मैं आपको एक सामान्य धार्मिक दृष्टिकोण से बता रहा हूं:

 ख्वाजा पीर की साधना और उनकी सवारी के बारे में बहुत सारे विभिन्न धार्मिक परंपराओं और संस्कृतियों में विभिन्न परंपराएँ हैं। यह विभिन्न समुदायों और पाठकों के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है। यहां मैं आपको एक सामान्य धार्मिक दृष्टिकोण से बता रहा हूं:


1. **श्रद्धा और भक्ति**: सबसे पहले, ख्वाजा पीर की साधना में श्रद्धा और भक्ति का महत्वपूर्ण स्थान है। यह धार्मिक आस्था के साथ उनकी प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

2. **ध्यान और मेधाशक्ति**: ध्यान और मेधाशक्ति का अभ्यास भी महत्वपूर्ण है। यह साधक को मानसिक और आध्यात्मिक स्थिति में स्थिरता और संवेदनशीलता प्रदान करता है।

3. **प्रार्थना और मन्त्र जप**: ख्वाजा पीर की साधना में प्रार्थना और मन्त्र जप का अहम भूमिका होती है। यह साधक को अपने आध्यात्मिक यात्रा में मार्गदर्शन करता है।

4. **सेवा और चरित्र निर्माण**: साधक को सेवा का भाव और अच्छे चरित्र का विकास करना भी जरूरी है। यह साधना को गहराई और समृद्धि के साथ अनुभव करने में मदद करता है।

ख्वाजा पीर की सवारी लेने के लिए, लोग उनके मंदिरों, दरगाहों या स्थलों पर जाते हैं और अपने मनोकामनाओं को प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करते हैं। कई स्थानों पर यात्रियों को ध्यान केन्द्रित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं ताकि उनकी साधना संवेदनशीलता और उनकी प्रार्थना पूर्ण हो सके।

कृपया ध्यान दें कि यह एक सामान्य धार्मिक दृष्टिकोण है और यह विविध परंपराओं और संस्कृतियों के अनुसार विभिन्न रूपों में व्यक्त हो सकता है। धार्मिक साधना को गहराई से समझने के लिए अपने समाज या गुरु के साथ संपर्क में रहना उत्तम होता है।




ख्वाब में जुएसट्टे का नम्बर KHWAJA PEER KA SATTA MANTRA JAAP WHATSAAP 9891595270 SHULK SADHANA

 ख्वाब में जुएसट्टे का नम्बर 



या ख्वाजा खिज्र मैं तेरा इलियास 

लिल्लाम का दिल चित्त मेरे पास 


यह साधना गुरु कृपा से करनी है अगर आपके गुरु नहीं तो मंत्र का जाप नहीं करना जान कलियाँ हेतु मंत्र यहाँ दिया गया है मंत्र की विधि पूर्ण रूप से गुरु से समझ कर फिर ही इस मंत्र का प्रयोग करे इस मंत्र कर प्रयोग आप अपने लिए अथवा किसी अन्य व्यक्ति के लिए कर सकते हो मंत्र का जाप ११११ रोज करना है ४१ दिनों ता यहाँ जाप करना है वही सो जाना है मंत्र ४१ दिन मैं सिद्ध होता है फिर मंत्र का प्रयोग करना है उलटी माला करनी है तसवी के ऊपर जाप करना लोबान की धुनि देनी है एक दीपक लगाना है साधना घर के बहार ही करनी है घर पर नहीं करनी है बाकि आप समझ कर साधना मेरे से ले कर कर सकते हो साधना जा शुल्क आपको देना होगा मेरा यूट्यूब चैनल सनी नाथ ाचे से देखे आदेश आदेश ! 








