कैसे पता करें आपके कुलदेवता कुलदेवी कौन है ध्यान से करें ये उपाय खुद ब खुद स्वपन में पता लगेगा आप के कुल देवता और कुलदेवी के बारे में

 आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ में सनी शर्मा एक बार फिर से आप सभी के लिए एक अनुभूत प्रयोग लेकर आए हो यह प्रयोग किसी किताब बुक इंटरनेट की दुनिया में आपको नहीं मिलना है यह हमारी आजमाइश है यह कुदरती आवाजों और अगम की वाणी से प्राप्त हुई गुरु पीरों पैगंबरों की कृपा से यह उपाय और यह टोटके मिले हैं जो आप तक पहुंचा रहे हैं जन कल्याण हेतु यहां पर मैं प्रकाशित कर रहा हूं ज्यादा जानकारी के लिए मेरी वेबसाइट को अच्छे से पढ़ ले यूट्यूब चैनल सनी नाथ को सब्सक्राइब और बैल आइकन पर क्लिक करें लाइट में मेरे साथ फ्री में बात कर सकते हैं बाकी की सर्विस पेड़ है जिनकी जानकारी मेरी वेबसाइट और यूट्यूब के बॉक्स में मिलेगी व्हाट्सएप पर मैसेज छोड़ने का कोई फायदा नहीं कोई भी साधना सिद्धि करनी है आप मेरे साथ में कर सकते हैं पूर्ण रुप से साधना के अनुसार ही भोग प्रसाद एवं खर्चा रहता है वह आपको देना पड़ता है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ सनी नाथ शर्मा।

आपको उपाय मंगलवार गुरुवार शनिवार रविवार किसी भी दिन से शुरू कर सकते हैं शुक्ल पक्ष के दिन ही जुड़ने है पूर्णमासी का दिन सबसे बेस्ट दिन रहेगा अगर पूर्णमासी किसी मंगलवार गुरुवार शनिवार अथवा रविवार को पड़ती है तब आपने प्रयोग करना है याद रखना 11 या 16 कोई भी बाहर होगा इतने ही व्रत और इतने दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ेगा कठोर तपस्या है इसमें आपको मंत्र नहीं जब मात्र उपाय करना है एक सुपारी ले लेनी है उस सुपारी को 5 मई से स्नान करा लेना अगर आप कुलदेवी के बारे में जानना चाहते हो तो हल्दी और लाल सिंदूर का तिलक कर देना कुलदेवता के बारे में जानना चाहते हो तो चंदन पीला चंदन का दोनों में से एक लेना आप जो भी हो मेरे सामने आओ स्वप्न में मेरे साथ वार्तालाप कर कर जाओ इतना सा आपने बोलना है यह बोलने से पहले आपने सुपारी को हाथ में पकड़ कर तिलक लगाते वक्त अरदास करनी है जिसमें आपने अपना नाम अपने पिताजी का नाम अमोको गोत्र की गोत्र के अनुसार जो भी मेरे कुल देवता या कुलदेवी निकलते हैं मुझे अपना दर्शन दे अथवा मेरे ऊपर कृपा बनाए रखें मैं साधना के मार्ग पर चलना चाहता हूं और आपकी कृपा दृष्टि से ही और आपके सानिध्य में चलना चाहता हूं यह बोलना है और सुपारी को आपने रात्रि को सोते वक्त अपने सिरहाने या तकिए के नीचे रखने का याद रखना संभोग सुख नहीं लेना है खाली 11 दिन का व्रत रखा है तो उसके बीच में जो दिन आएंगे उसमें भी आप संभोग नहीं कर सकते हो यह आपकी क्षमता के ऊपर भावना के ऊपर माने नहीं माने के ऊपर डिपेंड करता है दर्शन आपको पहले दिन भी हो सकते हैं दर्शन आपको लास्ट वाले दिन भी हो सकते हैं व्रत रखना है उसे सिर्फ फल खाने है एक टाइम खाना नहीं खा सकते हो आप कठिन कठोर तपस्या है गुरुओं के मुख से निकले हुए हैं कोई मंत्र जपने की जरूरत नहीं है मात्र 5 मिनट की यह क्रिया करनी है और आपको सो जाना है रात्रि में ही दर्शन भी हो जाएंगे बात में भी करके जाएंगे और आपको मार्गदर्शन भी करेंगे क्योंकि यह आजमाइश है हंड्रेड परसेंट ऐसा टोटका ना कभी किसी किताब में मिलेगा ना किसी ने लिखा है और ना ही आप स्टोर को कैसे प्राप्त कर पाओगे पूर्ण रूप से गुरु कृपा गुरु के सानिध्य में चलते हुए ऐसी चीजें प्राप्त की है आदेश आदेश जय गुरु गोरखनाथ ।

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