क्यों नही मिलता पूजा का फल? भक्ति में कमी या गलती KYU NAHI MILTA HAI PUJA KA FAL BHAGATI MAIN KAMI JA GALTI

क्यों नही मिलता पूजा का फल? भक्ति में कमी या गलती

हम सब कुछ न कुछ पूजा जप अनुष्ठान करना चाहते है या करते है, चाहे वो भक्ति भाव के कारण हो या चाहे किसी कामना पूर्ति हेतु। इस के लिए सब ही पंडित ब्राह्मण देवता को आमंत्रित करके पूजा इत्यादि करवाते हैं पर फिर भी उनको मनोवांछित फल नहीं मिलता। ऐसा क्यों होता है जानते हैं:

वैदिक शास्त्रीय पद्धति में महर्षि कृष्ण द्वैपायन व्यास जी ने हर सनातनी के लिए जरूरी षोडश संस्कार बताए हैं। पर आज कल ये सनातन संकृति विलुप्त होती जा रही है।न तो हिंदू के सिर पर शिखा है, न ही तिलक, ना ही जिह्वा पर भगवान नाम। हिंदू होने का पाखंड करते हैं बस फालतू टैटू बनवा कर, या इंस्टाग्राम पर हिंदू होने की रील डाल कर। ऐसे नही बनते हिंदू। जब किसी पर शास्त्रीय हिंदू होने के चिन्ह नही है तब भगवान अपनी पूजा करने वाले लोगो को कैसे पहचानें? यद्यपि भगवान सर्वज्ञ हैं, पर फिर भी, अगर आप भगवान के भेजे गए महात्मा और भगवान और संतो की ही वाणी का अपमान करेंगे या उनको नही मानेंगे तब आपको किसी भी कर्म का पूर्ण फल कैसे मिलेगा?किसी ऑफिस में जाते हैं सरकारी हो या प्राइवेट सब जगह ड्रेस कोड होता है, आर्मी पुलिस आदि इत्यादि में भी ड्रेस कोड है ताकि उनके लोग अलग से पहचान आए। एंबुलेंस पर बत्ती होती है एक सायरन होता है, बिना उसके बजे कोई कैसे जाए की एंबुलेंस है? 

इस ही तरह भगवद भागती दिखावा करके नही बल्कि भगवद चिन्ह धारण करके होती है। अरे अगर तुमको भूख लगी है और घर पर खाना नही है तो तुम बाजार से खाना ले कर आओगे या मंगवाओगे, अब बीच रास्ते में कोई देख कर ये बोले कि भूखा होने का दिखावा करता है तो उसको घर के हालात दिखाना जरूरी हो नही? खाना खाना है क्योंकि तुमको भूख लगी है, तिलक आदि शास्त्रीय चिन्ह धारण करने है क्योंकि भगवान तुमको चाहिए। नही करोगे तो ऐसा नहीं की भगवान सुनेगे नही या मारेंगे, पर अपने कंपनी के बंदे को हर बॉस पूछता ही है, चाहे डांट कर ही पूछे पर बात तो करेगा ही।

इस लिए शास्त्रीय चिन्ह धारण करें। भगवान की पूजा भगवान जैसा बन कर ही की जाती है।पर ऐसा नहीं की कृष्ण पूजा करने के लिए चीर हरण की जिद्द करने लगो, अगर ऐसा है तो पहले गोवर्धन उठाओ, विष युक्त यमुना जी में तैर कर कालिया नाग भगाओ फिर बात करना।



No comments:

Post a Comment