भय नाशक मंत्र प्रयोग बाबा शेख फरीद जी का सिद्ध शाबर मंत्र प्रयोग BHYA NASHAK SIDDH SHABAR MANTRA PARYOG

शेख फरीद की कामरी निशि अस अंधियारी तीनों को टालिये अनल ओला जल विष ॥”

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए एक भय नाशक मंत्र का प्रयोग लेकर आया यह एक नया शाबर मंत्र है जिन व्यक्तियों को किसी प्रकार का अग्नि जल तत्व से डर लगता है वहां पर आप इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो इस मंत्र से आपके अंदर का भी खत्म होता है यह मंत्र पूर्ण रूप से प्रमाणित मंत्र है इस मंत्र का जाप नित्य आपको 27 बार करना है उसके बाद आप इस मंत्र का प्रयोग नित्यकर्म में ही करेंगे यानी कि यह मंत्र आपको 27 बार हर रोज पढ़ना है सदा के लिए ही आपके ऊपर बाबा जी की कृपा दृष्टि हो जाती है बाबा शेख फरीद जी की अपार कृपा दृष्टि आप लोग ओं के ऊपर बरसती है जल तत्व और अग्नि तत्व से आपकी रक्षा होती है बाबा जी सदा आपकी रक्षा के लिए खड़े रहते हैं इस मंत्र को याद करके डायरेक्ट आपने इसका प्रयोग करना है सिद्ध करने की जरूरत नहीं है यह मंत्र ऐसे ही कार्य करना शुरू कर देता है गुरुमुखी लोगों के लिए ही शाबर मंत्र हैं तो गुरु दीक्षा के बाद ही मंत्रों का प्रयोग करें सनी नाथ यूट्यूब चैनल को जरूर देखें डिस्क्रिप्शन बॉक्स जरूर पढ़ें बाकी की सारी जानकारी वहीं पर बताएगी है पेड़ सर्विसेस आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा।

गोसे पाक पीराने पीर दस्तगीर सैयद अब्दुल कादिर जिलानी पीर साहिब जी की चौकी जाप GONEPAK PIRANE PEER KI SAWARI SAHYAD ABDUL KADHIR JILANI PEER SAHIB

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए हजरत ख्वाजा साहब की कलाम इबादत एवं उनकी साधना लेकर आया हूं योग गुरु के सानिध्य में इन मंत्रों का जाप करें बिना गुरु के इन मंत्र तंत्र अथवा क्रियाओं का जाप करना वर्जित है बिना गुरु के अगर आप लोग इन मंत्रों का प्रयोग करते हो तो आप सफलता के पात्र नहीं बन पाते हो क्योंकि गुरु होगा तो ज्ञान होगा गुरु नहीं होगा तो कुछ भी नहीं होगा गुरु के बिना आपका मंत्र काम नहीं करता है तो कोशिश कीजिए पहले गुरुधाम ना कीजिए फिर ही मंत्रों का प्रयोग कीजिए यह एक स्वयंसिद्ध कलाम है इस काम को करने से विभिन्न प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं यह आपने 11 से 21 दिनों तक विधि पूर्वक करनी है और इस मंत्र का जाप करने से आपको दिव्य दृष्टि प्राप्त होती है कैसे आप इस शक्ति का प्रयोग कर सकते हो ।

भोग में आप लोगों ने एक सफेद कपड़ा एक इत्र की शीशी एक मिट्टी का चिराग जो आपको बदली करना है पांच गुलाब के फूल पांच सफेद मिठाई आज अगरबत्ती और एक मीठा पान यह सामग्री आपने लेकर ही इस मंत्र का प्रयोग करना है 5 से 11 माला नित्य जाप करना है और कलाम नीचे लिखित ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल की लाइव  जरूर सुने बाकी की सर्विस पेड़ है इस पर साधना के अकॉर्डिंग रहता है ।

बिस्मिल्लाह ए रहमान ए रहीम या अली या अली साहिबे कर्म कर रहम कर सदका रसूल अल्लाह का कर दो कर्म कठिन मंजिल को आसान कर मेरे पीर दस्तगीर मैं हूं लाचार बालक तुम्हारा तुझको बुलाऊं मेरे पीर उसी घड़ी इमदाद करो मेरे गोंसे आजम दस्तगीर ।


बस इतना सा यह मंत्र है इस मंत्र का आपने प्रयोग पूर्ण निष्ठा भावना के साथ करना है और इस्लाम का प्रयोग करने से पहले योग गुरु से सलाह मशवरा जरूर करें बिना गुरु के आप इनके मंत्र का प्रयोग नहीं कर सकते हैं अरदास जरूर लगाएं कि बिना गुरु के अगर आप कुछ करते हो तो लेखा-जोखा रेस का आपका रहता है हमारा काम तो सिर्फ आप लोगों को जानकारी एवं जन कल्याण हेतु मंत्र तंत्र द्वारा पोस्ट करना होता है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

मुसलमानी शक्तियों को हाजिर करने का प्रयोग जिन्नात साधना इस जिनको आप 41 दिन में सिद्ध कर सकते हैं MUSALMANI SHAKTION KO HAZIR KA MANTRA

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के समक्ष साधना लेकर आया यह एक गुप्त साधना है गुरु के सानिध्य में ही साधना का अनुष्ठान करना है जन कल्याण हेतु साधना एवं विधान यहां पर दिया जा रहा है लेकिन गुरु ना होने कारण आप लोग साधना में सफलता प्राप्त नहीं कर सकते हो मंत्र और विधान व्यर्थ हो जाते हैं अगर आपके ऊपर गुरु कृपा ना हो तो यह एक पूर्ण रूप से प्रमाणित मंत्र है इस मंत्र के साथ आप जिंदगी सिद्धि प्राप्त कर जाते हो 41 दिन में इस मंत्र का जाप करना है कोई भी आसन हो सके तो कुर्ता पजामा पहन के उस आसन पर विराजमान हो जाए सर के ऊपर टोपी पहनकर आपने इस मंत्र का जाप करना या आप कोई कपड़ा मान सकती हो सर के ऊपर पांच अगरबत्ती जलानी है सुगंधित गुलाब की भी ले सकते हो लवान वाले भी आप ले सकते हो स्वयं को इतना लगाना है वह भी गुलाब का ही लगाना है और केफे अपने समक्ष अपने अखबार के रख लेना वहां पर रख लेने हैं और आपने अपने पास एक जल का लोटा रखना है और दो रसगुल्ले रखने हैं और फिर आपने नीचे दिए हुए कलाम का नियमित रूप से सवा 2 घंटे जाप करना है यह जो आप आपने हकीक की माला या हरे रंग की तस्वी की माला के ऊपर कर सकते हो मंत्र छोटा सा है लेकिन प्रमाणित है गुरु सहित में करोगे तो शत प्रतिशत लाभ प्राप्त होगा सनी नाथ चैनल पर जरूर जाए यूट्यूब चैनल है मेरा लाइव चैट में आप लोग मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो बाकी की सर्विस पहले साधना के अनुसार ही मेरा प्रसाद रहता है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ ।

कलाम जिन्न सिद्धि 


या अजीबो या जिब्राइल या वासितो 



गोंसपाल सरकार पीर को अपने पास बुलाने का कलाम 9 बार पढ़ने से काम शुरू हो जाता है GONSPAK SARKAR PEER KI APNE PASS BULANE KA SIDDH SHABAR MANTRA PARYOG

इन तीन कलाम का प्रयोग आप लोग साधना में कर सकते हो यह कलाम पूर्ण रूप से गुरुमुखी हैं पूर्ण रूप से आपका काम करते हैं गुरु के सानिध्य में इन कलाम का प्रयोग करें बिना गुरु के कलाम का प्रयोग नहीं करना है 

इसके बाद तस्बीह 9

कुल हुवल्लाहु अहद, अल्लाहूस्मद, लम यलिद व लम युलद व लम युकुल्लुहु कुफ़ुवन अहद.

इसके बाद तस्बीह से इस दुरुद कि एक तस्बीह फेरे।

दुरुद 11

सलल्लाहो अलेका या मुहम्मदूम नुरूम मीन नुरिल्लाही.

इसके बाद इस अमल कि 7 तस्बीह फेरे।

पीर गौंस पाक जी साधना मंत्र

या गौसे आज़म.
आओ आओ फरियाद करूं,
मोहम्मद कि आन धरुं,
आओ हाज़िर हो दीदार दो,
हसन हुसैन के नाम पर आओ,
आओ आओ अल मदद मेरे मौला.

पीरों फकीरों की रूह से बात करने वाला हमारे मास्टर 9 बार पढ़ने से आप लोगों के ऊपर होने लगती है वीरों की कृपा आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए एक अमल लेकर आया इस अमल के प्रयोग से आपके ऊपर है दैविक शक्तियों हाजिर होने लगती है इस्लाम का प्रयोग 9 बार ही आपको करना है लेकिन जिन लोगों ने गुरुधाम रखा है उनके ऊपर गुरु कृपा होती है तो उनके मंत्र जल्दी से सिद्ध होते हैं इसको आपने सोते वक्त ही पढ़ना है मन ही मन पढ़ते हुए आपने सो जाना है आप चलते फिरते भी इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो ज्यादा जानकारी के लिए मेरी यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में बात करें आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ ।

हजरत ख्वाजा पीर जी की साधना कैसे लेते ही ख्वाजा पीर की सवारी 101 जाप नित्य करे HAZRAT KHWAJA PEER KI SADHANA SIDDHI KAISE LETE HAI PEER KI SAWARI

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए हजरत ख्वाजा साहब की साधना लेकर आया हूं नीचे दिए गए कलाम का प्रयोग योग्य गुरु के सानिध्य में करें इसके लिए आपको हरे रंग की तस्वी या हरे रंग की हकीक की माला का प्रयोग करना है और एक आसन के ऊपर विराजमान होकर एक सरसों के तेल का चिराग लगाना है और आप लोगों को नीचे दिए गए मंत्र का 101 बार या इससे अधिक अपनी समर्था अनुसार आपको मंत्र जाप करना 41 दिनों तक आपने इस मंत्र का प्रयोग करना है और जो लोग गुरु दीक्षित है वह गुरु के सानिध्य में चलेंगे इस मंत्र का प्रयोग करने से पहले कुछ नियम है वह जरूर समेले जैसे कि ब्रह्मचारी भूमि के ऊपर लेटना और कम बोलना साधना का नियम है इस मंत्र का जितना ज्यादा जाप करोगे उतना ही चमत्कार आप लोगों को देखने को मिलेगा इस मंत्र के पहले 11 बार दरूद शरीफ का पाठ जरूर करें फिर ही इस कलाम का प्रयोग करें और उसके बाद फिर 11 बार अवश्य पढ़ें वाइट कलर का कुर्ता पजामा पहन कर अथवा लेडीस इस मंत्र का प्रयोग करते हैं तो वह है लाल रंग का सूट या वाइट कलर का सूट पहन कर सर को ढककर ही साधना कर सकते हैं शुद्धता का खासकर ध्यान रखें ख्वाजा जी के नाम की कच्ची और पक्की हाजिरी भरनी है कच्ची हाजिरी में आप लोगों ने दलिया आज बताओ देसी घी डाल देना है यह कच्चा समान नदी पर देना है 7 बार छोड़ना है नदी में और 7 बार मंत्र का प्रयोग करना है ऐसे ही पक्की हाजरी में आपको दलिया बना लेना है उसमें चीनी डाल देनी है उसमें डाल के 7 बार मंत्र पढ़ना है और साथ छोड़ना है इसमें ज्यादा भोग देने की जरूरत नहीं है और एक बात आपको बताता हूं इस मंत्र के प्रयोग से पहले अपनी समर्थ अनुसार बाबा की दरगाह में जरुर चढ़ाएं लोबान की धूनी अथवा मीठे चावल अपने आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ ।

ख्वाजा जी का कलाम 

बिस्मिल्लाह रहमान रहीम अल्हमद के या खुले आलमीन औज़बिल्लाहमिनशैतानरज़ीम जल में समाये ख्वाजा सखी सर्वर सुलतान पीर मैं ख्वाज़ा दा बालका ख्वाजा मेरा पीर बंदिया दे बंध छुड़ा दे मेरा ख्वाजा जिंदा पीर खाकी चले नूरी चले चले पंज़ो पीर ख्वाजा मेरा काम करे वसीला दस्तगीर बरहक कलमा लाइलाहा मोहम्मद या रसूल अल्लाह।


पीर शाह मदार का कलाम ऐसा कलाम जो आपकी जिंदगी बदल देगा BABA SHAH MADAR JI PEERO KA MANTRA JAAP

बाबा शाह मदार 


बिस्मिल्ला रहमाने रहीम लो बन धार बन धार बनू लोहा अगन सार तप तजारी किया कराया भेजिया भैजैया बांधू दम दम जिंदा शाह मदार ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ मैं सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए पीर शानदार का मंत्र लेकर आया हूं इस मंत्र का प्रयोग आप लोग गुरु आज्ञा से गुरु कृपा से कर सकते हो इस मंत्र के प्रयोग से आप लोग दुनिया का कोई भी कार्य कर सकते हो जन कल्याण हेतु मंत्र यहां पर प्रकाशित किया जा रहा है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही मेरा भोग प्रसाद रहता है हरे रंग की माला के ऊपर 41 दिनों तक पीर बाबा के नाम का चिराग लगाकर आपने सेवा करनी है और लोबान की धूनी देनी है मंत्र जप करते वक्त होने वाले अनुभव गुरु को ही बता रहे किसी अन्य प्रकार की जानकारी के लिए आप लोग हमसे मंत्र एवं मंत्र की विधि को समझ सकते हो पेड़ सर्विस लेकर इस साधना का अनुष्ठान आप लोग बिठा सकते हो अगर आपके गुरु नहीं है तो इन मंत्रों का प्रयोग ऐसे आपने नहीं करना है क्योंकि योग्य गुरु के सानिध्य में ही आप लोग मंत्रों का पूर्ण रूप से उच्चारण कर सकते हो आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।


हजरत ख्वाजा पीर का सिद्ध कलाम मंत्र जाप बंधन खोल देता है ख्वाजा जी का है यह मंत्र जाप HAR BANDHAN KO KHOL DETE HAI HAZRAT KHWAJA PEER

ख्वाजा बली

उठ ख्वाजा सुतिया उठ के सूरत संभाल टोपी पहन सुलेमानी कर खुदा नू याद ख्वाजा मका ख्वाजा रता सोने दी डंडी चांदी दा पखा लेयाओ कुंजी खोलो बार देखा सदा ही मैं थोड़ा दरवार ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए ख्वाजा पीर की साधना लेकर आया इस मंत्र के जप से आप लोग अपने रुके हुए काम खोल सकते हो किसी प्रकार का अर्चना या बंधन आपका काम रोकता है वह काम आपका खुल जाएगा यह एक गुरुमुखी मंत्र जाप है हरे रंग की माला के ऊपर 41 दिन 1111 बार या 1188 बार इस मंत्र का जाप करना है वीरवार से शुरू करना है साधना के हर एक नियम इस साधना में भी लागू होते हैं और लोबान की धूनी देनी है और मंत्र जप के बाद आपको अनुभव होते हैं वह गुरु के साथ ही बांटने हैं किसी अन्य व्यक्ति को नहीं बता रहे कुछ ही दिनों में आप लोगों को हजरत ख्वाजा पीर साहब का करामात और चमत्कार खुद-ब-खुद दिख जाएगा यह मेरा प्रमाण है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और लाइव चैट में लाइव स्ट्रीमिंग सुने और फ्री में बात वहां पर कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है इस पर साधना के अकॉर्डिंग लिखी मेरा प्रसाद रहता है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।



कोटले वाले पीर साब की कलाम पीर हजरत मोहमद सत्रों दीन KOTLE WALE PEER KI KALAM SIDDH JAAP SAWARI MAIN ATTE HAI PEER SAHIB


बिस्मिल्ला रहमाने रहीम तू पीर मेरा मैं तालव तेरा पंजे थविका का मालिक तू पीरा आल्हा आल्हा बोल्दा चारे वीर नाल तेरे कदे ना डोलदा माता मसानी याद करा पीर मेरा हजरत मोहमद सतरोदिन नाम तेरा पार लगाड़े मेरा बैडा चले मंत्र फूरे बच्चा देखा बाबा पीट शत्रुदीन तेरे इल्म दा तमाशा ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से पीरों फकीरों के मंत्र लेकर हाजिर हुआ हूं कोटले वाले पीर का एक सिद्ध शाबर मंत्र है इस मंत्र के प्रयोग से आपको कोटले वाले पीर के दर्शन हो जाते हैं कोटले वाले पीर के दर्शन करने के लिए आप लोग इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हो इनक जोड़े में मसानी माता की प्रचंड शक्ति भी चलती है इनकी साधना 41 दिन की होती है गुरु कृपा के साथ आप लोग इस मंत्र का जाप कर सकते हो जन कल्याण हेतु यहां पर मंत्र प्रकाशित किया जा रहा है आपने हरे रंग की माला के ऊपर गुरुवार से मंत्र का जाप शुरू करना है और मीठे चावल पीर को भोग में लगाते हुए दो सरसों के तेल के चिराग लगाने हैं उनके सामने बैठ कर पीर की सेवा करनी है इस दौरान आपको कई प्रकार के अनुभव होंगे उन अनुभवों के आधार पर ही आप लोग साधना में सफल हुए हो या नहीं वह आपके गुरु आपको बता देंगे साधना में आपने लोबान की धूनी ब्रह्मचार्य का पालना जरूर करना है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे युटुब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ बात कर सकते हो बाकी की सारी सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही भोग प्रसाद रहता है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।

गोंसिया कसीदा गोंसपाक सरकार की का कड़ा कलाम जाप HAZRAT GONSPAK ARKAR JI KA GONIDYA KASIDA JAAP (KADHA DKA SIDDH PARYOG

गोंसिया कड़ा हजरत गोंसपाक सरकार 

बिस्मिलरेहमानेरहीम सखी रोड़ा हाथी कंगना सर ते वोद ा मेरा आजद सौदे दा कज लो बोदा गोंसपीर ख्वाजा के कड़े कम सो जो आल्हा मोहमद आप करे पीर मुर्शद तेरे नाम दी फुर्सत सतगुरु मेरा अविनाशी जीने तोड़ी जमा दी फांसी सतगुरु मेरिय्या शैरा मेनू आसरा तेरा दीन दयाल भरोसा ही तेरा सतगुरु मेरा बलकारी जीने 70 सो बालामत पंजे हेठ मारी अमीन ।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए गोंसियां कसीदा लेकर आया हूं इस कड़े का प्रयोग गुरु आज्ञा से ही किया जाता है यह एक ऐसा मंत्र है कि बड़े बड़ों की जीवन में कई प्रकार की खुशियां लेकर आता है इससे आपके ऊपर पीर फकीर और वलियों की कृपा होती है इस कलाम के जाप से आपके ऊपर पीर मुर्शिद हाजिर होते हैं और आपके कहने के अनुसार ही आपके कार्य करते हैं आप को इस कलाम के जप के बाद कई सरकारों के दर्शन एवं कृपा प्राप्ति होती है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में मेरे साथ प्रश्न उत्तर कर सकते हो बाकी की सर्विस पेड़ है साधना के अनुसार ही भोग प्रसाद रहता है जिसकी जानकारी मेरी लाइव स्ट्रीमिंग सुनकर प्राप्त कर सकते हो यूट्यूब का डिस्क्रिप्शन बॉक्स भी देख सकते हो और आप वेबसाइट पर भी पढ़ सकते हो ।

हरे रंग की तस्वी के ऊपर जाप करना है कलाम का नित्य 1111 बार जा 1188 बार जाप करना है ब्रह्मचर्य का पालन करना है और गुरु कृपा से ही इस मंत्र का प्रयोग करना है अगर गुरु नहीं है तो आप ऐसी कलामो एवं मंत्रों का प्रयोग नहीं कर सकते हैं क्योंकि गुरु आज्ञा से ही यह सब सिद्ध हो पाएगा मीठे चावल भोग में लगाते हुए एक सरसों के तेल का चिराग अपने समक्ष लगाना है 41 दिन तक कलाम का जाप करना है और वहीं पर ही सोना है नित्य ही क्रिया करनी है कुछ ही दिनों में आपको ख्वाबों में पीरों के दर्शन एवं व आपके साथ साधना के दौरान ही बातचीत करना शुरू कर देते हैं यह एक प्रमाणित प्रयोग है प्रमाण हमेशा गुरु सानिध्य में ही होता है अगर गुरु नहीं तो आप साधना में सफल नहीं हो सकते हो आपके लिए यह मात्र शब्द हो सकते हैं लेकिन गुरु कृपा से जो करेगा उसके लिए अमृत समान ही कार्य करते हैं आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ज्यादा जानकारी के लिए आप मेरे साथ कंसल्ट करके ही इन मंत्रों का प्रयोग कर सकते हो ।

पीरों फकीरों की रूह को अपने पास बुलाने का मंत्र किसी पीर से बात करने का सिद्ध शाबर मंत्र प्रयोग

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ मैं सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए पीर बाबा का सिद्ध मंत्र लेकर आया हूं इस मंत्र के प्रयोग से आप किसी भी पीर को अपने पास बुला सकते हो जो लोग पीरों फकीरों की शुरू से बात करने की इच्छुक है दैविक शक्तियों को देखना चाहते हैं वह लोग इस मंत्र का प्रयोग कर सकते हैं इस मंत्र का प्रयोग गुरु आज्ञा से ही करना है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे यूट्यूब चैनल सनी नाथ पर जरूर विजिट करें चैनल को सब्सक्राइब बैल आइकन पर क्लिक करें लाइव चैट में आप लोग मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हो इस मंत्र का प्रयोग 41 दिनों तक ना है रोज इस मंत्र का 5 से 11 माला जप करना है और लोबान की धूनी देनी है मंत्र का जाप करते वक्त होने वाले अनुभव जिस व्यक्ति के सानिध्य में आप लोग साधना करते हो उसी व्यक्ति को उसके बारे में बताना है अन्यथा साधना अखंडित एवं साधना का नियम टूट जाता है जब तक देवता आपके पास हाजिर होकर आप लोगों को वचन नहीं दे देता है तब तक आपने किसी व्यक्ति के साथ इस चीज का प्रयोग अथवा इस चीज के बारे में किसी व्यक्ति को कुछ नहीं लाना है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।



बाबा पीर 70 बला को काट आपके सर पर ताज रखना भगत की भगति का मान बाबा सुलानी आग को बना से पानी काली कलकते वाली तेरा वचन जा जय खाली हनुमान की खोपड़ी नहर सिंह का कड़ा मैं यहां ताहा सिमरू मेरे सारे काम सिरे चढ़ा कल कल करता तैलिया मसान गढ़बड़ करने वाले का गला पकड़ चले मंत्र फूरे बच्चा मेरे गुरु का शब्द है सच्चा सतनाम आदेश गुरु जी को ।।



अल्लाह पाक की दुआ पीरों फकीरों फ्करों की रूह का दीदार ALLHA PAK KI DUA PEERO PAKHIRO KI ROOH KA DIDAR

आल्हा पाक की दुआ 

बिस्मिल्ला रहमाने रहीम आल्हा हू रब्बी ला शरीक लहू।

आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए मुस्लिम इल्मो से एक इल्म लेकर आया हूं और इस कलाम का प्रयोग आप लोग करक विभिन्न प्रकार के फकरों की सिद्धियां एवं दर्शन पा सकते हो या एक गुप्त एवं गुरुमुखी कलाम है इस मंत्र से आपके ऊपर उनकी कृपा होती है अल्लाह पाक की दुआ से आप लोग कोई भी कार्य कर सकते हो जिस कार्य की होने की संभावना नहीं होती है मीठे चावलों का भोग लगाते हुए ऊपर दी गई कलाम का 41 दिनों तक नित्य 1111 बार जब करना उसी स्थान पर सोना है एक चिराग लगाना है लोबान की धूनी कुर्ता पजामा पहन कर आसन के ऊपर विराजमान होकर और वातावरण को सुगंधित करके आपने पूर्ण रूप से यह क्रिया करनी है 41 दिनों में आपको एक बुजुर्ग दिखाई देते हैं वही अल्लाह पाक हैं आपको वह वाइट कलर की वाणी में आपके पास आते हुए दिखाई देते हैं और उर्दू भाषा में बात करते हैं विभिन्न प्रकार के रोजे से एवं पीरों फकीरों के दर्शन होते हैं यह साधना सिद्धि का संकेत है ज्यादा जानकारी के लिए मेरे युटुब चैनल सनी नाथ पर जरूर विजिट करें सब्सक्राइब करें बैल आइकन पर क्लिक करें वहां पर लाइव चैट के सारे वीडियो देखें और मेरे साथ बात कर सकते हो बाकी की सर्विस पेड़ है आप अरदास लगवा कर अथवा मेरे साथ कंसल्ट भी कर सकते हो जिसकी जानकारी मेरे यूट्यूब चैनल और मेरी वेबसाइट पर लिखित में मिल जाएगी आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा ।